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Gurugram News: किसानों को संतुलित उर्वरक और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन की दी जानकारी
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गुरुग्राम। एसजीटी विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संकाय की ओर से सामाजिक विकास, एसजीटी का प्रयास अभियान के तहत गांव मांकरोला में किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय संतुलित उर्वरक उपयोग एवं मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन रहा। इसका उद्देश्य किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, संतुलित उर्वरकों के उपयोग और टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का मार्गदर्शन कृषि विज्ञान संकाय की डीन ऑफिशिएटिंग डॉ. पूजा पंत ने किया। कार्यक्रम में करीब 41 महिला और पुरुष किसानों ने भाग लिया। इस दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को मृदा परीक्षण, जैविक खाद के उपयोग और रासायनिक उर्वरकों के अधिक प्रयोग से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. आजाद सिंह पंवार, प्रोफेसर प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन विभाग, डॉ. शक्ति ओम पाठक, सहायक प्रोफेसर मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग और डॉ. ओम प्रकाश सिंह खोला, प्रोफेसर प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन विभाग ने किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने खेती से जुड़ी समस्याएं विशेषज्ञों के सामने रखीं, जिनका समाधान भी बताया गया। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. मनजीत, सहायक प्रोफेसर सोशल साइंसेज विभाग और डॉ. राजेश मोर, सहायक प्रोफेसर उद्यान विज्ञान विभाग ने किया। अंत में किसानों का धन्यवाद करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई। संवाद
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कार्यक्रम का मार्गदर्शन कृषि विज्ञान संकाय की डीन ऑफिशिएटिंग डॉ. पूजा पंत ने किया। कार्यक्रम में करीब 41 महिला और पुरुष किसानों ने भाग लिया। इस दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को मृदा परीक्षण, जैविक खाद के उपयोग और रासायनिक उर्वरकों के अधिक प्रयोग से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. आजाद सिंह पंवार, प्रोफेसर प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन विभाग, डॉ. शक्ति ओम पाठक, सहायक प्रोफेसर मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग और डॉ. ओम प्रकाश सिंह खोला, प्रोफेसर प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन विभाग ने किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने खेती से जुड़ी समस्याएं विशेषज्ञों के सामने रखीं, जिनका समाधान भी बताया गया। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. मनजीत, सहायक प्रोफेसर सोशल साइंसेज विभाग और डॉ. राजेश मोर, सहायक प्रोफेसर उद्यान विज्ञान विभाग ने किया। अंत में किसानों का धन्यवाद करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई। संवाद
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