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Gurugram News: अवैध डंपिंग, गड्ढों और मलबे के साये में बदहाल हो रहीं आसमान छूती इमारतें
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गोल्फ कोर्स एक्सेटेंशन रोड पर जगह-जगह लगा है कचरे का ढेर
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड से होकर गुजरने वाले रास्ते पर सफर करना मुश्किल हो गया है यहां पर लंबे समय से भारी मात्रा में कचरा जमा है। सड़क पर आगे बढ़ते ही सबसे पहले कचरे के ढेर दिखते हैं, जहां गाय और सांड के झुंड प्लास्टिक और कचरा चबाते नजर आते हैं। यह दृश्य देखकर ऐसा आभास होता है मानो व्यक्ति किसी मुख्य शहरी मार्ग पर नहीं बल्कि बंदवाड़ी के लैंडफिल साइट पर खड़ा हो।
सफर में थोड़ा आगे बढ़ने पर परिदृश्य बदल जाता है। टूटी-फूटी सड़कें, उखड़ा हुआ डामर और चारों तरफ फैला मलबा देखकर ऐसा लगता है जैसे आप किसी युद्ध-ग्रस्त इलाके से गुजर रहे हों। वहीं उड़ती धूल के गुबार और खोदे गए गहरे गड्ढों को देखकर किसी खदान जैसा लगता है।
इन मंजर के पास गगनचुंबी पॉश इमारतें खड़ी दिखाई देती हैं, जो इस आधुनिक शहर की विडंबना को साफ बयां करती हैं। भारी-भरकम कर चुकाने वाले स्थानीय निवासी हर्षित जैन, विक्की कुशवाहा, शुबिर मंडल और और प्रनब जैसे अन्य लोगों का कहना है कि यह बदहाली किसी भी तरीके से मिलेनियम सिटी का अहसास नहीं करातीं। उड़ती धूल, टूटी हुईं सड़कों से परेशान हो चुके हैं। वहीं अब ये इन महंगी सोसाइटी के पास बढ़ते इस कचरा स्थल ने दुखी कर दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड से होकर गुजरने वाले रास्ते पर सफर करना मुश्किल हो गया है यहां पर लंबे समय से भारी मात्रा में कचरा जमा है। सड़क पर आगे बढ़ते ही सबसे पहले कचरे के ढेर दिखते हैं, जहां गाय और सांड के झुंड प्लास्टिक और कचरा चबाते नजर आते हैं। यह दृश्य देखकर ऐसा आभास होता है मानो व्यक्ति किसी मुख्य शहरी मार्ग पर नहीं बल्कि बंदवाड़ी के लैंडफिल साइट पर खड़ा हो।
सफर में थोड़ा आगे बढ़ने पर परिदृश्य बदल जाता है। टूटी-फूटी सड़कें, उखड़ा हुआ डामर और चारों तरफ फैला मलबा देखकर ऐसा लगता है जैसे आप किसी युद्ध-ग्रस्त इलाके से गुजर रहे हों। वहीं उड़ती धूल के गुबार और खोदे गए गहरे गड्ढों को देखकर किसी खदान जैसा लगता है।
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इन मंजर के पास गगनचुंबी पॉश इमारतें खड़ी दिखाई देती हैं, जो इस आधुनिक शहर की विडंबना को साफ बयां करती हैं। भारी-भरकम कर चुकाने वाले स्थानीय निवासी हर्षित जैन, विक्की कुशवाहा, शुबिर मंडल और और प्रनब जैसे अन्य लोगों का कहना है कि यह बदहाली किसी भी तरीके से मिलेनियम सिटी का अहसास नहीं करातीं। उड़ती धूल, टूटी हुईं सड़कों से परेशान हो चुके हैं। वहीं अब ये इन महंगी सोसाइटी के पास बढ़ते इस कचरा स्थल ने दुखी कर दिया है।
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