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Ground Report: एम्स और मैक्स साकेत के आसपास का रिहायशी इलाका बना होटल हब, कई स्टे में न किचन; और न खिड़कियां

ज्योति सिंह/चिराग गुप्ता, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 05 Jun 2026 03:13 AM IST
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सार

एम्स, मैक्स साकेत, पीएसआरआई और अन्य बड़े अस्पतालों की नजदीकी के कारण साकेत और आसपास के रिहायशी इलाकों में बड़ी संख्या में मकान होटल, होम स्टे और सर्विस अपार्टमेंट में तब्दील हो चुके हैं।

Ground Report: Residential area around AIIMS and Max Saket has become a hotel hub
बेड से उतरते ही कमरा खत्म। न किचन, न खिड़की... - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

मालवीय नगर स्थित फ्लॉरिश स्टे में आग की घटना के बाद जब आसपास के होम स्टे, होटल और गेस्ट हाउसों की पड़ताल की गई, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। एम्स, मैक्स साकेत, पीएसआरआई और अन्य बड़े अस्पतालों की नजदीकी के कारण साकेत और आसपास के रिहायशी इलाकों में बड़ी संख्या में मकान होटल, होम स्टे और सर्विस अपार्टमेंट में तब्दील हो चुके हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध विवरण और ग्राहकों के रिव्यू बताते हैं कि अधिकांश स्टे में अटैच किचन और खाना बनाने की सुविधा तक उपलब्ध कराई जा रही है। कई जगह कमरों में खिड़कियों और पर्याप्त वेंटिलेशन की कमी की शिकायतें भी यहां ठहरे हुए लोगों ने दर्ज कराई हैं।



मरीजों के तीमारदारों की वजह से बढ़ती मांग ने रिहायशी मकानों को व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र में बदल दिया है। कई मकानों में एक-एक मंजिल पर कई कमरे बनाकर उन्हें होटल या होम स्टे के रूप में संचालित किया जा रहा है। ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर मौजूद जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में होम स्टे और सर्विस अपार्टमेंट में किचनेट, गैस स्टोव और खाना बनाने की सुविधा दी जा रही है। ऑनलाइन रिव्यू में कई ग्राहकों ने छोटे कमरों, सीमित वेंटिलेशन और खिड़कियों के अभाव की शिकायत की है। कुछ स्टे ऐसे भी मिले जिनके कमरों की तस्वीरों में बाहरी वेंटिलेशन का था।
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एक ग्राहक ने बताया, कि कमरों में लगे इलेक्ट्रिक स्विच खराब पड़े हैं। उन्हें काले टेप से चिपकाया गया है। कई होटलों में लगे एसी की सर्विसिंग भी पूरी नहीं है। कई जगह एसी देखकर लगा कि सस्ते दामों पर खरीदकर पुराने लगा दिए गए हैं। छोटे होटल संचालक प्रोपराइटरशिप में खुद को पंजीकृत करके ऑनलाइन बुकिंग साइट पर प्रोपर्टी की लिस्टिंग करते हैं जहां उन्हें सिर्फ जीएसटी की आवश्यकता होती है। अधिकतर के पास न तो अग्नि अनापत्ति प्रमाण पत्र है, और न ही व्यावसायिक कामों की पर्याप्त अनुमति।
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जैसी पार्टी, वैसा पैसा..
स्थानियों का आरोप है, कि ये होटल संचालक सामने वाली पार्टी के मुताबिक होटल रूम की कीमत तय करते हैं। जो कमरे भारतीयों को 1500 से 2000 रुपये में उपलब्ध कराए जाते हैं। वही कमरे विदेशी ग्राहकों को 5000 से 7000 रुपये में दिए जाते हैं। कमरा वही, सुविधा भी वही लेकिन कीमत हैसियत के मुताबिक। एक अफ्रीकी महिला ने बताया कि एक रात ठहरने के एवज में 5000 रुपये लिए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा किराया घर जैसा अनुभव देने के नाम पर होम स्टे चला रहे संचालक वसूल रहे हैं।

सबकी मिलीभगत
सूत्रों के मुताबिक होटल संचालकों का मिलीभगत है। खासतौर पर अस्पताल और विदेशी नागरिकों के बीच मीडिएटर बने दुभाषिया जिसे आमतौर पर अस्पतालों या विदेशी नागरिकों की ओर से नियुक्त किया जाता है। वे न सिर्फ अस्पतालों में इन विदेशी नागरिकों को इलाज में मदद करते हैं, बल्कि आसपास के होटल मालिकों से मिलीभगत कर उनके होटलों में रहने के लिए विदेशी नागरिकों को सलाह भी देते हैं। इसमें कई मेडिकल टूरिस्ट कंपनियां भी शामिल हैं।

अस्पताल, मेट्रो और एयरपोर्ट की नजदीकी ने बढ़ाई मांग
होम स्टे, सर्विस अपार्टमेंट और छोटे होटलों की संख्या इस इलाके में बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह मैक्स अस्पताल की नजदीकी, मेट्रो कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट तक आसान पहुंच मानी जाती है। पड़ताल में सामने आया कि कई मकान पूरी तरह व्यावसायिक गतिविधियों में बदल चुके हैं। एक कमरे से लेकर पूरे फ्लोर तक किराये पर उपलब्ध हैं। कई होम स्टे खुद को हॉस्पिटल व्यू, मैक्स के सामने, मेट्रो से कुछ मिनट की दूरी और एयरपोर्ट कनेक्टेड बताकर ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।

संकरी गलियों के बीच फल-फूल रहा होटल का धंधा
मैक्स अस्पताल के ठीक सामने बसे फार्मेसी की दुकानों के ठीक पीछे संकरी गलियों में छोटे-छोटे होटल और होम स्टे चल रहे हैं। कुछ ने तो अपनी इमारतों में होटल का बोर्ड या संकेत चिन्ह तक नहीं लगाया है। ये छोटे होटल और स्टे संचालक ऑनलाइन बुकिंग के जरिये ग्राहकों को आमंत्रित करते हैं, और उन्हें ठहराते हैं। ये गलियां इतनी संकरी हैं, कि यदि कोई आगजनी हो जाए तो दमकल विभाग की गड़ियां भी वहां नहीं जा सकती। बता दें, फार्मेसी दुकानों की इसी कतार में फ्लोरिश-इन होटल भी बना हुआ है।

फ्लॉरिश स्टे हादसे के बाद कई होटलों पर ताले, संचालक गायब
मालवीय नगर स्थित फ्लॉरिश स्टे में लगी भीषण आग के बाद आसपास के होटल, गेस्ट हाउस और स्टे संचालकों में हड़कंप मच गया है। हादसे के अगले ही दिन कई होटलों के शटर गिरे मिले, जबकि कुछ ठिकानों पर ताले लटके दिखाई दिए। स्थानीय लोगों और दुकानदारों का कहना है कि आग की घटना के बाद से कई होटल संचालक नजर नहीं आए और कुछ ने आनन-फानन में अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। इलाके में एम्स, मैक्स साकेत और अन्य बड़े अस्पतालों की वजह से बड़ी संख्या में होटल, गेस्ट हाउस और सर्विस अपार्टमेंट संचालित होते हैं। यहां देशभर से इलाज कराने आने वाले मरीजों के परिजन ठहरते हैं। फ्लॉरिश स्टे हादसे के बाद प्रशासन और जांच एजेंसियों की कार्रवाई की आशंका के चलते कई होटल संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान अस्थायी रूप से बंद कर दिए।

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