अजमेर: अस्पताल की मोर्चरी में 20 दिन से शव, न परिजन पहुंचे न प्रशासन ने कराया अंतिम संस्कार; अब आगे क्या?
अजमेर के जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में 24 वर्षीय विशाल का शव 20 दिन से अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहा है। 29 जुलाई को उसकी मौत हुई थी। पुलिस और नगर निगम को सूचना के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की मोर्चरी में 24 वर्षीय युवक विशाल का शव 20 दिन से अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहा है। 29 जुलाई को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने कोतवाली पुलिस और नगर निगम को लिखित सूचना दी, लेकिन अब तक शव लेने कोई परिजन नहीं पहुंचा और न ही सरकारी स्तर पर उसका अंतिम संस्कार कराया गया।
नौ दिन तक चला उपचार
विशाल को 20 जुलाई की सुबह करीब पौने 11 बजे गंभीर हालत में अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल लाया गया था। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उसे मेडिकल इंटेंसिव केयर यूनिट में भर्ती कर उपचार शुरू किया। करीब नौ दिन तक उपचार चलने के बाद 29 जुलाई की शाम उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया और पुलिस व नगर निगम को इसकी सूचना दी गई।
पढ़ें: शिक्षक भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बना साला, जीजा का फोटो बदलकर किया फर्जीवाड़ा, SOG ने दबोचा
अस्पताल में पुलिस चौकी, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
अस्पताल परिसर में कोतवाली थाने की पुलिस चौकी भी है। इसके बावजूद विशाल की पहचान और उसके परिजनों की तलाश के लिए अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। युवक की मौत के बाद भी शव मोर्चरी में पड़ा रहा और अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी लेने वाला कोई सामने नहीं आया।
रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने का तर्क
मामला सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने कहा कि संभवत: किसी कारण से रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पाया होगा। अधिकारियों ने मामले की जांच कराने और शव का सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, 20 दिन तक शव के मोर्चरी में पड़े रहने से अस्पताल, पुलिस और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।