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Gurugram News: शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ी, अब हर बच्चे की पढ़ाई पर रहेगी सीधी नजर
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में ड्रॉप आउट की समस्या से निपटने के लिए शिक्षा विभाग ने अब जिम्मेदारी सीधे शिक्षकों के कंधों पर डाल दी है। नई व्यवस्था के तहत हर शिक्षक को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके स्कूल का कोई भी छात्र पढ़ाई बीच में न छोड़े और अगली कक्षा में उसका दाखिला समय पर हो जाए। इसके लिए विभाग ने टीचर ट्रैकिंग लागू किया है जिसमें शिक्षक न केवल छात्रों के एडमिशन बल्कि उनकी नियमित उपस्थित और पढ़ाई की निरंतरता पर भी नजर रखेंगे। नई व्यवस्था के अनुसार, यदि कोई छात्र किसी कारणवश अपना स्कूल बदलता है तो संबंधित शिक्षक का दायित्व होगा कि वह उसे पास के दूसरे सरकारी स्कूल में दाखिला दिलवाए। शिक्षा विभाग का मानना है कि कई बार जागरूकता की कमी और अभिभावकों की लापरवाही के कारण बच्चे पढ़ाई से दूर हो जाते हैं। ऐसे में अब शिक्षक अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाए रखेंगें और समय समय पर फॉलोअप करेंगें, ताकि छात्र शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ें रहें।
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जिन क्षेत्रों में केवल प्राइमरी या मिडिल स्तर तक के स्कूल हैं, वहां के छात्रों का आगे की कक्षाओं के लिए पास के सरकारी स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित कराया जाएगा। साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों की पढ़ाई के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चा बिना रुकावट अपनी शिक्षा पूरी करे। - सरोज दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी गुरुग्राम।
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जिन क्षेत्रों में केवल प्राइमरी या मिडिल स्तर तक के स्कूल हैं, वहां के छात्रों का आगे की कक्षाओं के लिए पास के सरकारी स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित कराया जाएगा। साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों की पढ़ाई के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चा बिना रुकावट अपनी शिक्षा पूरी करे। - सरोज दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी गुरुग्राम।
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