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Gurugram News: संपत्ति को लेकर पारिवारिक विवाद में हाईकोर्ट ने रद्द की एफआईआर
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। उपमंडल के अंतर्गत गांव बिस्सर अकबरपुर सीमा में स्थित सुरजीवन रिजॉर्ट की करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद में देवेन कमल श्रीवास्तव को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने नूंह जिले के मोहम्मदपुर अहीर थाना में दर्ज उनके विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले की एफआईआर को रद्द करते हुए कहा कि मामला मूल रूप से सिविल प्रकृति का है और इसे आपराधिक रंग दिया गया है।
यह आदेश पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट न्यायमूर्ति मनदीप पन्नू ने याचिका पर सुनवाई करते हुए 23 मार्च को दिया। यह याचिका देवेंद्र कमल श्रीवास्तव व अन्य की ओर से दायर की गई थी, जिसमें 11 फरवरी को दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। जानकारी के अनुसार तावडू उपमंडल के गांव बिस्सर अकबरपुर की सीमा में स्थित सुरजीवन रिजॉर्ट की करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर पिता, बेटे और बेटी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते बेटे ने अपने पिता सहित तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि देवेंद्र कमल श्रीवास्तव के बेटे ने अपनी मां के फर्जी हस्ताक्षर कर संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की, जिसके आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
एफआईआर दर्ज होने के बाद कमल देवेंद्र श्रीवास्तव ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य भी आया कि संबंधित संपत्ति और दस्तावेजों को लेकर पक्षों के बीच पहले से कई सिविल केस लंबित हैं और उसी विवाद को आधार बनाकर एफआईआर दर्ज कराई गई है। अदालत ने माना कि एफआईआर चल रहे विवाद में दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज कराई गई प्रतीत होती है। इन परिस्थितियों में हाईकोर्ट ने 11 फरवरी को मोहम्मदपुर अहीर थाना में दर्ज एफआईआर तथा उससे जुड़ी सभी कार्यवाहियों को रद्द कर दिया।
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तावडू। उपमंडल के अंतर्गत गांव बिस्सर अकबरपुर सीमा में स्थित सुरजीवन रिजॉर्ट की करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद में देवेन कमल श्रीवास्तव को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने नूंह जिले के मोहम्मदपुर अहीर थाना में दर्ज उनके विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले की एफआईआर को रद्द करते हुए कहा कि मामला मूल रूप से सिविल प्रकृति का है और इसे आपराधिक रंग दिया गया है।
यह आदेश पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट न्यायमूर्ति मनदीप पन्नू ने याचिका पर सुनवाई करते हुए 23 मार्च को दिया। यह याचिका देवेंद्र कमल श्रीवास्तव व अन्य की ओर से दायर की गई थी, जिसमें 11 फरवरी को दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। जानकारी के अनुसार तावडू उपमंडल के गांव बिस्सर अकबरपुर की सीमा में स्थित सुरजीवन रिजॉर्ट की करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर पिता, बेटे और बेटी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते बेटे ने अपने पिता सहित तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि देवेंद्र कमल श्रीवास्तव के बेटे ने अपनी मां के फर्जी हस्ताक्षर कर संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की, जिसके आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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एफआईआर दर्ज होने के बाद कमल देवेंद्र श्रीवास्तव ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य भी आया कि संबंधित संपत्ति और दस्तावेजों को लेकर पक्षों के बीच पहले से कई सिविल केस लंबित हैं और उसी विवाद को आधार बनाकर एफआईआर दर्ज कराई गई है। अदालत ने माना कि एफआईआर चल रहे विवाद में दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज कराई गई प्रतीत होती है। इन परिस्थितियों में हाईकोर्ट ने 11 फरवरी को मोहम्मदपुर अहीर थाना में दर्ज एफआईआर तथा उससे जुड़ी सभी कार्यवाहियों को रद्द कर दिया।