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Gurugram News: गुरुग्राम व एनसीआर ही नहीं, हरियाणा के अन्य जिलों में उद्योगों से बहेगी विकास की बयार
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12 नए उद्योग हब में 2 के लिए साइट की गई चिन्हित, बाकी जल्द चुने जाएंगे
सोनू यादव
गुरुग्राम। हरियाणा को देश का अगला बड़ा औद्योगिक हब बनाने के लिए प्रदेश में 12 नए औद्योगिक शहर बनाने की योजना है। सोमवार को गुरुग्राम में मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाॅन्च करने के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ये घोषणा की। उन्होंने कहा कि 12 में से 2 के लिए साइट चुन ली गई है। इसके लिए हजारों एकड़ जमीन की जरूरत है। 10 साइट भी जल्द ही चुनी जाएंगी। ऐसे में ये साफ है कि जब 10 नई साइट के लिए हजारों एकड़ जमीन की जरूरत है तो प्रदेश के विकास की ये बयार अन्य जिलों तक भी पहुंचेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
हरियाणा सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा देश की सबसे मजबूत औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। देश के केवल 1.3 प्रतिशत भू–भाग के बावजूद हरियाणा भारत की जीडीपी में लगभग 3.6 प्रतिशत योगदान देता है। एक्सप्रेसवेज, फ्रेट कॉरिडोर्स, रेल कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स हब्स और एनसीआर तक सीधी पहुंच ने हरियाणा को भारत के सबसे राजनीतिक इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन्स में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल कंपनियां हरियाणा को मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के साथ ग्रोथ डेस्टिनेशन के रूप में भी देख रही हैं।
स्पीड और ट्रस्ट हमारा ध्येय
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भर की सरकारें एक बात समझ चुकी हैं कि सिर्फ ईज-आफ-डूईंग बिजनेस अब काफी नहीं है। अगला दौर इंटेलिजेंट गवर्नेंस का है इसलिए आज हरियाणा इंटेलिजेंट इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन पोर्टल लाॅन्च किया है जो बेहद महत्वपूर्ण है। यह पोर्टल सरकार और उद्योगों के बीच काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा। हमारा ध्येय स्पीड और ट्रस्ट है। अब इन्वेस्टर्स को अप्रूवर्स, लैंड, इंसेंटिव्स, कम्प्लायंसेज और क्लीयरेंस के लिए अलग–अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सब सुविधाएं एक जगह मिलेंगी। इस पोर्टल के माध्यम से इन्वेस्टर को जीआईएस आधारित लैंड आइडेंटिफिकेशन, ऑटोमेटेड इन्वेस्टमेंट ब्लूप्रिंट, एआई–इनेबल्ड असिस्टेंस, अप्रूवल्स पाथ–वे, इंफ्रास्ट्रक्चर इंफॉर्मेशन और पॉलिसी सपोर्ट, ये सब कुछ एक इंटीग्रेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। यह केवल डिजिटाइजेशन नहीं है। यह गवर्नेंस ट्रांसफॉर्मेशन है।
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हरियाणा के औद्योगिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा: राव नरबीर सिंह
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि आज का दिन हरियाणा के औद्योगिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। राज्य सरकार केवल नई नीतियां लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा की औद्योगिक सोच को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आकार देने का कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य हरियाणा को केवल मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना नहीं, बल्कि इसे इनोवेशन, एक्सपोर्ट, टेक्नोलॉजी और भविष्य की उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाना है।
दफ्तर में बैठकर नहीं बनी नई उद्योग पॉलिसी, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि आज हमने केवल पॉलिसी की शुरुआत होते हुए नहीं देखा है बल्कि सुनहरे हरियाणा के एक भविष्य की तस्वीर देखी है। एक ऐसी तस्वीर जो हरियाणा में औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने वाली है। एक ऐसी तस्वीर जो हमें नए अवसरों की उपलब्धता का अहसास कराती है और एक ऐसी तस्वीर जो संपूर्ण विकास का प्रतीक है। यह पॉलिसी सरकारी दफ्तरों में बैठकर बनी हुई पॉलिसी नहीं है बल्कि सभी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर, बातचीत कर बनाई गई पॉलिसी हैं। हमारा मकसद ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है जिससे निवेशकों को भरोसा हो कि यह पॉलिसी दूसरे राज्यों से बेहतर है और लंबे समय की ग्रोथ की सूचक है।
हरियाणा की नई सोच और नए अप्रोच को प्रस्तुत करने का अवसर : डॉ. अग्रवाल
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि आज के कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पॉलिसी लाॅन्च करना नहीं है बल्कि हरियाणा की नई सोच और नए अप्रोच को प्रस्तुत करने का अवसर है। काफी समय तक दुनिया भर के सभी देश और राज्य इंसेंटिव के आधार पर प्रतियोगिता करते रहे हैं लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। आज निवेशक सवाल करते हैं कि क्या सरकार तेजी से फैसले ले सकती है। क्या सरकार दीर्घकालिक विकास भागीदार बन सकती है। पिछले कई महीनों में हरियाणा ने इन सवालों पर बड़ी गंभीरता से काम किया है और आज जो आप देखने जा रहे हैं वो उसी सोच का परिणाम है कि नई पॉलिसी लांच की गई है।
