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Gurugram News: चार साल पुराने गैंगरेप केस में चारों दोषियों को 20-20 साल की सजा
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तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाया फैसला
पीड़िता गवाही से मुकर गई, फिर भी वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराध साबित
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। वर्ष 2022 में थाना आदर्श नगर क्षेत्र में दर्ज सामूहिक दुष्कर्म के मामले में करीब चार वर्ष बाद अदालत ने फैसला सुनाते हुए चारों आरोपियों को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने सोमवार 27 जुलाई को प्रत्येक दोषी को गैंगरेप के अपराध में 20-20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
वहीं दो दोषियों प्रशांत कुमार उर्फ आलोक और ऋषिराज को आईटी एक्ट के तहत दो वर्ष के कठोर कारावास की अतिरिक्त सजा दी गई। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बयाया कि जुलाई 2022 में महिला ने थाना आदर्श नगर में सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर विशेष टीम गठित करते हुए जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान प्रशांत कुमार उर्फ आलोक, मनजीत, ऋषिराज और पंकज के रूप में हुई थी। सभी आरोपी हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं और घटना के समय बल्लभगढ़ क्षेत्र में रह रहे थे।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए। अनुसंधान पूरा होने के बाद 27 सितंबर 2022 को पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। उप जिला न्यायवादी (डीडीए) डॉ. रेखा जांगड़ा ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता अपनी पूर्व गवाही से मुकर गई थी। इसके बावजूद अभियोजन पक्ष ने डिजिटल, वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अदालत के समक्ष प्रभावी पैरवी की, जिससे आरोपियों के खिलाफ अपराध सिद्ध हो गया।फरीदाबाद पुलिस ने इस फैसले को साक्ष्य आधारित जांच और अभियोजन की प्रभावी कार्यप्रणाली का परिणाम बताया है।
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पीड़िता गवाही से मुकर गई, फिर भी वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराध साबित
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। वर्ष 2022 में थाना आदर्श नगर क्षेत्र में दर्ज सामूहिक दुष्कर्म के मामले में करीब चार वर्ष बाद अदालत ने फैसला सुनाते हुए चारों आरोपियों को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने सोमवार 27 जुलाई को प्रत्येक दोषी को गैंगरेप के अपराध में 20-20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
वहीं दो दोषियों प्रशांत कुमार उर्फ आलोक और ऋषिराज को आईटी एक्ट के तहत दो वर्ष के कठोर कारावास की अतिरिक्त सजा दी गई। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बयाया कि जुलाई 2022 में महिला ने थाना आदर्श नगर में सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर विशेष टीम गठित करते हुए जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान प्रशांत कुमार उर्फ आलोक, मनजीत, ऋषिराज और पंकज के रूप में हुई थी। सभी आरोपी हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं और घटना के समय बल्लभगढ़ क्षेत्र में रह रहे थे।
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जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए। अनुसंधान पूरा होने के बाद 27 सितंबर 2022 को पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। उप जिला न्यायवादी (डीडीए) डॉ. रेखा जांगड़ा ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता अपनी पूर्व गवाही से मुकर गई थी। इसके बावजूद अभियोजन पक्ष ने डिजिटल, वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अदालत के समक्ष प्रभावी पैरवी की, जिससे आरोपियों के खिलाफ अपराध सिद्ध हो गया।फरीदाबाद पुलिस ने इस फैसले को साक्ष्य आधारित जांच और अभियोजन की प्रभावी कार्यप्रणाली का परिणाम बताया है।
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