{"_id":"6a7d168316e6b3dc9709ed7c","slug":"greater-noida-kidnapped-and-extorted-money-by-posing-as-special-task-force-stf-police-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Greater Noida: स्पेशल 26 की तर्ज पर फर्जी पुलिस बनकर किया अगवा, वसूली फिरौती; पांच गिरफ्तार और दो की तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Greater Noida: स्पेशल 26 की तर्ज पर फर्जी पुलिस बनकर किया अगवा, वसूली फिरौती; पांच गिरफ्तार और दो की तलाश
Thu, 13 Aug 2026 06:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 13 Aug 2026 06:27 AM IST
सार
महंगे शौक की वजह से कर्ज में डूबे आरोपियों ने पैसे जुटाने के लिए छह माह तक रेकी कर वारदात को अंजाम दिया था।
विज्ञापन
UP police
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्पेशल 26 फिल्म की तरह फर्जी पुलिस बनकर जीएसटी सलाहकार को अगवा कर फिरौती वसूली का खुलासा हुआ है। महंगे शौक की वजह से कर्ज में डूबे आरोपियों ने पैसे जुटाने के लिए छह माह तक रेकी कर वारदात को अंजाम दिया था। बुधवार को बिसरख कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत पांच को गिरफ्तार कर लिया। जबकि दो की तलाश जारी है। आरोपियों के पास से फिरौती की रकम के 29 लाख रुपये (24.50 लाख नगद व 4.50 लाख के जेवरात), दो कार, 7 मोबाइल और दिल्ली सिविल डिफेंस व यूपी पुलिस की वर्दी बरामद हुई है।
विज्ञापन
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया आरोपियों की पहचान कशिश चौहान उर्फ ईशु निवासी बिजनौर, राजेश पवार निवासी दिल्ली, विवेक शर्मा निवासी मथुरा, अंकित शाही निवासी देवरिया और अंशुल निवासी एटा के रूप में हुई है। मुख्य आरोपी कशिश चौहान उर्फ ईशु सलारपुर में किराये पर रहता था। उसका भाई लवली स्पा सेंटर संचालक है। मामले में लवली और चांद की तलाश जारी है।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक ईशू को महंगी रील बनाने का भी शौक था। वारदात के बाद वह फ्लाइट से बंगलूरू घूमकर आया था। बरेली में महिला मित्र से भी मिला था। ईशू की शादी नहीं हुई है। वारदात में अंकित की कार का घटना में प्रयोग किया गया। वहीं अंशुल की कार से रेकी की गई थी।
विज्ञापन
दर्ज मामले के मुताबिक 20 जुलाई को जीएसटी सलाहकार संदीप कुमार सोसाइटी से निकले थे। कार में उनका पालतू कुत्ता और लैपटॉप था। तभी कुछ लोगों ने अपनी कार पीड़ित की कार के आगे लगा दी और फर्जी पुलिस व जीएसटी अधिकारी बनकर संदीप की कार में बैठ गए। 10 थाना क्षेत्रो से कार गुजरी पर किसी का उस पर ध्यान नहीं गया। आरोपियों ने पीड़ित को दो कंपनियों का नाम बताकर पर्जी ई-वे बिल व सत्यापन का कार्य करने के नाम पर ब्लैकमेल किया और 29 लाख रुपये की वसूली की। घटना की एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने पांच टीमें गठित की थी।
खुलासे के बाद भी पुराने दावे पर कायम है पुलिस
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने दावा किया था कि पीड़ित अपनी मर्जी से कार में गया था, लेकिन अब जब खुलासा हुआ है तो पूरा मामला उल्टा निकला है। हालांकि पुलिस पुराने दावे पर कायम है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित जीएसटी के मुकदमे को रफा-दफा करने के मकसद से ही कार में बैठकर आरोपियों के साथ घूमता रहा। पैसा देने के बाद आरोपियों ने उसे छोड़ भी दिया।
पालतू कुत्ते की फुटेज देख आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने बताया कि पीड़ित ने सफेद रंग की अर्टिगा कार होने की जानकारी दी थी। जांच में पता चला कि कार अर्टिगा नहीं थी। इसका पता पीड़ित के पालतू कुत्ते से चला। एडीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने पीड़ित की कार से पालतू कुत्ते को साथियों की कार में भेज दिया था। नोएडा में ही आरोपियों की कार पंप पर पेट्रोल लेने रुकी थी। वहां सीसीटीवी फुटेज में कार में कुत्ता दिखा। जिससे आरोपियों की कार की पहचान हो गई। पुलिस ने कार का पता लगाकर आरोपियों तक पहुंच गई।
हवाला लेने-देन की जांच शुरू, जीएसटी को भेजेंगे पत्र
पुलिस ने बताया कि पीड़ित करीब चार घंटे बाद डायल-112 पर फोन कर वारदात की सूचना दी। पुलिस पैसों का इंतजाम हवाला के माध्यम से करने की जांच कर रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़ित जीएसटी चोरी की रकम को कम करने का दावा करता है। इसके बदले वह उद्यमियों से मोटी फीस लेता है। इसके दस्तावेज मिले हैं। इस संबंध में जीएसटी विभाग को पत्र भेजकर जांच करने को कहा जाएगा।