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Gurugram News: पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा खुद चुन सकेंगे अधिवक्ता
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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने किया था गिरफ्तार
अदालत ने सुनवाई करते हुए आवेदन स्वीकार किया
16 मई को अदालत में पेश किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गिरफ्तार पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को अपनी पसंद का अधिवक्ता करने की अनुमति दे दी है। आरोपी की तरफ से विशेष अदालत में याचिका दायर की थी। यह आदेश पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश व जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की अदालत ने दिया है। ईडी ने आरोपी को शनिवार देर रात को अदालत में पेश किया था, जहां से सात दिन की ईडी की रिमांड पर भेज दिया गया था। अब 16 मई को अदालत में पेश किया जाएगा।
उन्होंने सोमवार को अदालत में याचिका दायर कर मांग की थी कि जांच अधिकारी उन्हें अपनी पसंद के अधिवक्ता के पक्ष में वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने की अनुमति दें। अदालत ने सुनवाई करते हुए आवेदन स्वीकार कर लिया और जांच अधिकारी को इसके संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
ईडी की तरफ से पेश हुए विशेष लोक अभियोजक साइमन बेंजामिन ने आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं जताई। अदालत ने आदेश में कहा कि जांच अधिकारी मंत्री संजीव अरोड़ा को वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने की अनुमति दें। दस्तावेज को विधिवत सत्यापित करें और उसके बाद संबंधित दस्तावेज उनके वकील या परिवार के सदस्य को सौंपें। ईडी ने करीब 100 करोड़ रुपये के मनी लान्ड्रिंग और फर्जी जीएसटी बिलिंग मामले में पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया था।
यह मामला फर्जी कंपनियों के जरिये मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री के नाम पर करोड़ों रुपये के फर्जी जीएसटी बिल तैयार करके सरकार को वित्तीय नुकसान और मनी लान्ड्रिंग से जुड़ा है। जांच एजेंसी का दावा है कि संजीव अरोड़ा से जुड़ी कंपनियों ने दिल्ली की कथित फर्जी फर्मों के माध्यम से 100 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन किए।
शनिवार को अदालत ने ईडी को रिमांड सौंपते हुए आदेश दिया था कि वह आरोपी संजीव अरोड़ा को रोजाना एक घंटे वकील से मिलने की अनुमति दें।
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अदालत ने सुनवाई करते हुए आवेदन स्वीकार किया
16 मई को अदालत में पेश किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गिरफ्तार पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को अपनी पसंद का अधिवक्ता करने की अनुमति दे दी है। आरोपी की तरफ से विशेष अदालत में याचिका दायर की थी। यह आदेश पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश व जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की अदालत ने दिया है। ईडी ने आरोपी को शनिवार देर रात को अदालत में पेश किया था, जहां से सात दिन की ईडी की रिमांड पर भेज दिया गया था। अब 16 मई को अदालत में पेश किया जाएगा।
उन्होंने सोमवार को अदालत में याचिका दायर कर मांग की थी कि जांच अधिकारी उन्हें अपनी पसंद के अधिवक्ता के पक्ष में वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने की अनुमति दें। अदालत ने सुनवाई करते हुए आवेदन स्वीकार कर लिया और जांच अधिकारी को इसके संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
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ईडी की तरफ से पेश हुए विशेष लोक अभियोजक साइमन बेंजामिन ने आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं जताई। अदालत ने आदेश में कहा कि जांच अधिकारी मंत्री संजीव अरोड़ा को वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने की अनुमति दें। दस्तावेज को विधिवत सत्यापित करें और उसके बाद संबंधित दस्तावेज उनके वकील या परिवार के सदस्य को सौंपें। ईडी ने करीब 100 करोड़ रुपये के मनी लान्ड्रिंग और फर्जी जीएसटी बिलिंग मामले में पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया था।
यह मामला फर्जी कंपनियों के जरिये मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री के नाम पर करोड़ों रुपये के फर्जी जीएसटी बिल तैयार करके सरकार को वित्तीय नुकसान और मनी लान्ड्रिंग से जुड़ा है। जांच एजेंसी का दावा है कि संजीव अरोड़ा से जुड़ी कंपनियों ने दिल्ली की कथित फर्जी फर्मों के माध्यम से 100 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन किए।
शनिवार को अदालत ने ईडी को रिमांड सौंपते हुए आदेश दिया था कि वह आरोपी संजीव अरोड़ा को रोजाना एक घंटे वकील से मिलने की अनुमति दें।