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Gurugram News: आधुनिक मैमोग्राफी मशीन से कैंसर की जांच होगी आसान
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फिलहाल निजी क्षेत्र में करानी पड़ती है मैमोग्राफी, करीब 2500 रुपये होते हैं खर्च, अस्पताल में हो सकेगी नि:शुल्क जांच
पूनम
गुरुग्राम। सेक्टर-10 स्थित सिविल अस्पताल में अगस्त के दूसरे हफ्ते तक आधुनिक मैमोग्राफी मशीन आ जाएगी। इसकी सहायता से स्तन कैंसर की पहचान आसान हो सकेगी। डॉक्टरों के मुताबिक, बीते कुछ वर्षों में स्तन कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। निजी क्षेत्र में यह जांच करीब 2500 रुपये में होती है, अस्पताल में मशीन की सुविधा से यह सुविधा नि:शुल्क मिल सकेगी।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नीरज यादव ने अनुसार, 10 अगस्त तक मैमोग्राफी मशीन आ जाएगी। अस्पताल में पहले मैमोग्राफी मशीन थी मगर कुछ साल पहले खराब होने के कारण मैमोग्राफी टेस्ट बंद हो गया था। स्तन में गांठ की जांच अस्पताल के सवेरा केंद्र की नेत्र दिव्यांग लड़कियों द्वारा की जा रही थी।इसके आगे कैंसर की पहचान के लिए मरीजों को लैब की मदद लेनी पड़ रही थी। अस्पताल में मशीन होने से उन्हें बाहर जाकर जांच नहीं करानी पड़ेगी।
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सस्ती दवाओं की दुकान का होगा उद्घाटन
15 अगस्त को अस्पताल में एक वीटा मिल्क बूथ और अमृत योजना के तहत सस्ती दवाओं की दुकान का भी उद्घाटन होगा। वीटा मिल्क से अस्पताल जिन प्रसूति महिलाओं को दूध उपलब्ध कराता है, इस कार्य में आसानी होगी। मरीजों के लिए भी सुविधा हो जाएगी।
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आठ जिला अस्पतालों में लगेगी मैमोग्राफी मशीनें
पिछले दिनों प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव सुमिता मिश्रा ने प्रदेश में 11 फुल फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी मशीनों की खरीदारी की घोषणा की थी। हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरशन ये मशीनें खरीद रहा है। स्तन कैंसर की जांच के लिए ये मशीनें गुरुग्राम के सेक्टर 10 स्थित सिविल अस्पताल समेत पंचकूला, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत करनाल और नारनौल के जिला अस्पतालों में ये मशीन लगाई जानी है।
सवेरा ला रहा है नेत्र दिव्यांगों और मरीजों के जीवन में सवेरा
स्तन कैंसर संदिग्धों की गांठ की जांच अस्पताल में प्रशिक्षित नेत्र दिव्यांग लड़कियां करती हैं। करीब दो साल पहले मेदांता के सहयोग से सवेरा केंद्र शुरू हुआ था। नेत्र दिव्यांग लड़कियों से गांठ की जांच में महिलाओं को हिचक नहीं होती है।
वर्जन
पिछले दो साल से मेदांता और जिला अस्पताल के संयुक्त प्रयास के तहत अस्पताल आने वाली जिन महिलाओं में स्तन में गांठ की संभावना है, उनकी मैनुअल जांच प्रशिक्षित नेत्र दिव्यांग लड़कियां कर रहीं हैं। महीने में औसतन 30 ऐसे मरीज आते हैं, जिन्हें गांठ होती है।
-दीपमाला, संयोजिका सवेरा
मैमोग्राफी मशीन एक आधुनिक एक्सरे मशीन होती है, जिससे कैंसर की पहचान हो सकेगी और इलाज हो सकेगा। सवेरा में जो कार्य नेत्र दिव्यांग लड़कियां कर रहीं हैं, इससे आगे की प्रक्रिया मशीन आसान कर देगी। यह कैंसर की पहचान की दिशा में बहुत बेहतर उपाय होगा।
- डॉ. नीना गठवाल, पीएमओ जिला अस्पताल
नेशनल एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड (एनएबी) ने हमें ट्रेनिंग दी है। कैंसर की संभावनाओं की जांच के साथ-साथ मैं कंप्यूटर पर जांच की रिपोर्ट लिखने और डाटा एंट्री का काम उसी तरह कर लेते हैं, जैसे को नेत्रवान कर सकता है।
-निशा, जांच कर्मी सवेरा
