Rajasthan: नगर निकाय चुनाव का पूरा शेड्यूल जारी, 9 और 11 सितंबर को वोटिंग; जानें कब होगी मतगणना
राजस्थान नगर निकाय चुनाव का पूरा कार्यक्रम जारी हो गया है। 27 अगस्त से नामांकन शुरू होंगे। 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में मतदान होगा। 14 सितंबर को मतगणना होगी। 21 सितंबर को अध्यक्ष और 22 सितंबर को उपाध्यक्ष चुनाव होगा।
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राजस्थान में नगर निकाय चुनाव को लेकर तस्वीर अब साफ हो गई है। चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 9 सितंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को होगा। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। वहीं 14 सितंबर को मतगणना होगी। चुनाव के बाद नगर निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। 21 सितंबर को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा, जबकि 22 सितंबर को उपाध्यक्ष पद का चुनाव कराया जाएगा।
27 अगस्त से नामांकन शुरू
चुनाव को लेकर 27 अगस्त को अधिसूचना जारी की जाएगी। इसी दिन से प्रत्याशियों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद चुनावी मैदान में उतरने वाले उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 3 सितंबर को नाम वापसी की अंतिम तारीख होगी। इसके बाद चुनावी मैदान में रहने वाले प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और प्रचार अभियान भी तेज होने की संभावना है।
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नजर चुनावी तारीखों पर
- 27 अगस्त: अधिसूचना जारी, नामांकन शुरू
- 3 सितंबर: नाम वापसी
- 9 सितंबर: प्रथम चरण का मतदान
- 11 सितंबर: द्वितीय चरण का मतदान
- 14 सितंबर: मतगणना
- 21 सितंबर: अध्यक्ष का चुनाव
- 22 सितंबर: उपाध्यक्ष का चुनाव
1.44 करोड़ से अधिक मतदाता करेंगे मतदान
इन चुनावों में 1,44,03,853 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। आयोग के आंकड़ों के अनुसार 2019 के मुकाबले नगरीय निकायों में मतदाताओं की संख्या में करीब 27.24 प्रतिशत वृद्धि हुई है। आयोग के मुताबिक जयपुर नगर निगम में सबसे अधिक मतदाता हैं, जबकि इंद्रगढ़ नगरपालिका में सबसे कम 4,744 मतदाता हैं।
10,245 वार्ड, 16,465 मतदान केंद्र
नए परिसीमन के बाद 309 नगरीय निकायों में कुल 10,245 वार्ड होंगे। इनके लिए 16,465 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। वर्ष 2019 में 196 नगरीय निकायों में 7,500 वार्ड और 10,153 मतदान केंद्र थे। नए परिसीमन के कारण कई वार्डों की सीमाओं में बदलाव हुआ है। ऐसे में मतदाताओं को मतदान दिवस पर बनाए जाने वाले वोटर असिस्टेंस बूथ से अपने बूथ और मतदाता सूची में क्रमांक की जानकारी मिल सकेगी।
EVM से होगा मतदान
नगरीय निकाय चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के माध्यम से कराए जाएंगे। आयोग ने सभी जिलों में पर्याप्त EVM उपलब्ध करा दी हैं। EVM के आवंटन और उनके स्थानांतरण की ऑनलाइन ट्रैकिंग के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा।
1.15 लाख कर्मचारी और करीब 99 हजार पुलिसकर्मी होंगे तैनात
309 नगरीय निकायों के दो चरणों में चुनाव कराने के लिए करीब 1,15,255 कार्मिकों की तैनाती की जाएगी। मतदान और मतगणना दलों को दो चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 98,790 पुलिसकर्मियों को चुनाव ड्यूटी में लगाया जाएगा।
पार्षदों के चुनाव खर्च की सीमा बढ़ी
राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए अधिकतम खर्च सीमा भी निर्धारित की है। नगर निगम पार्षद के लिए अधिकतम 3.50 लाख रुपये, नगर परिषद पार्षद के लिए 2.50 लाख रुपये और नगरपालिका सदस्य के लिए 1.50 लाख रुपये खर्च सीमा तय की गई है। उम्मीदवारों को चुनाव परिणाम घोषित होने के 15 दिन के भीतर चुनाव खर्च का पूरा विवरण संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
दो से अधिक संतान की बाध्यता खत्म
नगरीय निकाय चुनाव में दो से अधिक संतान संबंधी प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। राजस्थान राजपत्र की 25 मार्च 2026 की अधिसूचना के बाद संबंधित कानूनी प्रावधानों में संशोधन किया गया है।
चुनाव वाले क्षेत्रों में आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। पहले से स्वीकृत और चल रहे विकास कार्य जारी रह सकेंगे, लेकिन नई योजनाओं, नए विकास कार्यों और नए कार्यादेश पर रोक रहेगी। आयोग ने राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों, मतदाताओं और मीडिया से शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में सहयोग की अपील की है।