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Ajmer: न्यूयॉर्क में गूंजी अजमेर शरीफ की सूफियाना सोच, संवाद कार्यक्रम में धर्मगुरुओं ने दिया एकता का संदेश

Wed, 19 Aug 2026 04:56 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर Published by: अजमेर ब्यूरो Updated Wed, 19 Aug 2026 04:56 PM IST
सार

न्यूयॉर्क के भारतीय विद्या भवन में अंतरधार्मिक संवाद आयोजित हुआ। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, यहूदी, सिख, जैन और बौद्ध प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने मानवता और प्रेम को साझा मंजिल बताया। विकास खन्ना ने भोजन को जोड़ने वाली भाषा बताया।

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Ajmer Sharif Sufi philosophy resonated in New York religious leaders delivered a message of unity
न्यूयॉर्क में गूंजी अजमेर शरीफ की सूफियाना सोच

विस्तार

न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित भारतीय विद्या भवन के सभागार में “Many Paths… One Destination!  A Sacred Dialogue Across Faiths & Traditions” विषय पर अंतरधार्मिक संवाद का आयोजन हुआ। भारतीय विद्या भवन यूएसए और अजमेर शरीफ की चिश्ती फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि, विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता और सांस्कृतिक जगत की हस्तियां शामिल हुईं।

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कार्यक्रम में सभागार खचाखच भरा रहा। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, यहूदी, सिख, जैन और बौद्ध समुदायों के लोग एक मंच पर नजर आए। भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ राजनयिक, शिक्षाविद और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोग भी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अजमेर शरीफ दरगाह के गद्दीनशीन और चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की करीब आठ सौ साल पुरानी सूफी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि अजमेर शरीफ की चौखट पर आने वाले व्यक्ति से उसकी जाति, धर्म या देश नहीं पूछा जाता। उन्होंने कहा कि इंसानियत, प्रेम, उदारता और खुले दिल से हर व्यक्ति का स्वागत करना ही चिश्ती परंपरा का मूल संदेश है।
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उन्होंने कहा कि “नदियां अलग-अलग नाम और रास्तों से बहती हैं, लेकिन उनका अंतिम मिलन समुद्र से होता है।” इसी तरह इंसान के रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन मंजिल मानवता और प्रेम की होनी चाहिए। कार्यक्रम में मशहूर शेफ विकास खन्ना ने भोजन को इंसानों को जोड़ने वाली सार्वभौमिक भाषा बताया। उन्होंने कहा कि भूख का कोई धर्म नहीं होता और किसी भूखे को भोजन कराने वाले हाथ का भी कोई धर्म नहीं होना चाहिए। उन्होंने महामारी के दौरान लाखों लोगों तक भोजन पहुंचाने के अनुभव साझा किए।

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संवाद का संचालन ग्लोबल सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष जोनाथन ग्रैनॉफ ने किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में विनाश करने की क्षमता, एक-दूसरे पर विश्वास करने की क्षमता से आगे निकल गई है। ऐसे संवाद केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कूटनीति और वैश्विक शांति की मजबूत नींव हैं।


लेखक याकुब मैथ्यू, जिन्होंने कुंभ की आध्यात्मिक परंपराओं पर Seeking the Infinite पुस्तक लिखी है, ने विभिन्न धार्मिक परंपराओं में मौजूद साझा आध्यात्मिक भावनाओं पर विचार रखे। वहीं भारतीय विद्या भवन यूएसए के चेयरमैन डॉ. नवीन मेहता ने कहा कि संस्कृति वहां पुल का काम करती है, जहां राजनीति अक्सर विभाजन पैदा करती है।

कार्यक्रम के समापन पर सभी मेहमानों के लिए भेदभाव रहित पूर्ण शाकाहारी भोजन की व्यवस्था की गई। यह आयोजन चिश्ती फाउंडेशन के वैश्विक अंतरधार्मिक संवाद अभियान का हिस्सा बताया गया। आयोजकों के अनुसार, भविष्य में इस संवाद श्रृंखला के अगले कार्यक्रम न्यूयॉर्क के साथ-साथ अजमेर शरीफ में आयोजित किए जाने पर भी विचार किया जा रहा है।

 

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