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Gurugram News: गैस किल्लत ने बढ़ाई घर वापसी की राह
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बिन त्योहार बसों में बढ़ी भीड़...महंगाई की वजह से पलायन को मजबूर हुए प्रवासी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आमतौर पर होली-दीवाली जैसे त्योहार पर ही गांव लौटने वालों की भीड़ देखने को मिलती है लेकिन इस बार बिना किसी त्योहार के ही निजी बसों में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। अपने गांव की ओर लौटने वालों ने इसकी वजह रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतें बताई हैं।
बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आए प्रवासी लोग जो यहां पर दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। अब महंगाई और गैस की किल्लत के कारण अपने गांव की ओर रुख कर रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि शहर में गैस सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है और जहां मिल रहा है, वहां इसकी कीमत करीब 350 रुपये से 500 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जिससे आम लोगों का बजट बिगड़ गया है।
बस स्टैंड और विभिन्न प्वाइंट्स पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। निजी बस ऑपरेटरों के अनुसार, पिछले कुछ दिन में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। बसों में सीटें पहले से ही बुक हो रही हैं और कई यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है।
गांव में कम से कम खाना तो आसानी से मिले जाएगा
मैं गांव बलिया जा रहा हूं। गुरुग्राम में गैस नहीं मिल रही है और जो मिल रही है वह बहुत महंगी है। गांव में कम से कम खाना तो आसानी से मिल जाएगा। - श्याम नारायण
यहां रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। गैस के दाम सुनकर ही झटका लग जाता है। इसलिए परिवार को लेकर गांव आजमगढ़ लौट रहा हूं। - अजीत
हम लोग मजदूरी करते हैं लेकिन इतनी महंगी गैस खरीदना संभव नहीं है। गांव में लकड़ी या दूसरे विकल्प मिल जाते हैं, इसलिए गांव समस्तीपुर वापस जा रहे हैं। - कैलाश कुमार
बच्चों के साथ शहर में रहना मुश्किल हो गया है। गैस नहीं मिलेगी तो खाना कैसे बनाएंगे? इसलिए गांव जाना ही बेहतर समझा। जब सब ठीक हो जाएगा तो वापस आ जाऊंगा। - भोला
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आमतौर पर होली-दीवाली जैसे त्योहार पर ही गांव लौटने वालों की भीड़ देखने को मिलती है लेकिन इस बार बिना किसी त्योहार के ही निजी बसों में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। अपने गांव की ओर लौटने वालों ने इसकी वजह रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतें बताई हैं।
बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आए प्रवासी लोग जो यहां पर दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। अब महंगाई और गैस की किल्लत के कारण अपने गांव की ओर रुख कर रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि शहर में गैस सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है और जहां मिल रहा है, वहां इसकी कीमत करीब 350 रुपये से 500 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जिससे आम लोगों का बजट बिगड़ गया है।
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बस स्टैंड और विभिन्न प्वाइंट्स पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। निजी बस ऑपरेटरों के अनुसार, पिछले कुछ दिन में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। बसों में सीटें पहले से ही बुक हो रही हैं और कई यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है।
गांव में कम से कम खाना तो आसानी से मिले जाएगा
मैं गांव बलिया जा रहा हूं। गुरुग्राम में गैस नहीं मिल रही है और जो मिल रही है वह बहुत महंगी है। गांव में कम से कम खाना तो आसानी से मिल जाएगा। - श्याम नारायण
यहां रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। गैस के दाम सुनकर ही झटका लग जाता है। इसलिए परिवार को लेकर गांव आजमगढ़ लौट रहा हूं। - अजीत
हम लोग मजदूरी करते हैं लेकिन इतनी महंगी गैस खरीदना संभव नहीं है। गांव में लकड़ी या दूसरे विकल्प मिल जाते हैं, इसलिए गांव समस्तीपुर वापस जा रहे हैं। - कैलाश कुमार
बच्चों के साथ शहर में रहना मुश्किल हो गया है। गैस नहीं मिलेगी तो खाना कैसे बनाएंगे? इसलिए गांव जाना ही बेहतर समझा। जब सब ठीक हो जाएगा तो वापस आ जाऊंगा। - भोला