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Gurugram News: बकाया चालान नहीं किया भुगतान, संपत्ति सील करेगा निगम
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निगम कार्यालय में हुई बैठक में निगम आयुक्त ने दिए निर्देश
फोटाे-
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ग्रेप या अन्य नियमों का उल्लंघन होने पर निगम द्वारा किए गए चालान का भुगतान न करने पर नगर निगम उल्लंघनकर्ताओं की संपत्ति सील करेगा। सोमवार को निगम कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान निगमायुक्त ने कनिष्ठ अभियंताओं को चालान की रिकवरी तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द बकाया राशि वसूल की जाए। जिन अधिकारियों ने चालान किए हैं, रिकवरी सुनिश्चित करना भी उन्हीं की जिम्मेदारी है। विकास कार्यों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने किसी भी काम का नया एस्टीमेट तैयार करने से पहले उसकी पूरी जानकारी प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही यह भी बताना होगा कि उक्त काम को दोबारा करने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
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40 से ज्यादा शिकायतें लंबित होने पर देना होगा स्पष्टीकरण
निगमायुक्त ने म्हारी सड़क पोर्टल, रोड एथीना और सीएचएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के समाधान को प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों का समय से निपटारा किया जाए। म्हारी सड़क पोर्टल की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि जिन कनिष्ठ अभियंताओं के पास 40 से अधिक शिकायतें लंबित होंगी, उन्हें स्पष्टीकरण देना होगा। साथ ही अब इन कामों की साप्ताहिक समीक्षा होगी।
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प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने पर भी रहेगा निगम का जोर
निगम ने विभिन्न विभागों से जानकारी मांगी है कि कहां-कहां रिहायशी भवनों में व्यवसायिक गतिविधि चल रहीं हैं। निगम के सर्वे के मुताबिक जिन रिहायशी भवनों का प्रॉपर्टी टैक्स दिया जा रहा है, उसमें गेस्ट हाउस और पीजी चल रहे हैं। बीते साल नगर निगम ने 350 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में वसूले थे। इसे इस बार दो गुना तक करने का लक्ष्य है। सर्वे में यह भी सामने आया कि कागजों में जिसे खेती जमीन बताया गया, वहां पर भवन मालिकों ने वेयर हाउस बना दिया और उससे मोटा किराया ले रहे हैं। ऐसे जमीन मालिकों को नोटिस भेजा जाएगा।
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निगम द्वारा जारी किसी भी तरह की नोटिस का संज्ञान न लेने पर संपत्ति सील करने का प्रावधान है। प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर चोरी करने वालों को ड्रोन सर्वे के आधार पर नोटिस जारी किया जा रहा है। -प्रदीप दहिया, आयुक्त नगर निगम , गुरुग्राम।
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गुरुग्राम। ग्रेप या अन्य नियमों का उल्लंघन होने पर निगम द्वारा किए गए चालान का भुगतान न करने पर नगर निगम उल्लंघनकर्ताओं की संपत्ति सील करेगा। सोमवार को निगम कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान निगमायुक्त ने कनिष्ठ अभियंताओं को चालान की रिकवरी तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द बकाया राशि वसूल की जाए। जिन अधिकारियों ने चालान किए हैं, रिकवरी सुनिश्चित करना भी उन्हीं की जिम्मेदारी है। विकास कार्यों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने किसी भी काम का नया एस्टीमेट तैयार करने से पहले उसकी पूरी जानकारी प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही यह भी बताना होगा कि उक्त काम को दोबारा करने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
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40 से ज्यादा शिकायतें लंबित होने पर देना होगा स्पष्टीकरण
निगमायुक्त ने म्हारी सड़क पोर्टल, रोड एथीना और सीएचएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के समाधान को प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों का समय से निपटारा किया जाए। म्हारी सड़क पोर्टल की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि जिन कनिष्ठ अभियंताओं के पास 40 से अधिक शिकायतें लंबित होंगी, उन्हें स्पष्टीकरण देना होगा। साथ ही अब इन कामों की साप्ताहिक समीक्षा होगी।
प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने पर भी रहेगा निगम का जोर
निगम ने विभिन्न विभागों से जानकारी मांगी है कि कहां-कहां रिहायशी भवनों में व्यवसायिक गतिविधि चल रहीं हैं। निगम के सर्वे के मुताबिक जिन रिहायशी भवनों का प्रॉपर्टी टैक्स दिया जा रहा है, उसमें गेस्ट हाउस और पीजी चल रहे हैं। बीते साल नगर निगम ने 350 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में वसूले थे। इसे इस बार दो गुना तक करने का लक्ष्य है। सर्वे में यह भी सामने आया कि कागजों में जिसे खेती जमीन बताया गया, वहां पर भवन मालिकों ने वेयर हाउस बना दिया और उससे मोटा किराया ले रहे हैं। ऐसे जमीन मालिकों को नोटिस भेजा जाएगा।
निगम द्वारा जारी किसी भी तरह की नोटिस का संज्ञान न लेने पर संपत्ति सील करने का प्रावधान है। प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर चोरी करने वालों को ड्रोन सर्वे के आधार पर नोटिस जारी किया जा रहा है। -प्रदीप दहिया, आयुक्त नगर निगम , गुरुग्राम।

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