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Gurugram News: रविवार की रात को वापस आने की कहकर गए थे अंशुल और महक
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सेक्टर-57 स्थित मकान के फ्लैट में अक्तूबर 2025 से रह रहा था दंपती
फ्लैट मालिक ने बताया- दंपती के बीच नहीं थी कोई कहासुनी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। झज्जर जिले के बादली थाना क्षेत्र में पाहसौर गांव के पास पत्नी महक की गला काटकर हत्या करने वाला पति अंशुल धवन काफी शांत स्वभाव का बताया जा रहा है। गुुरुग्राम के सेक्टर-57 स्थित जिस फ्लैट में दंपती रहते थे, उस मकान के मालिक को सोमवार देर शाम तक हत्या के बारे में जानकारी नहीं थी।
अंशुल धवन द्वारा अपनी पत्नी महक की हत्या की बात सुनकर मकान मालिक आजाद सिंह दलाल को विश्वास नहीं हुआ कि अंशुल यह कदम उठा सकता है। अंशुल धवन व उसकी पत्नी महक दो दिन पहले हिसार गए थे और रविवार की रात तक वापस आने की बात कही थी। आजाद सिंह दलाल ने बताया कि न्यूज चैनल पर उन्होंने पत्नी की हत्या करने संबंधी समाचार देखा था लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया कि यह हत्या उनके ही फ्लैट में रहने वाली महक की हुई है। उन्होंने बताया कि अंशुल धवन अपनी पत्नी के साथ अक्तूबर 2025 में मकान के भूतल पर बने फ्लैट में रह रहा है। दाेनों के बीच काफी अच्छा व्यवहार था और उनके बीच कहासुनी या कोई झगड़ा नहीं था। सुबह-शाम के समय दोनों से बातचीत भी हो जाती थी।
अंशुल धवन गुरुग्राम के सेक्टर-44 स्थित एक निजी कंपनी में चार्टर्ड अकाउंटेंट है, जबकि महक सेक्टर-49 स्थित एचडीएफसी बैंक में नौकरी करती थी। मकान मालिक आजाद सिंह दलाल ने बताया कि दंपती के बीच कोई कहासुनी नहीं थी। अंशुल धवन व उसकी पत्नी रोजाना सुबह 8.30 बजे से 9 बजे के बीच नौकरी के निकलते थे और देर शाम तक ही वापस आते थे। उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 में शादी होने के बाद अंशुल धवन ने यहां फ्लैट देखा था और अपने माता-पिता के साथ फ्लैट में सामान रखने आया था। अक्तूबर 2025 से पत्नी महक के साथ रह रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार की देर शाम से सोमवार देर शाम तक वे अंशुल व महक के आने का इंतजार कर रहे थे। थो़ड़ी देर में ही वे अंशुल धवन को कॉल करके अपने के बारे में पूछने वाले थे कि रात को मैन गेट खुला रखे या बंद कर दें। अंशुल धवन द्वारा पत्नी महक की हत्या करने के बारे में उनको जानकारी नहीं थी।
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गुरुग्राम। झज्जर जिले के बादली थाना क्षेत्र में पाहसौर गांव के पास पत्नी महक की गला काटकर हत्या करने वाला पति अंशुल धवन काफी शांत स्वभाव का बताया जा रहा है। गुुरुग्राम के सेक्टर-57 स्थित जिस फ्लैट में दंपती रहते थे, उस मकान के मालिक को सोमवार देर शाम तक हत्या के बारे में जानकारी नहीं थी।
अंशुल धवन द्वारा अपनी पत्नी महक की हत्या की बात सुनकर मकान मालिक आजाद सिंह दलाल को विश्वास नहीं हुआ कि अंशुल यह कदम उठा सकता है। अंशुल धवन व उसकी पत्नी महक दो दिन पहले हिसार गए थे और रविवार की रात तक वापस आने की बात कही थी। आजाद सिंह दलाल ने बताया कि न्यूज चैनल पर उन्होंने पत्नी की हत्या करने संबंधी समाचार देखा था लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया कि यह हत्या उनके ही फ्लैट में रहने वाली महक की हुई है। उन्होंने बताया कि अंशुल धवन अपनी पत्नी के साथ अक्तूबर 2025 में मकान के भूतल पर बने फ्लैट में रह रहा है। दाेनों के बीच काफी अच्छा व्यवहार था और उनके बीच कहासुनी या कोई झगड़ा नहीं था। सुबह-शाम के समय दोनों से बातचीत भी हो जाती थी।
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अंशुल धवन गुरुग्राम के सेक्टर-44 स्थित एक निजी कंपनी में चार्टर्ड अकाउंटेंट है, जबकि महक सेक्टर-49 स्थित एचडीएफसी बैंक में नौकरी करती थी। मकान मालिक आजाद सिंह दलाल ने बताया कि दंपती के बीच कोई कहासुनी नहीं थी। अंशुल धवन व उसकी पत्नी रोजाना सुबह 8.30 बजे से 9 बजे के बीच नौकरी के निकलते थे और देर शाम तक ही वापस आते थे। उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 में शादी होने के बाद अंशुल धवन ने यहां फ्लैट देखा था और अपने माता-पिता के साथ फ्लैट में सामान रखने आया था। अक्तूबर 2025 से पत्नी महक के साथ रह रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार की देर शाम से सोमवार देर शाम तक वे अंशुल व महक के आने का इंतजार कर रहे थे। थो़ड़ी देर में ही वे अंशुल धवन को कॉल करके अपने के बारे में पूछने वाले थे कि रात को मैन गेट खुला रखे या बंद कर दें। अंशुल धवन द्वारा पत्नी महक की हत्या करने के बारे में उनको जानकारी नहीं थी।