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जीएमडीए का दावा : 200 मिमी से अधिक बारिश में नहीं थमी शहर की रफ्तार
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जहां कहीं पानी जमा हुआ भी, वहां दो से तीन घंटे में निकासी कर दी गई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। तीन दिन में 200 मिमी से अधिक बारिश के बावजूद गुरुग्राम के प्रमुख मार्गों पर इस बार यातायात की रफ्तार नहीं थमी। पिछले वर्षों में जलभराव के लिए बदनाम रहे शहर के ज्यादातर हॉटस्पॉट पर स्थिति सामान्य रही। जहां कहीं पानी जमा हुआ भी, वहां दो से तीन घंटे में निकासी कर दी गई।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने नगर निगम गुरुग्राम के साथ समन्वय कर पुरानी ड्रेनेज व्यवस्था की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा के मार्गदर्शन में ड्रेनों की सफाई और डिसिल्टिंग के साथ कई स्थानों पर नई ड्रेन लिंक और सैकड़ों रोड गली इनलेट बनाए गए। वहीं, नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने भी जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण कर अधिकारियों को जल्द पानी निकासी के निर्देश दिए।
तीन प्रमुख ड्रेनों की सफाई से बढ़ी क्षमता
शहर की जलनिकासी व्यवस्था की प्रमुख कड़ी लेग-1, लेग-2 और लेग-3 ड्रेन की मानसून से पहले व्यापक सफाई और डिसिल्टिंग कराई गई। नरसिंहपुर गुरुग्राम के सबसे बड़े जलभराव वाले क्षेत्रों में शामिल रहा है। जीएमडीए ने करीब डेढ़ महीने में नरसिंहपुर के लिए नई ड्रेन तैयार की। सदर्न पेरिफेरल रोड पर भी इस बार बड़े स्तर पर जलभराव नहीं हुआ। इसके पीछे लेग-4 ड्रेन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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इन हॉटस्पॉट पर भी स्थिति रही सामान्य
सुभाष चौक, नरसिंहपुर, उमंग भारद्वाज चौक, मेजर सुशीला आइमा मार्ग, सेक्टर-22/23, सिग्नेचर टावर, एआईटी चौक, मेदांता रोड, राजीव चौक और राजीव चौक से सुभाष चौक मार्ग सहित कई प्रमुख स्थानों पर इस बार बड़े स्तर पर जलभराव नहीं हुआ। जीएमडीए की योजना केवल जलभराव रोकने तक सीमित नहीं रही। बारिश के पानी का भूजल रिचार्ज के लिए इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।
कुछ स्थानों पर जलभराव
हालांकि ज्यादातर संवेदनशील स्थानों पर स्थिति नियंत्रण में रही, लेकिन शीतला माता रोड और बादशाहपुर के पास एरिया मॉल के सामने कुछ स्थानों पर जलभराव हुआ। जीएमडीए और नगर निगम ने इन स्थानों को चिन्हित कर लिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। तीन दिन में 200 मिमी से अधिक बारिश के बावजूद गुरुग्राम के प्रमुख मार्गों पर इस बार यातायात की रफ्तार नहीं थमी। पिछले वर्षों में जलभराव के लिए बदनाम रहे शहर के ज्यादातर हॉटस्पॉट पर स्थिति सामान्य रही। जहां कहीं पानी जमा हुआ भी, वहां दो से तीन घंटे में निकासी कर दी गई।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने नगर निगम गुरुग्राम के साथ समन्वय कर पुरानी ड्रेनेज व्यवस्था की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा के मार्गदर्शन में ड्रेनों की सफाई और डिसिल्टिंग के साथ कई स्थानों पर नई ड्रेन लिंक और सैकड़ों रोड गली इनलेट बनाए गए। वहीं, नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने भी जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण कर अधिकारियों को जल्द पानी निकासी के निर्देश दिए।
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तीन प्रमुख ड्रेनों की सफाई से बढ़ी क्षमता
शहर की जलनिकासी व्यवस्था की प्रमुख कड़ी लेग-1, लेग-2 और लेग-3 ड्रेन की मानसून से पहले व्यापक सफाई और डिसिल्टिंग कराई गई। नरसिंहपुर गुरुग्राम के सबसे बड़े जलभराव वाले क्षेत्रों में शामिल रहा है। जीएमडीए ने करीब डेढ़ महीने में नरसिंहपुर के लिए नई ड्रेन तैयार की। सदर्न पेरिफेरल रोड पर भी इस बार बड़े स्तर पर जलभराव नहीं हुआ। इसके पीछे लेग-4 ड्रेन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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इन हॉटस्पॉट पर भी स्थिति रही सामान्य
सुभाष चौक, नरसिंहपुर, उमंग भारद्वाज चौक, मेजर सुशीला आइमा मार्ग, सेक्टर-22/23, सिग्नेचर टावर, एआईटी चौक, मेदांता रोड, राजीव चौक और राजीव चौक से सुभाष चौक मार्ग सहित कई प्रमुख स्थानों पर इस बार बड़े स्तर पर जलभराव नहीं हुआ। जीएमडीए की योजना केवल जलभराव रोकने तक सीमित नहीं रही। बारिश के पानी का भूजल रिचार्ज के लिए इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।
कुछ स्थानों पर जलभराव
हालांकि ज्यादातर संवेदनशील स्थानों पर स्थिति नियंत्रण में रही, लेकिन शीतला माता रोड और बादशाहपुर के पास एरिया मॉल के सामने कुछ स्थानों पर जलभराव हुआ। जीएमडीए और नगर निगम ने इन स्थानों को चिन्हित कर लिया है।