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Gurugram News: पंजाब सीएम के कथित वीडियो मामले में दूसरे आरोपी को मिली जमानत
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- सिरसा निवासी अर्जुन उर्फ अरुण को राहत, इससे पहले आरोपी अंकित की जमानत हो चुकी है
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पंजाब के मुख्यमंत्री से संबंधित कथित वीडियो मामले में गुरुग्राम पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए दूसरे आरोपी अर्जुन उर्फ अरुण को भी अदालत से जमानत मिल गई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका मंजूर कर दी। इससे पहले मामले में गिरफ्तार आरोपी अंकित को भी अदालत से जमानत मिल चुकी है।
मामले की जांच कर रही गुरुग्राम पुलिस की एसआईटी ने जांच के दौरान केस में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 यानी संगठित अपराध की धारा जोड़ी थी। अर्जुन उर्फ अरुण की ओर से पेश अधिवक्ता ने इस धारा को लगाए जाने पर आपत्ति जताते हुए अदालत में दलील दी कि जांच एजेंसी के पास संगठित अपराध से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी ने जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेज अदालत के समक्ष पेश नहीं किए हैं। अदालत ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड में कोई एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में बीएनएस की धारा 111 लागू करने का आधार स्पष्ट नहीं होता। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि सिफर सेंटिनल लैब का भौतिक अस्तित्व नहीं होना मात्र इस आधार पर उसे फर्जी फर्म साबित नहीं करता।
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फर्जी रिपोर्ट तैयार कराने का प्रयास किया गया-
मामले में जसप्रीत सिंह की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे गुरुग्राम बुलाकर पंजाब के मुख्यमंत्री से संबंधित वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए दबाव बनाया गया। उसका आरोप था कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत फर्जी रिपोर्ट तैयार कराने का प्रयास किया गया। पुलिस ने अंकित और अर्जुन उर्फ अरुण को 23 जून 2026 को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उनके बयानों के आधार पर देहरादून और दिल्ली से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य उपकरण बरामद किए गए। इसके बाद 29 जून को पंकज यादव नामक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया था।
संलिप्तता का कोई ठोस प्रमाण नहीं-
अर्जुन के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि आरोपी को मामले में झूठा फंसाया गया है और उसके खिलाफ संगठित अपराध में संलिप्तता का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। पुलिस की ओर से भी अभी तक कोई फॉरेंसिक लैब रिपोर्ट पेश नहीं की गई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अर्जुन उर्फ अरुण को जमानत दे दी।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पंजाब के मुख्यमंत्री से संबंधित कथित वीडियो मामले में गुरुग्राम पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए दूसरे आरोपी अर्जुन उर्फ अरुण को भी अदालत से जमानत मिल गई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका मंजूर कर दी। इससे पहले मामले में गिरफ्तार आरोपी अंकित को भी अदालत से जमानत मिल चुकी है।
मामले की जांच कर रही गुरुग्राम पुलिस की एसआईटी ने जांच के दौरान केस में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 यानी संगठित अपराध की धारा जोड़ी थी। अर्जुन उर्फ अरुण की ओर से पेश अधिवक्ता ने इस धारा को लगाए जाने पर आपत्ति जताते हुए अदालत में दलील दी कि जांच एजेंसी के पास संगठित अपराध से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
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सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी ने जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेज अदालत के समक्ष पेश नहीं किए हैं। अदालत ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड में कोई एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में बीएनएस की धारा 111 लागू करने का आधार स्पष्ट नहीं होता। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि सिफर सेंटिनल लैब का भौतिक अस्तित्व नहीं होना मात्र इस आधार पर उसे फर्जी फर्म साबित नहीं करता।
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फर्जी रिपोर्ट तैयार कराने का प्रयास किया गया-
मामले में जसप्रीत सिंह की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे गुरुग्राम बुलाकर पंजाब के मुख्यमंत्री से संबंधित वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए दबाव बनाया गया। उसका आरोप था कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत फर्जी रिपोर्ट तैयार कराने का प्रयास किया गया। पुलिस ने अंकित और अर्जुन उर्फ अरुण को 23 जून 2026 को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उनके बयानों के आधार पर देहरादून और दिल्ली से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य उपकरण बरामद किए गए। इसके बाद 29 जून को पंकज यादव नामक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया था।
संलिप्तता का कोई ठोस प्रमाण नहीं-
अर्जुन के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि आरोपी को मामले में झूठा फंसाया गया है और उसके खिलाफ संगठित अपराध में संलिप्तता का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। पुलिस की ओर से भी अभी तक कोई फॉरेंसिक लैब रिपोर्ट पेश नहीं की गई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अर्जुन उर्फ अरुण को जमानत दे दी।