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UP: 'अशिक्षित और सुंदर लड़कियां', बाड़मेर और सीकर गया था सुहेल; लॉरेंस विश्नोई और सरदार नाम से बनाए थे ग्रुप

अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी/गाजियाबाद Published by: Sharukh Khan Updated Mon, 23 Mar 2026 09:45 AM IST
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सार

देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की रेकी और जासूसी गिरोह के मुख्य आरोपी सुहेल के राजस्थान के सीकर और बाड़मेर जिलों में जाने के सुराग एसआईटी को मिले हैं। पाकिस्तान से जासूसी गिरोह को संचालित कर रहे सरदार उर्फ सरफराज ने महिला आरोपी साने इरम उर्फ महक को ग्रुप में कम पढ़ी-लिखी और सुंदर हिंदू लड़कियों को जोड़ने का काम सौंपा था। 

Uneducated and beautiful girls were to be included in group Suhel visited Barmer and Sikar SIT uncovers leads
ghaziabad spying case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की रेकी और जासूसी के खुलासे के बाद कई राज्यों में हलचल मचने के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है। खाटू श्याम मंदिर की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजे जाने की बात सामने आने पर राजस्थान पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। 
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सूत्रों के अनुसार, गिरोह के मुख्य आरोपी सुहेल के राजस्थान के सीकर और बाड़मेर जिलों में जाने के सुराग एसआईटी को मिले हैं। इसको लेकर राजस्थान पुलिस ने गाजियाबाद पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ भी की है।
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देश की जासूसी कर रहे गिरोह के तार दिल्ली से लेकर मुंबई, राजस्थान, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर तक जुड़ चुके हैं। सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर हिंदुओं का प्रमुख धर्म स्थल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। 

वहीं, बाड़मेर पाकिस्तान सीमा के बेहद करीब है और लगभग 200 किलोमीटर सीमा साझा करता है। इस वजह से सुहेल के वहां जाने की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

 

डीसीपी सिटी धवल जयसवाल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई तथ्य सामने आए हैं। इनके सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। कुछ गंभीर सूचनाओं को सत्यापित किया जा रहा है।

ग्रुप में शामिल करनी थीं अशिक्षित व सुंदर लड़कियां
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान से जासूसी गिरोह को संचालित कर रहे सरदार उर्फ सरफराज ने महिला आरोपी साने इरम उर्फ महक को ग्रुप में कम पढ़ी-लिखी और सुंदर हिंदू लड़कियों को जोड़ने का काम सौंपा था। उन्हें रेकी व जासूसी के लिए तैयार करना था। हालांकि, इरम इस काम को पूरा नहीं कर पाई। इस मामले में धर्मांतरण का अंदेशा भी जताया जा रहा है।

 

अब तक हुई गिरफ्तारियां
सुहेल मलिक उर्फ रोमियो, साने इरम उर्फ महक, प्रवीन, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि, रितिक गंगवार, गणेश, विवेक, गगन कुमार प्रजापति, दुर्गेश, नौशाद अली और मीरा ठाकुर। इसके अलावा पुलिस ने छह नाबालिगों को भी पकड़ा है।

एटीएस की लिस्ट में शामिल समसू खान से जुड़े थे मीरा के तार
देश की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार मथुरा निवासी मीरा ठाकुर के तार देश के बड़े अवैध हथियार तस्करों से जुड़ते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि उसका सीधा संबंध एटीएस की सूची में शामिल कुख्यात तस्कर समसू खान उर्फ रेहान से था। इस खुलासे के बाद एटीएस व अन्य एजेंसियों की जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है।

 

रविवार को पुलिस ने मीरा ठाकुर को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि वह देश में अवैध हथियारों और नकली नोटों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़ी थी। सूत्रों के मुताबिक, वह एक ऑनलाइन ग्रुप के जरिये हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क संचालित कर रही थी। इसमें जासूसी गिरोह के मुख्य आरोपी सुहेल समेत कई लोग जुड़े थे।

इससे पहले 24 जुलाई 2025 को दिल्ली की स्पेशल सेल ने मीरा को गिरफ्तार किया था। तब मथुरा स्थित उसके घर से .32 बोर के कारतूस बरामद हुए थे। जांच में खुलासा हुआ था कि मीरा पति से अलग होने के बाद समसू खान के संपर्क में आई और उसके निर्देश पर मध्य प्रदेश से हथियारों की तस्करी शुरू कर दी। इसके बाद उसने मुंबई, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब तक नेटवर्क फैला लिया।

सूत्रों के अनुसार समसू खान, जो एटीएस के निशाने पर था, गिरफ्तारी से बचने के लिए पश्चिम बंगाल के हुगली में छिप गया था। वहीं से सोशल मीडिया के जरिये गिरोह संचालित कर रहा था। हालांकि, मीरा की निशानदेही पर 25 जुलाई 2025 को उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले में मीरा करीब दो महीने तक तिहाड़ जेल में रही। जमानत पर बाहर आने के बाद वह सुहेल, नौशाद, इरम और दुर्गेश के संपर्क में आकर नए गिरोह से जुड़ गई।

 

डीसीपी सिटी धवल जयसवाल ने बताया कि मीरा के पूर्व में भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आई है। उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उनकी पड़ताल की जा रही है।
 

पुलिस के रडार पर आने के बाद बनी मुखबिर
सूत्रों के अनुसार, मीरा ठाकुर का मुख्य ठिकाना मुंबई था। वह अक्सर महाराष्ट्र आती-जाती रहती थी। वहां उसके कई बड़े तस्करों और गैंगस्टरों से संबंध थे। सूत्रों के अनुसार, मीरा ने कौशांबी मामले में गिरफ्तार होने के बाद पूछताछ में बताया कि मुंबई में वह जिन लोगों के साथ रहती थी, उनका उस दौरान किसी से विवाद हुआ, तब मीरा पुलिस के रडार पर आई। 

 

मीरा से पूछताछ और छानबीन में मुंबई पुलिस को कई बड़े गिरोह व अन्य अपराधियों का पता चला। इसके बाद पुलिस ने उसे मुखबिर के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू किया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पंचर की दुकान की आड़ में रेकी
मामले में गिरफ्तार नौशाद अली बिहार से निकलकर फरीदाबाद, दिल्ली और गुरुग्राम में टायर पंचर की दुकान चलाता था। इसी आड़ में वह संवेदनशील स्थानों की रेकी कर फोटो, वीडियो और जीपीएस लोकेशन सरदार को भेजता था।

 

लॉरेंस विश्नोई और सरदार नाम से बनाए थे ग्रुप
सूत्रों के अनुसार, सुहेल गैंग जिन व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े थे, उनमें से एक लॉरेंस विश्नोई 007 और दूसरा सरदार नाम से बना था। साथ ही कई अन्य बड़े आपराधिक गतिविधि वाले लोगों के नाम से भी व्हाट्सएप ग्रुप बने हुए थे। 

 

सरदार ने जिस ग्रुप को बनाया, वह उसके ही नाम से था। हालांकि, मामले में लॉरेंस विश्नोई से जुड़ी कोई बात सामने नहीं आई है। अंदेशा है कि गुमराह करने के लिए आरोपियों ने ग्रुप का नाम ऐसा रखा।
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