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Gurugram News: करोड़ो खर्च किए, रेवेन्यू दिया...फिर मकान अवैध कैसे
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तोड़-फोड़ के विरोध में डीएलएफ फेज-3 में महापंचायत आयोजित, अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डीएलएफ क्षेत्र सहित शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में हो रही तोड़-फोड़ के विरोध में बुधवार को डीएलएफ फेज-3 में महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में विभिन्न क्षेत्रों से शामिल हुए लोगों ने प्रदेश सरकार, नगर निगम, जीएमडीए, एचएसवीपी और डीटीपीई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ अपना गुस्सा व्यक्त किया। साथ ही तोड़फोड़ की कार्रवाई और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
महापंचायत को जितेंद्र यादव, बिमला, मुकेश डागर, राजेश यादव, सूबे सिंह बोहरा, नरेंद्र साहनी, विजय यादव सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया। महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि डीएलएफ क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने अपनी जिंदगीभर की कमाई लगाकर जमीन की रजिस्ट्री करवाई और प्रदेश सरकार को पूरा रेवेन्यू दिया। करोड़ों रुपये खर्च करके मकान बनाए हैं और बिजली व पानी का बिल भर रहे हैं। जब प्रदेश सरकार ने रजिस्ट्री की व टैक्स लिया हुआ है तो अब उनके मकान कैसे अवैध हो गए। महापंचायत में उपस्थित लोगों का कहना था कि प्रदेश सरकार व संबंधित विभाग नियमानुसार टैक्स ले, लेकिन अवैध करार देकर मकानों व इमारतों को तोड़ना गलत है।
अधिकारियों को कहा रील बाज
महापंचायत में वक्ताओं ने तोड़-फोड़ कराने वाले विभाग के अधिकारियों को रील बाज बताते हुए उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। वक्ताओं का कहना था कि अधिकारी तोड़-फोड़ करने पहुंचते हैं तो वीडियो भी बनवाते हैं और उनको सोशल मीडिया पर डालते हैं। महापंचायत में मुख्य रूप से नगर निगम के नोडल अधिकारी आरएस बाठ की कार्यशैली को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि आखिर किस अफसर को यह अधिकार है कि वह अपनी विभागीय कार्रवाई को इस तरह पब्लिक प्लेटफॉर्म पर साझा करे और लोगों की मजबूरी का तमाशा बनाए।
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26 अगस्त को लघु सचिवालय में करेंगे पंचायत
महापंचायत के दौरान निर्णय लिया गया है कि 26 अगस्त को लघु सचिवालय में उपायुक्त कार्यालय के आगे पंचायत की जाएगी। इस पंचायत में शहर के सभी क्षेत्रों से लोग शामिल होंगे और ताेड़-फोड़ का विरोध करेंगे। प्रदेश सरकार व अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने के लिए एक कमेटी का गठन भी किया जाएगा। महापंचायत में सार्वजनिक तौर जितेंद्र यादव को कमेटी का अध्यक्ष घोषित किया गया है।
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जब मकान बनाए जा रहे थे तब अवैध घोषित क्यों नहीं किए
जो मकान व इमारतें पहले से बनी हुई हैं, उनको तोड़ना गलत है। नए मकान व इमारत को लेकर प्रदेश सरकार व संबंधित विभाग को सख्ती बरतनी चाहिए, ताकि अवैध निर्माण पर अंकुश लग सके। - ईश्वर यादव, डीएलएफ फेज-3
प्रदेश सरकार व डीटीपीई को लोगों की खून-पसीने की कमाई से बनाए मकानों को ताेड़ना सही नहीं है। मकानों व इमारतों को अवैध घोषित करके तोड़ने से लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है। - सतपाल यादव, डीएलएफ फेज-3
लोगों के पास मकान व इमारतों में किरायेदार रखकर परिवार का भरण-पोषण करने का एकमात्र साधन है। डीटीपीई द्वारा इसे तोड़कर लोगों के सक्षम आजीविका का संकट उत्पन्न किया जा रहा है। - अमित बोहरा, डीएलएफ फेज-3
