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Gurugram News: बच्चों पर बढ़ता स्कूल बैग का बोझ, आदेश के बाद भी नहीं बदल रही स्थिति

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 28 Apr 2026 01:41 AM IST
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The burden of school bags on children is increasing, the situation is not changing even after the order.The burden of school bags on children is increasing, the situation is not changing even after the order.
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संवाद न्यूज एजेंसी
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गुरुग्राम। साइबर सिटी में पढा़ई का दबाव अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि बच्चों के कंधों पर लटकते भारी बैग उनकी सेहत के लिए चिंता का कारण बनते जा रहे हैं। जिले के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को रोजाना जरूरत से ज्यादा किताबें ले जानी पड़ती है। जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ने की चिंता लगातार बढ़ रही है।

हालांकि शिक्षा विभाग ने स्कूल बैग के वजन को लेकर नए नियम बनाए हुए हैं और हाल ही में इन्हें सख्ती से लागू करने के निर्देश भी दिए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। अभिभावकों का कहना है कि कई बार बच्चों को पूरी किताबों का सेट लाने के लिए कहा जाता है, जिससे बैग और भारी हो जाता है। साथ ही, प्रोजेक्ट फाइल और अन्य सामग्री भी बोझ बढ़ा देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम उम्र में लगातार भारी वजन उठाने से बच्चों की रीढ़ की हड्डी पर असर पड़ सकता है और लंबे समय में यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ती उम्र में ऐसी आदतें शरीर के विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।
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बनाए गए नियम
कक्षा 1-2: 1.5 किलो
कक्षा 3-5: 2 से 3 किलो
कक्षा 6-7: 4 किलो
कक्षा 8-9: 4.5 किलो
कक्षा 10: 5 किलो


वर्जन
बच्चों को ऐसी किताबें भी ले जानी पड़ती हैं जिनकी जरूरत उस दिन नहीं होती। ऊपर से प्रोजेक्ट और कॉपियां अलग से, जिससे बैग बहुत भारी हो जाता है।
- दिनेश कुमार, अभिभावक आंबेडकर नगर गुरुग्राम।

कई बार स्कूल में बैग के वजन को लेकर शिकायत की, लेकिन हर बार टाइम-टेबल का हवाला देकर बात टाल दी जाती है। छोटे बच्चे रोज इतना वजन उठाते हैं।
-जितेंद्र, अभिभावक, भवानी इन्क्लेव गुरुग्राम।
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