दो साल से जांच कर रहीं हूं। नेत्र दिव्यांगता कहीं आड़े नहीं आती है। आत्म निर्भरता के साथ सेवा दोनों कार्य काफी संतोष देते हैं। परिवार वालोें के लिए सहारा बनी हूं।
-भावना, जांच कर्मी
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पूनम
गुरुग्राम। सेक्टर-10 स्थित सिविल अस्पताल में अगस्त के दूसरे हफ्ते तक आधुनिक मैमोग्राफी मशीन आ जाएगी। इसकी सहायता से स्तन कैंसर की पहचान आसान हो सकेगी। डॉक्टरों के मुताबिक, बीते कुछ वर्षों में स्तन कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। निजी क्षेत्र में यह जांच करीब 2500 रुपये में होती है, अस्पताल में मशीन की सुविधा से यह सुविधा नि:शुल्क मिल सकेगी।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नीरज यादव ने अनुसार, 10 अगस्त तक मैमोग्राफी मशीन आ जाएगी। अस्पताल में पहले मैमोग्राफी मशीन थी मगर कुछ साल पहले खराब होने के कारण मैमोग्राफी टेस्ट बंद हो गया था। स्तन में गांठ की जांच अस्पताल के सवेरा केंद्र की नेत्र दिव्यांग लड़कियों द्वारा की जा रही थी।इसके आगे कैंसर की पहचान के लिए मरीजों को लैब की मदद लेनी पड़ रही थी। अस्पताल में मशीन होने से उन्हें बाहर जाकर जांच नहीं करानी पड़ेगी।
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सस्ती दवाओं की दुकान का होगा उद्घाटन
15 अगस्त को अस्पताल में एक वीटा मिल्क बूथ और अमृत योजना के तहत सस्ती दवाओं की दुकान का भी उद्घाटन होगा। वीटा मिल्क से अस्पताल जिन प्रसूति महिलाओं को दूध उपलब्ध कराता है, इस कार्य में आसानी होगी। मरीजों के लिए भी सुविधा हो जाएगी।
आठ जिला अस्पतालों में लगेगी मैमोग्राफी मशीनें
पिछले दिनों प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव सुमिता मिश्रा ने प्रदेश में 11 फुल फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी मशीनों की खरीदारी की घोषणा की थी। हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरशन ये मशीनें खरीद रहा है। स्तन कैंसर की जांच के लिए ये मशीनें गुरुग्राम के सेक्टर 10 स्थित सिविल अस्पताल समेत पंचकूला, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत करनाल और नारनौल के जिला अस्पतालों में ये मशीन लगाई जानी है।
सवेरा ला रहा है नेत्र दिव्यांगों और मरीजों के जीवन में सवेरा
स्तन कैंसर संदिग्धों की गांठ की जांच अस्पताल में प्रशिक्षित नेत्र दिव्यांग लड़कियां करती हैं। करीब दो साल पहले मेदांता के सहयोग से सवेरा केंद्र शुरू हुआ था। नेत्र दिव्यांग लड़कियों से गांठ की जांच में महिलाओं को हिचक नहीं होती है।
वर्जन
पिछले दो साल से मेदांता और जिला अस्पताल के संयुक्त प्रयास के तहत अस्पताल आने वाली जिन महिलाओं में स्तन में गांठ की संभावना है, उनकी मैनुअल जांच प्रशिक्षित नेत्र दिव्यांग लड़कियां कर रहीं हैं। महीने में औसतन 30 ऐसे मरीज आते हैं, जिन्हें गांठ होती है।
-दीपमाला, संयोजिका सवेरा
मैमोग्राफी मशीन एक आधुनिक एक्सरे मशीन होती है, जिससे कैंसर की पहचान हो सकेगी और इलाज हो सकेगा। सवेरा में जो कार्य नेत्र दिव्यांग लड़कियां कर रहीं हैं, इससे आगे की प्रक्रिया मशीन आसान कर देगी। यह कैंसर की पहचान की दिशा में बहुत बेहतर उपाय होगा।
- डॉ. नीना गठवाल, पीएमओ जिला अस्पताल
नेशनल एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड (एनएबी) ने हमें ट्रेनिंग दी है। कैंसर की संभावनाओं की जांच के साथ-साथ मैं कंप्यूटर पर जांच की रिपोर्ट लिखने और डाटा एंट्री का काम उसी तरह कर लेते हैं, जैसे को नेत्रवान कर सकता है।
-निशा, जांच कर्मी सवेरा
दो साल से जांच कर रहीं हूं। नेत्र दिव्यांगता कहीं आड़े नहीं आती है। आत्म निर्भरता के साथ सेवा दोनों कार्य काफी संतोष देते हैं। परिवार वालोें के लिए सहारा बनी हूं।
-भावना, जांच कर्मी