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Gurugram News: सैर नहीं, अब बीमारियों का केंद्र बना तिकोना पार्क
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पार्क में टूटे झूले, जगह-जगह फैले कूड़े और जमा गंदगी से बीमारियों का बढ़ा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पुराने शहर का सबसे मशहूर तिकोना पार्क इन दिनों अव्यवस्था और गंदगी का केंद्र बन चुका है। पिछले एक महीने से पार्क में साफ-सफाई न होने के कारण यहां सैर करने आने वाले लोगों का जीना मुहाल हो गया है। पार्क में चारों ओर कूड़े के ढेर लगे हैं और डस्टबिन कचरे से लबालब भरे हुए हैं, जिन्हें नगर निगम द्वारा खाली नहीं कराया जा रहा। इस समय पार्क सिर्फ बीमारियों का केंद्र बना हुआ है।
पार्क में बच्चों के खेलने वाले झूले टूटे पड़े हैं, जिससे दुर्घटना का भय बना रहता है। जगह-जगह जमा गंदगी और सड़ते कूड़े की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
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पार्क में सुकून से बैठना हुआ मुश्किल
एक महीने से पार्क में सफाई कर्मचारी का चेहरा तक नहीं दिखा है। चारों ओर बदबू फैली रहती है, ऐसे में यहां सुकून से दो मिनट बैठना भी मुश्किल हो गया है। - सुभाष हसीजा, स्थानीय निवासी
डस्टबिन कूड़े से भरे हुए हैं। हवा चलने पर सारा कूड़ा पार्क के रास्तों पर फैल जाता है, जिससे चलना दूभर हो जाता है। - मंगतराम विज, स्थानीय निवासी
बच्चों के लिए लगाए गए झूले टूट चुके हैं। प्रशासन को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है। मच्छरों की वजह से अब शाम को पार्क में रुकना नामुमकिन है। - सुभाष चंद्र यादव, स्थानीय निवासी
यहां ताजी हवा और सेहत बनाने आते हैं लेकिन पार्क की गंदगी देखकर लगता है कि यहां से हम बीमारियां ही लेकर घर जाएंगे। नगर निगम को तुरंत इस ओर ध्यान देना चाहिए। - चेतन दास, स्थानीय निवासी
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पुराने शहर का सबसे मशहूर तिकोना पार्क इन दिनों अव्यवस्था और गंदगी का केंद्र बन चुका है। पिछले एक महीने से पार्क में साफ-सफाई न होने के कारण यहां सैर करने आने वाले लोगों का जीना मुहाल हो गया है। पार्क में चारों ओर कूड़े के ढेर लगे हैं और डस्टबिन कचरे से लबालब भरे हुए हैं, जिन्हें नगर निगम द्वारा खाली नहीं कराया जा रहा। इस समय पार्क सिर्फ बीमारियों का केंद्र बना हुआ है।
पार्क में बच्चों के खेलने वाले झूले टूटे पड़े हैं, जिससे दुर्घटना का भय बना रहता है। जगह-जगह जमा गंदगी और सड़ते कूड़े की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
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पार्क में सुकून से बैठना हुआ मुश्किल
एक महीने से पार्क में सफाई कर्मचारी का चेहरा तक नहीं दिखा है। चारों ओर बदबू फैली रहती है, ऐसे में यहां सुकून से दो मिनट बैठना भी मुश्किल हो गया है। - सुभाष हसीजा, स्थानीय निवासी
डस्टबिन कूड़े से भरे हुए हैं। हवा चलने पर सारा कूड़ा पार्क के रास्तों पर फैल जाता है, जिससे चलना दूभर हो जाता है। - मंगतराम विज, स्थानीय निवासी
बच्चों के लिए लगाए गए झूले टूट चुके हैं। प्रशासन को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है। मच्छरों की वजह से अब शाम को पार्क में रुकना नामुमकिन है। - सुभाष चंद्र यादव, स्थानीय निवासी
यहां ताजी हवा और सेहत बनाने आते हैं लेकिन पार्क की गंदगी देखकर लगता है कि यहां से हम बीमारियां ही लेकर घर जाएंगे। नगर निगम को तुरंत इस ओर ध्यान देना चाहिए। - चेतन दास, स्थानीय निवासी