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Gurugram News: अब मेट्रो स्टेशन पर नहीं पड़ेगा भटकना, सीधे मिलेगी सवारी
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मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन का प्रारूप तैयार, फीडर बस, ऑटो, कार, ई-रिक्शा समेत अन्य इंतजाम होंगे
नंबर गेम - 12 स्टेशन के प्रस्तावित एमएमआई डिजाइन को मिली मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड ने मेट्रो स्टेशन के साथ यातायात सेवाओं के मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) का प्रारूप तैयार कर लिया है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रियों को बस, ऑटो, टैक्सी और पैदल मार्ग के बीच आसानी से आवागमन की सुविधा मिल सके। एमएमआई में लास्ट माइल कनेक्टिविटी (अंतिम छोर तक की यात्रा) को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे स्टेशन से गंतव्य तक पहुंचने में आसानी हो।
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड की ओर से मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक पहले चरण में मेट्रो निर्माण कार्य चल रहा है। पहले चरण के 12 स्टेशनों के प्रस्तावित एमएमआई डिजाइन को जीएमआरएल के प्रबंध निदेशक ने मंजूरी दे दी है। जीएमआरएल के अनुसार, एमएमआई डिजाइन का उद्देश्य मेट्रो स्टेशनों को आसपास के सभी परिवहन साधनों से जोड़ना है, ताकि यात्रियों को मेट्रो तक पहुंचने और वहां से आगे जाने में सुविधा मिल सके। इसके अलावा, मेट्रो स्टेशनों के आसपास ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था को कम करने पर भी ध्यान दिया गया है।
जीएमआरएल का कहना है कि गुरुग्राम मेट्रो प्रमुख बाजारों, कॉरपोरेट हब व शैक्षणिक संस्थानों को जोड़ेगी। इसके अलावा आरआरटीएम और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो जैसी सेवाओं के साथ मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जाएगा। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-45, साइबर पार्क, सेक्टर-47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज-6, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई गांव, सेक्टर-9 और सेक्टर-101 शामिल हैं।
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कैब और बस जोन बनाने का है प्रावधान
जीएमआरएल के अधिकारी ने बताया कि एमएमआई को लेकर कार्ययोजना तैयार है। टीम एक बार फिर मेट्रो स्टेशनों का दौरा कर मौके की स्थिति का निरीक्षण करेगी, ताकि जमीन संबंधी समस्या योजना को लागू करने में बाधा न बने। योजना के अनुसार, मेट्रो स्टेशन के दोनों ओर कैब और बस जोन बनाने का प्रावधान किया गया है। वहीं, ऑटो और ई-रिक्शा के लिए भी अलग से स्थान निर्धारित किए जाएंगे। इन सेवाओं को अलग-अलग व्यवस्थित करने से स्टेशनों पर भीड़ कम होगी और यात्री अपनी सुविधा के अनुसार फीडर बस या अन्य वाहनों का उपयोग कर सकेंगे।
तीनों विभाग के अधिकारी करेंगे योजना पर विचार
इस योजना को विकसित करने में जीएमआरएल, नगर निगम गुरुग्राम और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की मदद लेगा। इसे लेकर पिछले सप्ताह जीएमआरएल की टीम ने नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया से मुलाकात की थी। हालांकि, आयुक्त की व्यस्तता के कारण एमएमआई पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। इसके बाद जीएमआरएल की टीम ने इंजीनियरों के साथ इस विषय पर चर्चा की। अब दोबारा आयुक्त से मुलाकात कर योजना को लागू करने पर विस्तार से विचार किया जाएगा। दूसरी ओर, जीएमडीए समेत अन्य संबंधित विभागों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा।
सभी वाहनों के लिए निर्धारित किए जाएंगे स्थान
एमएमआई में सभी सेवाओं पर जोर दिया गया है। इसमें पैदल मार्ग (वॉकवे), फुटपाथ, रैंप, जेब्रा क्रॉसिंग, शेड आदि ताकि यात्रियों को सुरक्षित पैदल पहुंच मिले। बस स्टॉप -मेट्रो स्टेशन के निकट बस रुकने व चढ़ने-उतरने के लिए निर्धारित स्थान। पिक-अप/ड्रॉप जोन टैक्सी, निजी वाहन या कैब सेवाओं के लिए अलग लेन। ऑटो/ई-रिक्शा स्टैंड ऑटो और ई-रिक्शा के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग व यात्री प्रतीक्षा स्थल। साइकिल स्टैंड/रेंटल स्टेशन साइकिल या ई-बाइक शेयरिंग सुविधा। पार्किंग जोन टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर के लिए पार्किंग क्षेत्र। लैंडस्केपिंग और शेडहरियाली, दिव्यांगजन के लिए रैंप, टैक्टाइल पाथ, लिफ्ट आदि।
