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Gurugram News: मानसून से पहले जीएमडीए का एक्शन मोड, सफाई और कचरा हटाने का अभियान तेज
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ड्रेनेज और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने के लिए जीएमडीए का अभियान जारी
जलभराव रोकने के लिए कई टीमों की तैनाती, सीसीटीवी से निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने मानसून से पहले शहर के ड्रेनेज सिस्टम और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया है। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पीसी मीणा की निगरानी में चल रहे इस अभियान के तहत नालियों की सफाई, सीएंडडी कचरा हटाने, सड़कों की मरम्मत और ग्रीन बेल्ट के रखरखाव का कार्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।
जीएमडीए के अनुसार, पूरे शहर में अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं, जो नालियों की सफाई, टूटी स्लैब की मरम्मत, पेड़-पौधों की छंटाई, मलबा हटाने और ग्रीन बेल्ट के रखरखाव का कार्य कर रही हैं। अभियान में जवाबदेही, गुणवत्तापूर्ण कार्य और जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणामों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सीईओ पीसी मीणा ने कहा कि यह एक समन्वित और बहु-क्षेत्रीय प्रयास है, जिसका उद्देश्य शहर में ड्रेनेज क्षमता, सड़कों की स्थिति और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि गाद हटाने, कचरा साफ करने, इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत और सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं। रियल टाइम मॉनिटरिंग और कड़ी निगरानी के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्य सड़कों पर नालियों की सफाई तेज, सीसीटीवी मॉनिटरिंग
बारिश के पानी की निकासी बेहतर बनाने के लिए सेक्टर-46/39/40 को जोड़ने वाली सड़क के किनारे करीब 4.1 किलोमीटर लंबी नालियों की सफाई की गई है। इसके अलावा सेक्टर-60/61 मार्ग पर 1.55 किलोमीटर लंबी सतही नालियों से गाद, कीचड़ और मलबा हटाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, नालियों से रुकावटें हटने के बाद उनकी जल निकासी क्षमता बहाल हो गई है, जिससे बारिश का पानी मुख्य ड्रेनेज सिस्टम तक आसानी से पहुंच सकेगा और जलभराव की समस्या कम होगी। नालियों की सफाई कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है। सीसीटीवी मॉनिटरिंग और कई चरणों में गुणवत्ता जांच के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गाद पूरी तरह हटाई जाए और कार्य का दीर्घकालिक प्रभाव बना रहे।
कई क्षेत्रों में जारी है अभियान
सेक्टर-39/46 मास्टर रोड समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर अभी भी गाद हटाने का कार्य जारी है। इसके साथ ही मुख्य सड़कों पर नई रोड गलियों का निर्माण और पुराने वॉटर ट्रैप की सफाई भी कराई जा रही है, ताकि बारिश का पानी तेजी से स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम में पहुंच सके। शहर के विभिन्न हिस्सों में सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) कचरा हटाने का अभियान भी तेज किया है। सेक्टर-84, सेक्टर-102, सेक्टर-14, सेक्टर-44/45,इफ्को मेट्रो स्टेशन और सुभाष चौक के आसपास मलबा, सड़क किनारे जमा गाद और निर्माण सामग्री हटाई जा रही है। इसका उद्देश्य ड्रेनेज नेटवर्क में रुकावट रोकना और मानसून के दौरान पानी के बहाव को सुचारु बनाए रखना है। सड़क किनारों और ग्रीन बेल्ट की सफाई के साथ-साथ जंगली घास और बागवानी कचरा भी हटाया जा रहा है। अतुल कटारिया चौक और इफ्को चौक के आसपास ग्रीन बेल्ट को समतल करने का कार्य भी किया जा रहा है।
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जलभराव रोकने के लिए कई टीमों की तैनाती, सीसीटीवी से निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने मानसून से पहले शहर के ड्रेनेज सिस्टम और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया है। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पीसी मीणा की निगरानी में चल रहे इस अभियान के तहत नालियों की सफाई, सीएंडडी कचरा हटाने, सड़कों की मरम्मत और ग्रीन बेल्ट के रखरखाव का कार्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।
जीएमडीए के अनुसार, पूरे शहर में अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं, जो नालियों की सफाई, टूटी स्लैब की मरम्मत, पेड़-पौधों की छंटाई, मलबा हटाने और ग्रीन बेल्ट के रखरखाव का कार्य कर रही हैं। अभियान में जवाबदेही, गुणवत्तापूर्ण कार्य और जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणामों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सीईओ पीसी मीणा ने कहा कि यह एक समन्वित और बहु-क्षेत्रीय प्रयास है, जिसका उद्देश्य शहर में ड्रेनेज क्षमता, सड़कों की स्थिति और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि गाद हटाने, कचरा साफ करने, इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत और सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं। रियल टाइम मॉनिटरिंग और कड़ी निगरानी के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है।
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मुख्य सड़कों पर नालियों की सफाई तेज, सीसीटीवी मॉनिटरिंग
बारिश के पानी की निकासी बेहतर बनाने के लिए सेक्टर-46/39/40 को जोड़ने वाली सड़क के किनारे करीब 4.1 किलोमीटर लंबी नालियों की सफाई की गई है। इसके अलावा सेक्टर-60/61 मार्ग पर 1.55 किलोमीटर लंबी सतही नालियों से गाद, कीचड़ और मलबा हटाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, नालियों से रुकावटें हटने के बाद उनकी जल निकासी क्षमता बहाल हो गई है, जिससे बारिश का पानी मुख्य ड्रेनेज सिस्टम तक आसानी से पहुंच सकेगा और जलभराव की समस्या कम होगी। नालियों की सफाई कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है। सीसीटीवी मॉनिटरिंग और कई चरणों में गुणवत्ता जांच के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गाद पूरी तरह हटाई जाए और कार्य का दीर्घकालिक प्रभाव बना रहे।
कई क्षेत्रों में जारी है अभियान
सेक्टर-39/46 मास्टर रोड समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर अभी भी गाद हटाने का कार्य जारी है। इसके साथ ही मुख्य सड़कों पर नई रोड गलियों का निर्माण और पुराने वॉटर ट्रैप की सफाई भी कराई जा रही है, ताकि बारिश का पानी तेजी से स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम में पहुंच सके। शहर के विभिन्न हिस्सों में सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) कचरा हटाने का अभियान भी तेज किया है। सेक्टर-84, सेक्टर-102, सेक्टर-14, सेक्टर-44/45,इफ्को मेट्रो स्टेशन और सुभाष चौक के आसपास मलबा, सड़क किनारे जमा गाद और निर्माण सामग्री हटाई जा रही है। इसका उद्देश्य ड्रेनेज नेटवर्क में रुकावट रोकना और मानसून के दौरान पानी के बहाव को सुचारु बनाए रखना है। सड़क किनारों और ग्रीन बेल्ट की सफाई के साथ-साथ जंगली घास और बागवानी कचरा भी हटाया जा रहा है। अतुल कटारिया चौक और इफ्को चौक के आसपास ग्रीन बेल्ट को समतल करने का कार्य भी किया जा रहा है।
