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Gurugram News: ईडी ने अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के पूर्व सीएफओ को गिरफ्तार किया
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इंदरजीत सिंह और अन्य के खिलाफ चल रहे मामले में मंगलवार को हुई गिरफ्तारी
ईडी ने गुरुग्राम पीएमएलए कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ईडी ने मेसर्स अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (पूर्व में मेसर्स अपोलो इंटरनेशनल लिमिटेड) के पूर्व सीएफओ राकेश गुप्ता को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। ईडी ने ये गिरफ्तारी इंदरजीत सिंह और अन्य के मामले में चल रही जांच के सिलसिले में की है। ईडी की ओर से कहा गया कि यह गिरफ्तारी गुरुग्राम स्थित विशेष पीएमएलए कोर्ट द्वारा जारी चार समनों का अनुपालन न करने और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किए जाने के बाद की गई।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को गुरुग्राम विशेष पीएमएलए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। वहां से आरोपी को 5 दिन के रिमांड पर लेकर ईडी की टीम पूछताछ कर रही है। हरियाणा पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस ने इंदरजीत सिंह और उसके सहयोगियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम, बीएनएस, आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत 15 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की। इन दर्ज एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि इंदरजीत सिंह हरियाणा पुलिस के विभिन्न मामलों में वांछित है और वर्तमान में यूएई से फरार है।
फाइनेंसरों से लिया 200 करोड़ का लोन
ईडी की जांच में पता चला कि अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अन्य कुछ कॉर्पोरेट घरानों ने कथित तौर पर डीघल और झज्जर स्थित निजी फाइनेंसरों से लगभग 200 करोड़ रुपये का लोन लिया और सिक्योरिटी के तौर पर पोस्ट-डेटेड चेक जारी किए। बाद में मूलधन और ब्याज दोनों के भुगतान में चूक की। राकेश गुप्ता ने इंदरजीत सिंह को अपोलो समूह से मिलवाने और उसकी सेवाएं लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके कारण ऋणों के जबरन निपटारे और एक फाइनेंसर की कथित हत्या हुई। जांच में पता चला कि इंदरजीत सिंह डरा-धमकाकर और अपने सशस्त्र सहयोगियों/स्थानीय सशस्त्र गिरोहों का इस्तेमाल कर, विदेशों से संचालित संगठित अपराध गिरोहों की मिलीभगत से, करोड़ों रुपये के इन उच्च-मूल्य वाले निजी ऋण विवादों के जबरन निपटारे में मदद करता था। इंदरजीत सिंह का नाम डीघल स्थित एक फाइनेंसर की हत्या में भी आया है और बताया जा रहा है कि वह इस मामले में फरार है।
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तलाशी अभियान में 6.41 करोड़ नकद और आभूषण किए थे बरामद
मामले में इससे पहले ईडी ने विभिन्न परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान 6.41 करोड़ रुपये नकद, लगभग 17.4 करोड़ रुपये के आभूषण और 5 लग्जरी वाहन जब्त किए गए थे। इसके अलावा, निदेशालय ने लगभग 90.04 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है और गुरुग्राम स्थित विशेष पीएमएलए न्यायालय में अभियोग शिकायत दर्ज कराई है। मामले में ईडी की आगामी जांच जारी है।
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ईडी ने गुरुग्राम पीएमएलए कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ईडी ने मेसर्स अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (पूर्व में मेसर्स अपोलो इंटरनेशनल लिमिटेड) के पूर्व सीएफओ राकेश गुप्ता को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। ईडी ने ये गिरफ्तारी इंदरजीत सिंह और अन्य के मामले में चल रही जांच के सिलसिले में की है। ईडी की ओर से कहा गया कि यह गिरफ्तारी गुरुग्राम स्थित विशेष पीएमएलए कोर्ट द्वारा जारी चार समनों का अनुपालन न करने और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किए जाने के बाद की गई।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को गुरुग्राम विशेष पीएमएलए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। वहां से आरोपी को 5 दिन के रिमांड पर लेकर ईडी की टीम पूछताछ कर रही है। हरियाणा पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस ने इंदरजीत सिंह और उसके सहयोगियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम, बीएनएस, आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत 15 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की। इन दर्ज एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि इंदरजीत सिंह हरियाणा पुलिस के विभिन्न मामलों में वांछित है और वर्तमान में यूएई से फरार है।
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फाइनेंसरों से लिया 200 करोड़ का लोन
ईडी की जांच में पता चला कि अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अन्य कुछ कॉर्पोरेट घरानों ने कथित तौर पर डीघल और झज्जर स्थित निजी फाइनेंसरों से लगभग 200 करोड़ रुपये का लोन लिया और सिक्योरिटी के तौर पर पोस्ट-डेटेड चेक जारी किए। बाद में मूलधन और ब्याज दोनों के भुगतान में चूक की। राकेश गुप्ता ने इंदरजीत सिंह को अपोलो समूह से मिलवाने और उसकी सेवाएं लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके कारण ऋणों के जबरन निपटारे और एक फाइनेंसर की कथित हत्या हुई। जांच में पता चला कि इंदरजीत सिंह डरा-धमकाकर और अपने सशस्त्र सहयोगियों/स्थानीय सशस्त्र गिरोहों का इस्तेमाल कर, विदेशों से संचालित संगठित अपराध गिरोहों की मिलीभगत से, करोड़ों रुपये के इन उच्च-मूल्य वाले निजी ऋण विवादों के जबरन निपटारे में मदद करता था। इंदरजीत सिंह का नाम डीघल स्थित एक फाइनेंसर की हत्या में भी आया है और बताया जा रहा है कि वह इस मामले में फरार है।
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तलाशी अभियान में 6.41 करोड़ नकद और आभूषण किए थे बरामद
मामले में इससे पहले ईडी ने विभिन्न परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान 6.41 करोड़ रुपये नकद, लगभग 17.4 करोड़ रुपये के आभूषण और 5 लग्जरी वाहन जब्त किए गए थे। इसके अलावा, निदेशालय ने लगभग 90.04 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है और गुरुग्राम स्थित विशेष पीएमएलए न्यायालय में अभियोग शिकायत दर्ज कराई है। मामले में ईडी की आगामी जांच जारी है।