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Gurugram News: 10 करोड़ की धमकी पर शिकायत नहीं, फिर भी एनकाउंटर में चार शूटर ढेर
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- पहले 2 लाख की रंगदारी पर दर्ज हुई थी एफआईआर, सुरक्षा भी मिली थी, अब पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
सोनू यादव
गुरुग्राम। सुशांत लोक ए ब्लॉक में प्रॉपर्टी डीलर विशाल बेरी के घर के बाहर दीपक नांदल गैंग के कथित शूटरों से हुई मुठभेड़ को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मुठभेड़ में चार शूटर मारे गए, जबकि पांचवां घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर दीपक नांदल की ओर से विशाल बेरी से 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी जा रही थी, लेकिन इस संबंध में न तो प्रॉपर्टी डीलर ने कोई शिकायत दी थी और न ही पुलिस रिकॉर्ड में कोई एफआईआर दर्ज थी।
एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने बताया कि फिरौती को लेकर विशाल बेरी की ओर से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। वहीं, एनकाउंटर के बाद सेक्टर-40 क्राइम ब्रांच प्रभारी एसआई ललित की शिकायत पर डीएलएफ सेक्टर-29 थाने में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि दीपक नांदल गैंग के शूटर शहर में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे और सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी।
पहले 2 लाख की रंगदारी पर दर्ज हुई थी एफआईआर-
विशाल बेरी इससे पहले भी रंगदारी की शिकायत दर्ज करा चुके हैं। 5 सितंबर 2024 को डीएलएफ सेक्टर-29 थाने में दर्ज एफआईआर में उन्होंने बताया था कि जून 2024 में दुबई यात्रा के दौरान व्हाट्सएप कॉल कर उनसे 2 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। आरोपी ने खुद को विकास लगरपुरिया गैंग का शूटर बताया था। इसके बाद उन्होंने सुरक्षाकर्मी, चालक और परिचित के माध्यम से तीन बार में 2 लाख रुपये दिए थे। बाद में लगातार धमकी मिलने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
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मिली थी सुरक्षा, बाद में हटा दी गई-
एफआईआर दर्ज होने के बाद विशाल बेरी को पुलिस सुरक्षा भी उपलब्ध कराई गई थी। कई महीनों तक उनके साथ सुरक्षाकर्मी तैनात रहा। हालांकि बाद में पुलिस सुरक्षा की समीक्षा के दौरान कई लोगों के सुरक्षाकर्मी वापस लिए गए, जिसमें विशाल बेरी की सुरक्षा भी शामिल थी। अब सवाल यह है कि जब 10 करोड़ रुपये की फिरौती को लेकर कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं थी तो पुलिस को शूटरों के हमले की सूचना कैसे मिली और इतनी बड़ी कार्रवाई किस आधार पर की गई।
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सोनू यादव
गुरुग्राम। सुशांत लोक ए ब्लॉक में प्रॉपर्टी डीलर विशाल बेरी के घर के बाहर दीपक नांदल गैंग के कथित शूटरों से हुई मुठभेड़ को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मुठभेड़ में चार शूटर मारे गए, जबकि पांचवां घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर दीपक नांदल की ओर से विशाल बेरी से 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी जा रही थी, लेकिन इस संबंध में न तो प्रॉपर्टी डीलर ने कोई शिकायत दी थी और न ही पुलिस रिकॉर्ड में कोई एफआईआर दर्ज थी।
एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने बताया कि फिरौती को लेकर विशाल बेरी की ओर से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। वहीं, एनकाउंटर के बाद सेक्टर-40 क्राइम ब्रांच प्रभारी एसआई ललित की शिकायत पर डीएलएफ सेक्टर-29 थाने में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि दीपक नांदल गैंग के शूटर शहर में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे और सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी।
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पहले 2 लाख की रंगदारी पर दर्ज हुई थी एफआईआर-
विशाल बेरी इससे पहले भी रंगदारी की शिकायत दर्ज करा चुके हैं। 5 सितंबर 2024 को डीएलएफ सेक्टर-29 थाने में दर्ज एफआईआर में उन्होंने बताया था कि जून 2024 में दुबई यात्रा के दौरान व्हाट्सएप कॉल कर उनसे 2 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। आरोपी ने खुद को विकास लगरपुरिया गैंग का शूटर बताया था। इसके बाद उन्होंने सुरक्षाकर्मी, चालक और परिचित के माध्यम से तीन बार में 2 लाख रुपये दिए थे। बाद में लगातार धमकी मिलने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
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मिली थी सुरक्षा, बाद में हटा दी गई-
एफआईआर दर्ज होने के बाद विशाल बेरी को पुलिस सुरक्षा भी उपलब्ध कराई गई थी। कई महीनों तक उनके साथ सुरक्षाकर्मी तैनात रहा। हालांकि बाद में पुलिस सुरक्षा की समीक्षा के दौरान कई लोगों के सुरक्षाकर्मी वापस लिए गए, जिसमें विशाल बेरी की सुरक्षा भी शामिल थी। अब सवाल यह है कि जब 10 करोड़ रुपये की फिरौती को लेकर कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं थी तो पुलिस को शूटरों के हमले की सूचना कैसे मिली और इतनी बड़ी कार्रवाई किस आधार पर की गई।