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Gurugram News: बसई नहरी पेयजल संयंत्र में चौथी यूनिट पर जल्द शुरू होगा कार्य
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100 एमएलडी का संयंत्र और वाटर टैंक समेत अन्य कार्य शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बसई नहरी पानी शोधन संयंत्र में चौथे 100 एमएलडी प्लांट के निर्माण के लिए पांच एजेंसियां सामने आई हैं। जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर प्रस्ताव को एचपीडब्ल्यूपीसी में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) इस परियोजना के तहत 100 एमएलडी का नया जल शोधन संयंत्र, स्टोरेज टैंक और अन्य संबंधित कार्य कराएगा। स्काडा आधारित इस परियोजना पर करीब 188 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों के अनुसार, नया संयंत्र मौजूदा बसई प्लांट के पास उपलब्ध जमीन पर बनाया जाएगा। फेज-2 के तहत निर्माण, परीक्षण और कमीशनिंग के साथ 22 एमजीडी (100 एमएलडी) क्षमता का स्वचालित जल उपचार संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा साफ पानी के लिए जलाशय, नाबदान, कच्चे व साफ पानी के लिए पंप हाउस, पंपिंग मशीनरी, क्लोरीनीकरण प्रणाली और ट्रांसफार्मर समेत अन्य जरूरी कार्य शामिल हैं। जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा ने बताया कि फाइनेंशियल बिड खोली जा चुकी है और अब टेक्निकल बिड खोली जाएगी। इसके बाद परियोजना को अंतिम मंजूरी के लिए
उच्चाधिकार प्राप्त कार्य क्रय समिति (एचपीडब्ल्यूपीसी) के पास भेजा जाएगा। परियोजना में स्काडा प्रणाली भी लागू की जाएगी, जिससे सॉफ्टवेयर के माध्यम से पानी के शोधन और आपूर्ति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। वर्तमान में बसई संयंत्र में 90-90 एमएलडी की तीन यूनिट कार्यरत हैं, जिनकी कुल क्षमता 270 एमएलडी है। नई 100 एमएलडी यूनिट जुड़ने के बाद कुल क्षमता बढ़कर 370 एमएलडी हो जाएगी। इससे पुराने शहर और आसपास के इलाकों में पेयजल आपूर्ति में सुधार होगा। बसई संयंत्र तक यमुना नहर से करीब 69 किलोमीटर दूर से पानी लाया जाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बसई नहरी पानी शोधन संयंत्र में चौथे 100 एमएलडी प्लांट के निर्माण के लिए पांच एजेंसियां सामने आई हैं। जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर प्रस्ताव को एचपीडब्ल्यूपीसी में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) इस परियोजना के तहत 100 एमएलडी का नया जल शोधन संयंत्र, स्टोरेज टैंक और अन्य संबंधित कार्य कराएगा। स्काडा आधारित इस परियोजना पर करीब 188 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों के अनुसार, नया संयंत्र मौजूदा बसई प्लांट के पास उपलब्ध जमीन पर बनाया जाएगा। फेज-2 के तहत निर्माण, परीक्षण और कमीशनिंग के साथ 22 एमजीडी (100 एमएलडी) क्षमता का स्वचालित जल उपचार संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा साफ पानी के लिए जलाशय, नाबदान, कच्चे व साफ पानी के लिए पंप हाउस, पंपिंग मशीनरी, क्लोरीनीकरण प्रणाली और ट्रांसफार्मर समेत अन्य जरूरी कार्य शामिल हैं। जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा ने बताया कि फाइनेंशियल बिड खोली जा चुकी है और अब टेक्निकल बिड खोली जाएगी। इसके बाद परियोजना को अंतिम मंजूरी के लिए
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उच्चाधिकार प्राप्त कार्य क्रय समिति (एचपीडब्ल्यूपीसी) के पास भेजा जाएगा। परियोजना में स्काडा प्रणाली भी लागू की जाएगी, जिससे सॉफ्टवेयर के माध्यम से पानी के शोधन और आपूर्ति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। वर्तमान में बसई संयंत्र में 90-90 एमएलडी की तीन यूनिट कार्यरत हैं, जिनकी कुल क्षमता 270 एमएलडी है। नई 100 एमएलडी यूनिट जुड़ने के बाद कुल क्षमता बढ़कर 370 एमएलडी हो जाएगी। इससे पुराने शहर और आसपास के इलाकों में पेयजल आपूर्ति में सुधार होगा। बसई संयंत्र तक यमुना नहर से करीब 69 किलोमीटर दूर से पानी लाया जाता है।