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Gurugram News: द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ सर्विस रोड निर्माण में कई जगहों पर जमीन बनी बाधा
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जीएमडीए की ओर से एक्सप्रेसवे के दोनों ओर बनाया जा रहा है सर्विस रोड
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ सर्विस रोड निर्माण कार्य में जमीन की उपलब्धता बाधा बन रही है। कई स्थानों पर पर्याप्त भूमि उपलब्ध न होने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की ओर से एक्सप्रेसवे के दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण चल रहा है। हालांकि, कुछ हिस्सों में जमीन की उपलब्धता की समस्या के कारण कार्य में रुकावट आ रही है। अधिकारियों के अनुसार, जहां-जहां जमीन उपलब्ध है, वहां निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। वहीं, जिन स्थानों पर भूमि की कमी है, वहां संबंधित विभागों से समन्वय कर समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। जीएमडीए के अनुसार, सर्विस रोड निर्माण में चार से पांच जगहों पर जमीन की दिक्कत आ रही है।
जीएमडीए अधिकारियों ने पाया कि कुछ स्थानों पर द्वारका एक्सप्रेसवे को बीच में (सेंट्रल) नहीं बनाए जाने के कारण सड़क की जमीन ग्रीन बेल्ट में चली गई। ऐसे में इन स्थानों पर जमीन की कमी हो गई है। यदि द्वारका एक्सप्रेसवे बीच में बनाया गया होता तो दोनों ओर दिल्ली से गुरुग्राम तक सर्विस रोड के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध होती। जीएमडीए ने जमीन संबंधी मामला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सामने रखा है, ताकि इसका समाधान निकाला जा सके।
बतादें कि दिल्ली से एनएच-48 तक द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ सर्विस रोड नहीं है। प्रदेश सरकार 15-15 किमी दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण करा रही है। सात मीटर चौड़ी सड़क निर्माण पर करीब 99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जीएमडीए ने सर्विस लेन बनाने का काम पिछले साल शुरू किया था और करीब 70 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। सर्विस रोड बनने से सेक्टर-102, 103, 104, 105, 106, 109, 110, 111, 112 और 113 समेत अन्य सेक्टरों के लोगों को लाभ मिलेगा। सर्विस रोड बनने से स्थानीय यातायात को एक्सप्रेसवे के मुख्य मार्ग से अलग किया जा सकेगा। साथ ही, आसपास के सेक्टरों के निवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। जीएमडीए के एसई प्रवीन कुमार ने बताया कि सड़क निर्माण का करीब 70 फीसदी काम पूरा हो गया है। जहां पर जमीन संबंधी दिक्कत है, उसे दूर कराया जा रहा है।
एनएचएआई ने लगवाई ग्रिल
द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ कई बिल्डरों की परियोजनाएं विकसित हो रही हैं। ऐसे में कुछ लोगों ने सीधे एक्सप्रेसवे से अवैध तरीके से रास्ते बना लिए थे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इन सभी रास्तों को बंद करा दिया था। एक्सप्रेसवे के साथ ग्रिल लगा दी गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ सर्विस रोड निर्माण कार्य में जमीन की उपलब्धता बाधा बन रही है। कई स्थानों पर पर्याप्त भूमि उपलब्ध न होने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की ओर से एक्सप्रेसवे के दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण चल रहा है। हालांकि, कुछ हिस्सों में जमीन की उपलब्धता की समस्या के कारण कार्य में रुकावट आ रही है। अधिकारियों के अनुसार, जहां-जहां जमीन उपलब्ध है, वहां निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। वहीं, जिन स्थानों पर भूमि की कमी है, वहां संबंधित विभागों से समन्वय कर समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। जीएमडीए के अनुसार, सर्विस रोड निर्माण में चार से पांच जगहों पर जमीन की दिक्कत आ रही है।
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जीएमडीए अधिकारियों ने पाया कि कुछ स्थानों पर द्वारका एक्सप्रेसवे को बीच में (सेंट्रल) नहीं बनाए जाने के कारण सड़क की जमीन ग्रीन बेल्ट में चली गई। ऐसे में इन स्थानों पर जमीन की कमी हो गई है। यदि द्वारका एक्सप्रेसवे बीच में बनाया गया होता तो दोनों ओर दिल्ली से गुरुग्राम तक सर्विस रोड के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध होती। जीएमडीए ने जमीन संबंधी मामला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सामने रखा है, ताकि इसका समाधान निकाला जा सके।
बतादें कि दिल्ली से एनएच-48 तक द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ सर्विस रोड नहीं है। प्रदेश सरकार 15-15 किमी दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण करा रही है। सात मीटर चौड़ी सड़क निर्माण पर करीब 99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जीएमडीए ने सर्विस लेन बनाने का काम पिछले साल शुरू किया था और करीब 70 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। सर्विस रोड बनने से सेक्टर-102, 103, 104, 105, 106, 109, 110, 111, 112 और 113 समेत अन्य सेक्टरों के लोगों को लाभ मिलेगा। सर्विस रोड बनने से स्थानीय यातायात को एक्सप्रेसवे के मुख्य मार्ग से अलग किया जा सकेगा। साथ ही, आसपास के सेक्टरों के निवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। जीएमडीए के एसई प्रवीन कुमार ने बताया कि सड़क निर्माण का करीब 70 फीसदी काम पूरा हो गया है। जहां पर जमीन संबंधी दिक्कत है, उसे दूर कराया जा रहा है।
एनएचएआई ने लगवाई ग्रिल
द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ कई बिल्डरों की परियोजनाएं विकसित हो रही हैं। ऐसे में कुछ लोगों ने सीधे एक्सप्रेसवे से अवैध तरीके से रास्ते बना लिए थे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इन सभी रास्तों को बंद करा दिया था। एक्सप्रेसवे के साथ ग्रिल लगा दी गई है।