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Gurugram News: डेटा आधारित योजना से सुधरेगी गुरुग्राम की वायु गुणवत्ता
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वायु प्रदूषण पर बड़ा कदम-एमसीजी और डब्ल्यूआरआई इंडिया के बीच समझौता
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और डब्ल्यूआरआई इंडिया के बीच वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया गया है। यह समझौता 23 मार्च 2028 तक प्रभावी रहेगा और इसका उद्देश्य शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है। इस पहल के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर गुरुग्राम में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान करेंगी। विशेष रूप से जीरो ओपन वेस्ट बर्निंग और डेब्रिज फ्री गुरुग्राम जैसे लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। डब्ल्यूआरआई इंडिया तकनीकी सहयोग, डेटा विश्लेषण और शोध के माध्यम से इस अभियान को मजबूत बनाएगा। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि यह समझौता शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर उनके समाधान के लिए प्रभावी रणनीतियां विकसित की जा सकेंगी।
एमसीजी विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करेगा और आवश्यक डेटा उपलब्ध कराएगा। साथ ही अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण, कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे कचरा प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इस दौरान अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव, संयुक्त आयुक्त डॉ. प्रीतपाल सिंह, पवन मुलुकुटला, श्रीकुमार कुमारस्वामी, भाव्य शर्मा, संजर अली, आदित्य अजिथ और नितिशा सिंह उपस्थित रहे।
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गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और डब्ल्यूआरआई इंडिया के बीच वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया गया है। यह समझौता 23 मार्च 2028 तक प्रभावी रहेगा और इसका उद्देश्य शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है। इस पहल के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर गुरुग्राम में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान करेंगी। विशेष रूप से जीरो ओपन वेस्ट बर्निंग और डेब्रिज फ्री गुरुग्राम जैसे लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। डब्ल्यूआरआई इंडिया तकनीकी सहयोग, डेटा विश्लेषण और शोध के माध्यम से इस अभियान को मजबूत बनाएगा। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि यह समझौता शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर उनके समाधान के लिए प्रभावी रणनीतियां विकसित की जा सकेंगी।
एमसीजी विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करेगा और आवश्यक डेटा उपलब्ध कराएगा। साथ ही अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण, कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे कचरा प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इस दौरान अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव, संयुक्त आयुक्त डॉ. प्रीतपाल सिंह, पवन मुलुकुटला, श्रीकुमार कुमारस्वामी, भाव्य शर्मा, संजर अली, आदित्य अजिथ और नितिशा सिंह उपस्थित रहे।
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