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Gurugram News: प्रगतिशील समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर की चर्चा
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आईडीए में महिला दिवस के अवसर पर उद्यमियों की परिचर्चा और समारोह का किया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-37 स्थित इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एसोसिएशन (आईडीए) में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं की नेतृत्व क्षमता और प्रगतिशील समाज निर्माण में उनकी भूमिका पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी विभाग की डिप्टी डायरेक्टर अलका हुड्डा रहीं, जबकि अध्यक्षता आईडीए अध्यक्ष केके गांधी ने की।
इस दौरान उद्यमियों ने उद्योग क्षेत्र में महिलाओं के योगदान और बाधाओं पर विचार रखे। ओम स्वीट्स के निदेशक सुनील कथूरिया ने बताया कि उनके यहां 150 महिला कर्मी बेहतर कार्य कर रही हैं, वहीं उद्यमी जयवीर कथूरिया ने कहा कि उनके उद्योग में 98 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं। कार्यक्रम में नेहा भदौरिया, उमेश कुमार और अन्य उद्यमियों ने भी महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में आईडीए के उपाध्यक्ष उमेश कुमार, नेहा भदौरिया, सुरेखा चावला, शिखा नरूला, रीना पुरी, इंद्र आहूजा, सुनील सिंगला, गुंजन मेहता, गौरव बंसल, जतिन ग्रोवर,रामलाल ग्रोवर, मन्नू सचदेवा आदि ने अपनी बात रखी।
सरकारी क्रच भी औद्योगिक क्षेत्र में होना चाहिए
मेरी उद्योग क्षेत्र के उद्यमियों से अपील है कि महिलाओं को रोजगार देने के साथ-साथ अपने यहां उनके लिए अनुकूल माहौल बनाएं। - डॉ. अलका हुड्डा, डिप्टी डायरेक्टर, औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा विभाग
सरकार को भी औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की सुविधा और चिकित्सा की सुविधा देने की जरूरत है। - स्नेहलता भदौरिया, उद्यमी
उद्योगों में महिलाएं ज्यादा आएं इसलिए कल्याणकारी योजनाओं को प्रोत्साहन भी दिया जाना चाहिए। सरकारी क्रच भी औद्योगिक क्षेत्र में होना चाहिए। - सुरेखा चावला, उद्यमी
उद्योग ही नहीं हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बेहतर करने के लिए सड़क पर सुरक्षा और महिलाओं को कमतर समझने का नजरिया बेहद जरूरी है। - रचना तंवर, उद्यमी
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-37 स्थित इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एसोसिएशन (आईडीए) में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं की नेतृत्व क्षमता और प्रगतिशील समाज निर्माण में उनकी भूमिका पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी विभाग की डिप्टी डायरेक्टर अलका हुड्डा रहीं, जबकि अध्यक्षता आईडीए अध्यक्ष केके गांधी ने की।
इस दौरान उद्यमियों ने उद्योग क्षेत्र में महिलाओं के योगदान और बाधाओं पर विचार रखे। ओम स्वीट्स के निदेशक सुनील कथूरिया ने बताया कि उनके यहां 150 महिला कर्मी बेहतर कार्य कर रही हैं, वहीं उद्यमी जयवीर कथूरिया ने कहा कि उनके उद्योग में 98 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं। कार्यक्रम में नेहा भदौरिया, उमेश कुमार और अन्य उद्यमियों ने भी महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में आईडीए के उपाध्यक्ष उमेश कुमार, नेहा भदौरिया, सुरेखा चावला, शिखा नरूला, रीना पुरी, इंद्र आहूजा, सुनील सिंगला, गुंजन मेहता, गौरव बंसल, जतिन ग्रोवर,रामलाल ग्रोवर, मन्नू सचदेवा आदि ने अपनी बात रखी।
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सरकारी क्रच भी औद्योगिक क्षेत्र में होना चाहिए
मेरी उद्योग क्षेत्र के उद्यमियों से अपील है कि महिलाओं को रोजगार देने के साथ-साथ अपने यहां उनके लिए अनुकूल माहौल बनाएं। - डॉ. अलका हुड्डा, डिप्टी डायरेक्टर, औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा विभाग
सरकार को भी औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की सुविधा और चिकित्सा की सुविधा देने की जरूरत है। - स्नेहलता भदौरिया, उद्यमी
उद्योगों में महिलाएं ज्यादा आएं इसलिए कल्याणकारी योजनाओं को प्रोत्साहन भी दिया जाना चाहिए। सरकारी क्रच भी औद्योगिक क्षेत्र में होना चाहिए। - सुरेखा चावला, उद्यमी
उद्योग ही नहीं हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बेहतर करने के लिए सड़क पर सुरक्षा और महिलाओं को कमतर समझने का नजरिया बेहद जरूरी है। - रचना तंवर, उद्यमी