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Gurugram News: स्टील की महंगाई से उद्योगों पर बढ़ा दबाव, ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के लघु और मध्यम उद्योग इस समय कई मोर्चों पर दबाव झेल रहे हैं। पश्चिम एशिया में तनाव, होर्मुज संकट, न्यूनतम वेतन में वृद्धि और खासतौर पर स्टील की बढ़ती कीमतों ने उद्यमियों की चिंता बढ़ा दी है। ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी इकाइयों पर इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार ने घरेलू उद्योगों को संरक्षण देने और आयात को नियंत्रित करने के लिए स्टील पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन इसका फायदा उठाकर बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ा दी गईं। वर्ष 2019 में 40 रुपये प्रति किलो मिलने वाला स्टील पहले 55 रुपये हुआ और अब पिछले तीन महीनों में बढ़कर 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। गुरुग्राम में बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों को उपकरण सप्लाई करने वाली इकाइयों की संख्या अधिक है, जिससे लागत बढ़ने का सीधा असर उत्पादन और मुनाफे पर पड़ रहा है। उद्यमियों का कहना है कि ग्राहक कीमतें बढ़ाने को तैयार नहीं हैं, जबकि कच्चा माल महंगा हो रहा है, जिससे दोहरी मार पड़ रही है।
वर्जन-
29 अप्रैल को होने वाले ओपन हाउस से उम्मीद है कि सरकार हमारी समस्याएं सुनेगी। – संजीव बंसल, अध्यक्ष बसई औद्योगिक क्षेत्र
युद्ध और महंगे स्टील ने उद्योगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। – श्रीपाल शर्मा, अध्यक्ष कादीपुर औद्योगिक क्षेत्र
महंगे कच्चे माल और स्थिर कीमतों के कारण उद्योगों पर दोहरी मार पड़ रही है। – केएस भड़ाना, महासचिव कादीपुर औद्योगिक क्षेत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के लघु और मध्यम उद्योग इस समय कई मोर्चों पर दबाव झेल रहे हैं। पश्चिम एशिया में तनाव, होर्मुज संकट, न्यूनतम वेतन में वृद्धि और खासतौर पर स्टील की बढ़ती कीमतों ने उद्यमियों की चिंता बढ़ा दी है। ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी इकाइयों पर इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार ने घरेलू उद्योगों को संरक्षण देने और आयात को नियंत्रित करने के लिए स्टील पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन इसका फायदा उठाकर बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ा दी गईं। वर्ष 2019 में 40 रुपये प्रति किलो मिलने वाला स्टील पहले 55 रुपये हुआ और अब पिछले तीन महीनों में बढ़कर 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। गुरुग्राम में बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों को उपकरण सप्लाई करने वाली इकाइयों की संख्या अधिक है, जिससे लागत बढ़ने का सीधा असर उत्पादन और मुनाफे पर पड़ रहा है। उद्यमियों का कहना है कि ग्राहक कीमतें बढ़ाने को तैयार नहीं हैं, जबकि कच्चा माल महंगा हो रहा है, जिससे दोहरी मार पड़ रही है।
वर्जन-
29 अप्रैल को होने वाले ओपन हाउस से उम्मीद है कि सरकार हमारी समस्याएं सुनेगी। – संजीव बंसल, अध्यक्ष बसई औद्योगिक क्षेत्र
युद्ध और महंगे स्टील ने उद्योगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। – श्रीपाल शर्मा, अध्यक्ष कादीपुर औद्योगिक क्षेत्र
महंगे कच्चे माल और स्थिर कीमतों के कारण उद्योगों पर दोहरी मार पड़ रही है। – केएस भड़ाना, महासचिव कादीपुर औद्योगिक क्षेत्र

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