सोनू यादव
गुरुग्राम। हरियाणा को देश का अगला बड़ा औद्योगिक हब बनाने के लिए प्रदेश में 12 नए औद्योगिक शहर बनाने की योजना है। सोमवार को गुरुग्राम में मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाॅन्च करने के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ये घोषणा की। उन्होंने कहा कि 12 में से 2 के लिए साइट चुन ली गई है। इसके लिए हजारों एकड़ जमीन की जरूरत है। 10 साइट भी जल्द ही चुनी जाएंगी। ऐसे में ये साफ है कि जब 10 नई साइट के लिए हजारों एकड़ जमीन की जरूरत है तो प्रदेश के विकास की ये बयार अन्य जिलों तक भी पहुंचेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
हरियाणा सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा देश की सबसे मजबूत औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। देश के केवल 1.3 प्रतिशत भू–भाग के बावजूद हरियाणा भारत की जीडीपी में लगभग 3.6 प्रतिशत योगदान देता है। एक्सप्रेसवेज, फ्रेट कॉरिडोर्स, रेल कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स हब्स और एनसीआर तक सीधी पहुंच ने हरियाणा को भारत के सबसे राजनीतिक इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन्स में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल कंपनियां हरियाणा को मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के साथ ग्रोथ डेस्टिनेशन के रूप में भी देख रही हैं।
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स्पीड और ट्रस्ट हमारा ध्येय
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भर की सरकारें एक बात समझ चुकी हैं कि सिर्फ ईज-आफ-डूईंग बिजनेस अब काफी नहीं है। अगला दौर इंटेलिजेंट गवर्नेंस का है इसलिए आज हरियाणा इंटेलिजेंट इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन पोर्टल लाॅन्च किया है जो बेहद महत्वपूर्ण है। यह पोर्टल सरकार और उद्योगों के बीच काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा। हमारा ध्येय स्पीड और ट्रस्ट है। अब इन्वेस्टर्स को अप्रूवर्स, लैंड, इंसेंटिव्स, कम्प्लायंसेज और क्लीयरेंस के लिए अलग–अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सब सुविधाएं एक जगह मिलेंगी। इस पोर्टल के माध्यम से इन्वेस्टर को जीआईएस आधारित लैंड आइडेंटिफिकेशन, ऑटोमेटेड इन्वेस्टमेंट ब्लूप्रिंट, एआई–इनेबल्ड असिस्टेंस, अप्रूवल्स पाथ–वे, इंफ्रास्ट्रक्चर इंफॉर्मेशन और पॉलिसी सपोर्ट, ये सब कुछ एक इंटीग्रेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। यह केवल डिजिटाइजेशन नहीं है। यह गवर्नेंस ट्रांसफॉर्मेशन है।
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हरियाणा के औद्योगिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा: राव नरबीर सिंह
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि आज का दिन हरियाणा के औद्योगिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। राज्य सरकार केवल नई नीतियां लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा की औद्योगिक सोच को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आकार देने का कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य हरियाणा को केवल मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना नहीं, बल्कि इसे इनोवेशन, एक्सपोर्ट, टेक्नोलॉजी और भविष्य की उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाना है।
दफ्तर में बैठकर नहीं बनी नई उद्योग पॉलिसी, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि आज हमने केवल पॉलिसी की शुरुआत होते हुए नहीं देखा है बल्कि सुनहरे हरियाणा के एक भविष्य की तस्वीर देखी है। एक ऐसी तस्वीर जो हरियाणा में औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने वाली है। एक ऐसी तस्वीर जो हमें नए अवसरों की उपलब्धता का अहसास कराती है और एक ऐसी तस्वीर जो संपूर्ण विकास का प्रतीक है। यह पॉलिसी सरकारी दफ्तरों में बैठकर बनी हुई पॉलिसी नहीं है बल्कि सभी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर, बातचीत कर बनाई गई पॉलिसी हैं। हमारा मकसद ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है जिससे निवेशकों को भरोसा हो कि यह पॉलिसी दूसरे राज्यों से बेहतर है और लंबे समय की ग्रोथ की सूचक है।
हरियाणा की नई सोच और नए अप्रोच को प्रस्तुत करने का अवसर : डॉ. अग्रवाल
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि आज के कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पॉलिसी लाॅन्च करना नहीं है बल्कि हरियाणा की नई सोच और नए अप्रोच को प्रस्तुत करने का अवसर है। काफी समय तक दुनिया भर के सभी देश और राज्य इंसेंटिव के आधार पर प्रतियोगिता करते रहे हैं लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। आज निवेशक सवाल करते हैं कि क्या सरकार तेजी से फैसले ले सकती है। क्या सरकार दीर्घकालिक विकास भागीदार बन सकती है। पिछले कई महीनों में हरियाणा ने इन सवालों पर बड़ी गंभीरता से काम किया है और आज जो आप देखने जा रहे हैं वो उसी सोच का परिणाम है कि नई पॉलिसी लांच की गई है।