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Greater Noida: बोड़ाकी बनेगा आनंद विहार टर्मिनल का विकल्प, बदली योजना के तहत 99 एकड़ अधिक जमीन होगी अधिगृहीत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 03 Apr 2026 02:51 AM IST
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सार
रेल मंत्रालय के प्रस्ताव पर अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अतिरिक्त जमीन की खरीद की तैयारी शुरू कर दी है। पहले यहां 39 एकड़ जमीन अधिगृहीत की जानी थी। इसमें अब 99 एकड़ की बढ़ोतरी की गई है जिससे करीब 13 यात्री प्लेटफाॅर्म बनाए जा सकेंगे।
आनंद विहार टर्मिनल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बोड़ाकी को आनंद विहार टर्मिनल के विकल्प के रूप में तैयार किया जाएगा। रेलवे मंत्रालय के प्रस्ताव पर अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अतिरिक्त जमीन की खरीद की तैयारी शुरू कर दी है। पहले यहां 39 एकड़ जमीन अधिगृहीत की जानी थी। इसमें अब 99 एकड़ की बढ़ोतरी की गई है जिससे करीब 13 यात्री प्लेटफाॅर्म बनाए जा सकेंगे।
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नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने की वजह से भी यहां आने वाले वर्षों में यात्रियों का दबाव बढ़ने की संभावना है। ऐसे में इस क्षेत्र को बस और मेट्रो सेवा से भी जोड़ने की तैयारी है। प्रस्तावित टर्मिनल के बनने से गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के यात्रियों को दिल्ली या आनंद विहार नहीं जाना होगा। इससे नई दिल्ली और आनंद विहार में बढ़ती भीड़ का दबाव भी कम होगा। इसे नोएडा एयरपोर्ट, जेवर व यमुना सिटी से भी सीधे जोड़ने की योजना है।
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सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि नए प्लॉन में यहां करीब 138 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। ऐसे में आसपास के सात गांवों में जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। बोड़ाकी रिडेवपलमेंट की संशोधित योजना की वजह से यहां से प्रभावित लोगों को जमीन के बदले जमीन देने के लिए करीब 250 एकड़ जमीन की खरीद की जानी है।
प्राधिकरण इसके लिए मुआवजे की नई दरें तय करेगा। जिसके आधार पर जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
परियोजना पर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में विकसित हो रहे मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के फेज-2 के रूप में काम होना तय हुआ है। फेज-1 के लिए टेंडर प्रक्रिया चालू है। जल्दी ही यहां 358 एकड़ में करीब 1700 करोड़ रुपये का निवेश कर निजी कंपनी की मदद से काम शुरू होगा।
इन गांवों की जमीन होगी अधिगृहीत
प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक सात गांवों में रेल संशोधन अधिनियम 2008 की धारा 20ए के अंतर्गत जमीन अधिगृहीत की जाएगी। चमरावली, बोड़ाकी, दादरी, तिलपता करनवास, पाली, पल्ला और चमरावली रामगढ़ गांव में इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस जमीन अधिग्रहण से एक हजार से अधिक किसान प्रभावित होंगे। ऐसे में उनको मुआवजा के साथ भूखंड का विकल्प चुनने का मौका होगा।
आईएसबीटी भी यहां होना विकसित
आनंद विहार की तरह ही यहां रेलवे स्टेशन के अलावा इंटरस्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) भी विकसित किया जाना है। मेट्रो सेवा भी यहां से मिलेगी। जो एक्वा मेट्रो के डिपो से बोड़ाकी तक विस्तार में मिलनी है। ऐसे में एक ही परिसर में रेल, मेट्रो और बस की सुविधा यात्रियों को मिल जाएगी। यहां अब 12 से 13 प्लेटफॉर्म और लगभग 63 यार्ड लाइनें बनाई जाएंगी। इससे 100 से अधिक ट्रेनें जिनमें वंदे भारत और सुपरफास्ट एक्सप्रेस शामिल यहां रूकेंगी।
रेलवे चेयरमैन ने बदली पूरी योजना
अधिकारियों के मुताबिक पिछले दिनों यूपी सरकार और ग्रेनो प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक रेलवे के अधिकारियों के साथ रही। जिसमें रेलवे चेयरमैन ने यह सुझाव दिया कि भविष्य में आनंद विहार टर्मिनल पर नई ट्रेनों के रुकने के लिए संसाधन नहीं बचेंगे। ऐसे में एक विकल्प की तलाश करनी चाहिए। ग्रेटर नोएडा में यह विकल्प बन सकता है। यहां केवल माल ढुलाई का केंद्र बनाए जाने की जगह इसे यात्री सेवाओं के रूप में भी विकसित करना चाहिए। इसकेे बाद ग्रेटर नोएडा टर्मिनल विकसित किए जाने किए जाने की इस योजना पर काम शुरू किया गया है।
ग्रेटर नोएडा टर्मिनल से केवल रेल ही नहीं बस और मेट्रो भी जुडेंगीं। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र नए ट्रांजिट हब और औद्योगिक निवेश का केंद्र बनेगा। यहां 105 मीटर रोड का विस्तार और बोड़ाकी में मल्टीमाॅडल ट्रांजिट हब तेजी से तैयार किया जाना है। जमीन खरीद की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। मुआवजा दरें संशोधित किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यहां प्रभावित किसानों को विकसित सेक्टरों में छह प्रतिशत भूखंड दिए जाएगे।
- एनजी रवि कुमार, सीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण