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Gurugram News: सोहना में अमरूत-2 योजना कागजों में सिमटी
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शहरी क्षेत्र के हर घर में पहुंचना है नहरी पानी, आज तक भी नहीं मिली मंजूरी
नंबर गेम - 102 करोड़ रुपये होने हैं खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। सोहना कस्बे में अमरूत-2 योजना मात्र कागजों में सिमट कर रह गई है, जिसको आज तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। उक्त योजना पर करीब 102 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जानी तय है। ताकि शहरी क्षेत्र के हर घर को नहरी पानी उपलब्ध हो सके। वहीं, ऐसा होने से सरकार व जनस्वास्थ्य विभाग पर सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं। अधिकारीगण सरकारी मंजूरी न मिलने का कारण बतलाकर अपना पल्लू झाड़ रहे हैं।
गत करीब 3 वर्ष पूर्व जनस्वास्थ्य व अभियांत्रिकी विभाग द्वारा अटल कायाकल्प व शहरी परिवर्तन मिशन योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू किया था। ताकि शहरी लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो सके। विभाग द्वारा सोहना कस्बे के अलावा परिषद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 13 गांवों को नहरी पानी उपलब्ध कराना तय था। विभाग ने उक्त योजना का प्रस्ताव व एस्टीमेट तैयार कराकर उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया था।
क्या है योजना
सोहना जनस्वास्थ्य व अभियांत्रिकी विभाग द्वारा केंद्र सरकार द्वारा संचालित अटल कायाकल्प व शहरी परिवर्तन मिशन योजना का प्रारूप तैयार करके सरकार को भेजा था। योजना पर 102 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि खर्च करना तय था। योजना के तहत सोहना शहर के अलावा परिषद क्षेत्र के 13 गांवों को नहरी पानी उपलब्ध कराना था। इसके लिए विभाग 93 किलोमीटर लंबी पानी की लाइन बिछाएगा। इसमें डीआई पाइप का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा घामडोज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता को भी बढाकर 27 एमएलडी से 32 एमएलडी की जाएगी।
इन गांवों को होना था फायदा
अमरूत-2 योजना के शुरू हो जाने पर सोहना कस्बे के अलावा नगरपरिषद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों जखोपुर, रायपुर, लोहटकी, सांपकी नंगली, धुनेला, सोहना ढाणी, खाईका, लाखुवास, बालूदा, सिरस्का, लाखुवास आदि में रहने वाले ग्रामीणों को भी भरपूर पानी मिल सकेगा। जबकि वर्तमान में मात्र दो गांवों जखोपुर व रायपुर में ही नहरी पानी पहुंच रहा है।
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विभाग ने योजना का डिटेल एस्टीमेट उच्चाधिकारियों को भेजा हुआ है। किंतु अभी तक योजना को शुरू करने के लिए फंड्स उपलब्ध नहीं कराया है। फंड्स उपलब्ध होने के बाद योजना पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। -खुर्शीद, जेई, जनस्वास्थ्य व अभियांत्रिकी विभाग, सोहना
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नंबर गेम - 102 करोड़ रुपये होने हैं खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। सोहना कस्बे में अमरूत-2 योजना मात्र कागजों में सिमट कर रह गई है, जिसको आज तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। उक्त योजना पर करीब 102 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जानी तय है। ताकि शहरी क्षेत्र के हर घर को नहरी पानी उपलब्ध हो सके। वहीं, ऐसा होने से सरकार व जनस्वास्थ्य विभाग पर सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं। अधिकारीगण सरकारी मंजूरी न मिलने का कारण बतलाकर अपना पल्लू झाड़ रहे हैं।
गत करीब 3 वर्ष पूर्व जनस्वास्थ्य व अभियांत्रिकी विभाग द्वारा अटल कायाकल्प व शहरी परिवर्तन मिशन योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू किया था। ताकि शहरी लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो सके। विभाग द्वारा सोहना कस्बे के अलावा परिषद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 13 गांवों को नहरी पानी उपलब्ध कराना तय था। विभाग ने उक्त योजना का प्रस्ताव व एस्टीमेट तैयार कराकर उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया था।
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क्या है योजना
सोहना जनस्वास्थ्य व अभियांत्रिकी विभाग द्वारा केंद्र सरकार द्वारा संचालित अटल कायाकल्प व शहरी परिवर्तन मिशन योजना का प्रारूप तैयार करके सरकार को भेजा था। योजना पर 102 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि खर्च करना तय था। योजना के तहत सोहना शहर के अलावा परिषद क्षेत्र के 13 गांवों को नहरी पानी उपलब्ध कराना था। इसके लिए विभाग 93 किलोमीटर लंबी पानी की लाइन बिछाएगा। इसमें डीआई पाइप का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा घामडोज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता को भी बढाकर 27 एमएलडी से 32 एमएलडी की जाएगी।
इन गांवों को होना था फायदा
अमरूत-2 योजना के शुरू हो जाने पर सोहना कस्बे के अलावा नगरपरिषद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों जखोपुर, रायपुर, लोहटकी, सांपकी नंगली, धुनेला, सोहना ढाणी, खाईका, लाखुवास, बालूदा, सिरस्का, लाखुवास आदि में रहने वाले ग्रामीणों को भी भरपूर पानी मिल सकेगा। जबकि वर्तमान में मात्र दो गांवों जखोपुर व रायपुर में ही नहरी पानी पहुंच रहा है।
विभाग ने योजना का डिटेल एस्टीमेट उच्चाधिकारियों को भेजा हुआ है। किंतु अभी तक योजना को शुरू करने के लिए फंड्स उपलब्ध नहीं कराया है। फंड्स उपलब्ध होने के बाद योजना पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। -खुर्शीद, जेई, जनस्वास्थ्य व अभियांत्रिकी विभाग, सोहना