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नंबर गेम - 12 स्टेशन के प्रस्तावित एमएमआई डिजाइन को मिली मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड ने मेट्रो स्टेशन के साथ यातायात सेवाओं के मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) का प्रारूप तैयार कर लिया है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रियों को बस, ऑटो, टैक्सी और पैदल मार्ग के बीच आसानी से आवागमन की सुविधा मिल सके। एमएमआई में लास्ट माइल कनेक्टिविटी (अंतिम छोर तक की यात्रा) को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे स्टेशन से गंतव्य तक पहुंचने में आसानी हो।
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड की ओर से मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक पहले चरण में मेट्रो निर्माण कार्य चल रहा है। पहले चरण के 12 स्टेशनों के प्रस्तावित एमएमआई डिजाइन को जीएमआरएल के प्रबंध निदेशक ने मंजूरी दे दी है। जीएमआरएल के अनुसार, एमएमआई डिजाइन का उद्देश्य मेट्रो स्टेशनों को आसपास के सभी परिवहन साधनों से जोड़ना है, ताकि यात्रियों को मेट्रो तक पहुंचने और वहां से आगे जाने में सुविधा मिल सके। इसके अलावा, मेट्रो स्टेशनों के आसपास ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था को कम करने पर भी ध्यान दिया गया है।
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जीएमआरएल का कहना है कि गुरुग्राम मेट्रो प्रमुख बाजारों, कॉरपोरेट हब व शैक्षणिक संस्थानों को जोड़ेगी। इसके अलावा आरआरटीएम और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो जैसी सेवाओं के साथ मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जाएगा। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-45, साइबर पार्क, सेक्टर-47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज-6, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई गांव, सेक्टर-9 और सेक्टर-101 शामिल हैं।
कैब और बस जोन बनाने का है प्रावधान
जीएमआरएल के अधिकारी ने बताया कि एमएमआई को लेकर कार्ययोजना तैयार है। टीम एक बार फिर मेट्रो स्टेशनों का दौरा कर मौके की स्थिति का निरीक्षण करेगी, ताकि जमीन संबंधी समस्या योजना को लागू करने में बाधा न बने। योजना के अनुसार, मेट्रो स्टेशन के दोनों ओर कैब और बस जोन बनाने का प्रावधान किया गया है। वहीं, ऑटो और ई-रिक्शा के लिए भी अलग से स्थान निर्धारित किए जाएंगे। इन सेवाओं को अलग-अलग व्यवस्थित करने से स्टेशनों पर भीड़ कम होगी और यात्री अपनी सुविधा के अनुसार फीडर बस या अन्य वाहनों का उपयोग कर सकेंगे।
तीनों विभाग के अधिकारी करेंगे योजना पर विचार
इस योजना को विकसित करने में जीएमआरएल, नगर निगम गुरुग्राम और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की मदद लेगा। इसे लेकर पिछले सप्ताह जीएमआरएल की टीम ने नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया से मुलाकात की थी। हालांकि, आयुक्त की व्यस्तता के कारण एमएमआई पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। इसके बाद जीएमआरएल की टीम ने इंजीनियरों के साथ इस विषय पर चर्चा की। अब दोबारा आयुक्त से मुलाकात कर योजना को लागू करने पर विस्तार से विचार किया जाएगा। दूसरी ओर, जीएमडीए समेत अन्य संबंधित विभागों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा।
सभी वाहनों के लिए निर्धारित किए जाएंगे स्थान
एमएमआई में सभी सेवाओं पर जोर दिया गया है। इसमें पैदल मार्ग (वॉकवे), फुटपाथ, रैंप, जेब्रा क्रॉसिंग, शेड आदि ताकि यात्रियों को सुरक्षित पैदल पहुंच मिले। बस स्टॉप -मेट्रो स्टेशन के निकट बस रुकने व चढ़ने-उतरने के लिए निर्धारित स्थान। पिक-अप/ड्रॉप जोन टैक्सी, निजी वाहन या कैब सेवाओं के लिए अलग लेन। ऑटो/ई-रिक्शा स्टैंड ऑटो और ई-रिक्शा के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग व यात्री प्रतीक्षा स्थल। साइकिल स्टैंड/रेंटल स्टेशन साइकिल या ई-बाइक शेयरिंग सुविधा। पार्किंग जोन टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर के लिए पार्किंग क्षेत्र। लैंडस्केपिंग और शेडहरियाली, दिव्यांगजन के लिए रैंप, टैक्टाइल पाथ, लिफ्ट आदि।