जब लोग अपनी मेहनत व खून-पसीने की कमाई से मकान व इमारत बना रहे थे, तब संबंधित विभाग के अधिकारी रोकने नहीं आए। अब इनको अवैध घोषित कर लोगों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। - जितेंद्र यादव, सरहोल गांव
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डीएलएफ क्षेत्र सहित शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में हो रही तोड़-फोड़ के विरोध में बुधवार को डीएलएफ फेज-3 में महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में विभिन्न क्षेत्रों से शामिल हुए लोगों ने प्रदेश सरकार, नगर निगम, जीएमडीए, एचएसवीपी और डीटीपीई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ अपना गुस्सा व्यक्त किया। साथ ही तोड़फोड़ की कार्रवाई और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
महापंचायत को जितेंद्र यादव, बिमला, मुकेश डागर, राजेश यादव, सूबे सिंह बोहरा, नरेंद्र साहनी, विजय यादव सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया। महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि डीएलएफ क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने अपनी जिंदगीभर की कमाई लगाकर जमीन की रजिस्ट्री करवाई और प्रदेश सरकार को पूरा रेवेन्यू दिया। करोड़ों रुपये खर्च करके मकान बनाए हैं और बिजली व पानी का बिल भर रहे हैं। जब प्रदेश सरकार ने रजिस्ट्री की व टैक्स लिया हुआ है तो अब उनके मकान कैसे अवैध हो गए। महापंचायत में उपस्थित लोगों का कहना था कि प्रदेश सरकार व संबंधित विभाग नियमानुसार टैक्स ले, लेकिन अवैध करार देकर मकानों व इमारतों को तोड़ना गलत है।
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अधिकारियों को कहा रील बाज
महापंचायत में वक्ताओं ने तोड़-फोड़ कराने वाले विभाग के अधिकारियों को रील बाज बताते हुए उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। वक्ताओं का कहना था कि अधिकारी तोड़-फोड़ करने पहुंचते हैं तो वीडियो भी बनवाते हैं और उनको सोशल मीडिया पर डालते हैं। महापंचायत में मुख्य रूप से नगर निगम के नोडल अधिकारी आरएस बाठ की कार्यशैली को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि आखिर किस अफसर को यह अधिकार है कि वह अपनी विभागीय कार्रवाई को इस तरह पब्लिक प्लेटफॉर्म पर साझा करे और लोगों की मजबूरी का तमाशा बनाए।
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26 अगस्त को लघु सचिवालय में करेंगे पंचायत
महापंचायत के दौरान निर्णय लिया गया है कि 26 अगस्त को लघु सचिवालय में उपायुक्त कार्यालय के आगे पंचायत की जाएगी। इस पंचायत में शहर के सभी क्षेत्रों से लोग शामिल होंगे और ताेड़-फोड़ का विरोध करेंगे। प्रदेश सरकार व अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने के लिए एक कमेटी का गठन भी किया जाएगा। महापंचायत में सार्वजनिक तौर जितेंद्र यादव को कमेटी का अध्यक्ष घोषित किया गया है।
जब मकान बनाए जा रहे थे तब अवैध घोषित क्यों नहीं किए
जो मकान व इमारतें पहले से बनी हुई हैं, उनको तोड़ना गलत है। नए मकान व इमारत को लेकर प्रदेश सरकार व संबंधित विभाग को सख्ती बरतनी चाहिए, ताकि अवैध निर्माण पर अंकुश लग सके। - ईश्वर यादव, डीएलएफ फेज-3
प्रदेश सरकार व डीटीपीई को लोगों की खून-पसीने की कमाई से बनाए मकानों को ताेड़ना सही नहीं है। मकानों व इमारतों को अवैध घोषित करके तोड़ने से लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है। - सतपाल यादव, डीएलएफ फेज-3
लोगों के पास मकान व इमारतों में किरायेदार रखकर परिवार का भरण-पोषण करने का एकमात्र साधन है। डीटीपीई द्वारा इसे तोड़कर लोगों के सक्षम आजीविका का संकट उत्पन्न किया जा रहा है। - अमित बोहरा, डीएलएफ फेज-3
जब लोग अपनी मेहनत व खून-पसीने की कमाई से मकान व इमारत बना रहे थे, तब संबंधित विभाग के अधिकारी रोकने नहीं आए। अब इनको अवैध घोषित कर लोगों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। - जितेंद्र यादव, सरहोल गांव