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Gurugram News: निर्माण कार्यों पर सख्ती, धूल प्रदूषण रोकने के लिए नए नियम लागू
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सीएक्यूएम ने एक अप्रैल से निर्देश पालन के लिए दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर में प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने एक अप्रैल से नए नियम लागू करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। बढ़ते धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण और ध्वस्तीकरण (सी एंडी डी) कार्यों पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इन नए नियमों का असर शहर में भी साफतौर पर देखने को मिलेगा, जहां तेजी से हो रहे निर्माण कार्य प्रदूषण का बड़ा कारण बने हुए हैं। सीएक्यूएम के निर्देशानुसार, अब गुरुग्राम में 200 वर्ग मीटर या उससे बड़े प्लॉट पर निर्माण या पुनर्निर्माण शुरू करने से पहले निर्माण मलबे को निर्धारित कलेक्शन प्वाइंट या प्रोसेसिंग सेंटर पर जमा कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए रसीद लेना भी जरूरी होगा। नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं कि वह हर 5×5 किलोमीटर क्षेत्र में कम से कम एक कलेक्शन प्वाइंट, स्टोरेज और प्रोसेसिंग सुविधा विकसित करे। साथ ही, निर्माण मलबे के सुरक्षित परिवहन और निपटान को सुनिश्चित करना होगा। अब निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग की जाए, ताकि अवैध डंपिंग पर रोक लगाई जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सख्त नियमों से शहर में धूल प्रदूषण कम होगा और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर में प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने एक अप्रैल से नए नियम लागू करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। बढ़ते धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण और ध्वस्तीकरण (सी एंडी डी) कार्यों पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इन नए नियमों का असर शहर में भी साफतौर पर देखने को मिलेगा, जहां तेजी से हो रहे निर्माण कार्य प्रदूषण का बड़ा कारण बने हुए हैं। सीएक्यूएम के निर्देशानुसार, अब गुरुग्राम में 200 वर्ग मीटर या उससे बड़े प्लॉट पर निर्माण या पुनर्निर्माण शुरू करने से पहले निर्माण मलबे को निर्धारित कलेक्शन प्वाइंट या प्रोसेसिंग सेंटर पर जमा कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए रसीद लेना भी जरूरी होगा। नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं कि वह हर 5×5 किलोमीटर क्षेत्र में कम से कम एक कलेक्शन प्वाइंट, स्टोरेज और प्रोसेसिंग सुविधा विकसित करे। साथ ही, निर्माण मलबे के सुरक्षित परिवहन और निपटान को सुनिश्चित करना होगा। अब निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग की जाए, ताकि अवैध डंपिंग पर रोक लगाई जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सख्त नियमों से शहर में धूल प्रदूषण कम होगा और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
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