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Gurugram News: ब्लड सैंपल लेने के दबाव में नर्सिंग ऑफिसर्स ने किया विरोध
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आरोप, नागरिक अस्पताल में लैब टेक्नीशियन का काम भी नर्सिंग स्टाफ से कराया जा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में भर्ती मरीजों के ब्लड सैंपल लेने के लिए बनाए जा रहे दबाव के खिलाफ नर्सिंग ऑफिसर्स एकजुट होकर विरोध में उतर आई हैं। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि नियमों के अनुसार आईपीडी मरीजों के ब्लड सैंपल लेना उनकी जिम्मेदारी में शामिल नहीं है। यह कार्य लैब टेक्नीशियन (एलटी) का होता है लेकिन नर्सिंग ऑफिसर्स से यह काम कराया जा रहा है, जो कि नियमों के विरुद्ध है।
नागरिक अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर्स ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वे पहले ही अस्पताल प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुकी हैं। इसके बावजूद उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि देश के किसी भी राज्य में नर्सिंग ऑफिसर्स की ओर से ब्लड सैंपल लेने की व्यवस्था नहीं है और हरियाणा अकेला राज्य है, जहां इस तरह का दबाव डाला जा रहा है।
तबादला और डेपुटेशन की दी जा रहीं धमकियां
ऑल नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा की प्रदेश उपाध्यक्ष और गुरुग्राम जिला प्रधान कमलेश सिवाच और प्रदेश प्रेस सचिव पूनम सहराय ने आरोप लगाया कि ब्लड सैंपल न लेने पर नर्सिंग ऑफिसर्स को तबादला और डेपुटेशन की धमकियां दी जा रही हैं। जो मानसिक उत्पीड़न है। उन्होंने कहा कि मरीजों के हित में नर्सिंग स्टाफ पहले ही कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां निभा रहा है। ईसीजी करना भी नर्सिंग ऑफिसर्स की जिम्मेदारी नहीं है, फिर भी प्रशिक्षण लेकर यह कार्य किया जा रहा है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि दूसरे कैडर का काम नर्सिंग ऑफिसर्स पर थोपा गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगी और अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाएंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में भर्ती मरीजों के ब्लड सैंपल लेने के लिए बनाए जा रहे दबाव के खिलाफ नर्सिंग ऑफिसर्स एकजुट होकर विरोध में उतर आई हैं। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि नियमों के अनुसार आईपीडी मरीजों के ब्लड सैंपल लेना उनकी जिम्मेदारी में शामिल नहीं है। यह कार्य लैब टेक्नीशियन (एलटी) का होता है लेकिन नर्सिंग ऑफिसर्स से यह काम कराया जा रहा है, जो कि नियमों के विरुद्ध है।
नागरिक अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर्स ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वे पहले ही अस्पताल प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुकी हैं। इसके बावजूद उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि देश के किसी भी राज्य में नर्सिंग ऑफिसर्स की ओर से ब्लड सैंपल लेने की व्यवस्था नहीं है और हरियाणा अकेला राज्य है, जहां इस तरह का दबाव डाला जा रहा है।
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तबादला और डेपुटेशन की दी जा रहीं धमकियां
ऑल नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा की प्रदेश उपाध्यक्ष और गुरुग्राम जिला प्रधान कमलेश सिवाच और प्रदेश प्रेस सचिव पूनम सहराय ने आरोप लगाया कि ब्लड सैंपल न लेने पर नर्सिंग ऑफिसर्स को तबादला और डेपुटेशन की धमकियां दी जा रही हैं। जो मानसिक उत्पीड़न है। उन्होंने कहा कि मरीजों के हित में नर्सिंग स्टाफ पहले ही कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां निभा रहा है। ईसीजी करना भी नर्सिंग ऑफिसर्स की जिम्मेदारी नहीं है, फिर भी प्रशिक्षण लेकर यह कार्य किया जा रहा है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि दूसरे कैडर का काम नर्सिंग ऑफिसर्स पर थोपा गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगी और अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाएंगी।
