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Gurugram News: भोंडसी जेल में लोक अदालत, बंदियों को मिली कानूनी सहायता
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- मुफ्त अधिवक्ता की सुविधा और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला कारागार भोंडसी में 19 अगस्त को जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम की ओर से हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशन में आयोजित लोक अदालत का उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा करना रहा। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने मामलों की सुनवाई की। उन्होंने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और मुफ्त अधिवक्ता की सुविधा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोई भी बंदी साधारण प्रार्थना-पत्र देकर निशुल्क अधिवक्ता की सेवा प्राप्त कर सकता है।
निशा ने जिला कारागार का निरीक्षण कर लीगल एड क्लीनिक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों की परिवार से मुलाकात सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला बंदियों की समस्याओं और चिकित्सीय सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता और खान-पान की व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश भी दिए। बंदियों को आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 की जानकारी दी गई। इस दौरान जेल अधीक्षक विकास कौशिक और उप अधीक्षक अनिल भी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला कारागार भोंडसी में 19 अगस्त को जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम की ओर से हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशन में आयोजित लोक अदालत का उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा करना रहा। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने मामलों की सुनवाई की। उन्होंने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और मुफ्त अधिवक्ता की सुविधा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोई भी बंदी साधारण प्रार्थना-पत्र देकर निशुल्क अधिवक्ता की सेवा प्राप्त कर सकता है।
निशा ने जिला कारागार का निरीक्षण कर लीगल एड क्लीनिक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों की परिवार से मुलाकात सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला बंदियों की समस्याओं और चिकित्सीय सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता और खान-पान की व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश भी दिए। बंदियों को आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 की जानकारी दी गई। इस दौरान जेल अधीक्षक विकास कौशिक और उप अधीक्षक अनिल भी मौजूद रहे।
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