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Gurugram News: शिक्षा के साथ खेलों में भी उड़ान भरेंगे विद्यार्थी
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पहली बार बड़ी संख्या में स्कूल जुड़े, 59 खेल नर्सरियों का किया गया आवंटन
नंबर गेम - 27 खेल नर्सरी मंजूर की गई स्कूलों में
शिवम राजपूत
गुरुग्राम। जिले में खेलों को बढ़ावा देने के लिए इस बार बड़ा कदम उठाया गया है। खेल विभाग की ओर से वर्ष 2026 के लिए जिले में कुल 59 खेल नर्सरियों का आवंटन किया गया है। इनमें से 27 खेल नर्सरियां निजी और सरकारी स्कूलों में स्थापित की गई हैं। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में विद्यालय इस योजना से जुड़े हैं, जिससे खेल प्रतिभाओं को निखारने का दायरा और व्यापक हुआ है।
इस वर्ष माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों की भागीदारी ने योजना को एक नई दिशा दी है। अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही स्कूल में बेहतर खेल प्रशिक्षण की सुविधा मिल सकेगी। इससे खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को काफी फायदा होगा, जिन्हें अब बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
खेल नर्सरियों के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रारंभिक स्तर पर ही प्रोफेशनल कोचिंग, बेहतर खेल सुविधाएं और अनुशासित प्रशिक्षण दिया जाता है। हरियाणा सरकार की यह योजना खिलाड़ियों को छोटी उम्र से ही तैयार करने पर केंद्रित है, ताकि वे आगे चलकर राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें।
खिलाड़ियों को दी जाती है छात्रवृत्ति
इन खेल नर्सरियों में चयनित खिलाड़ियों को हर महीने आर्थिक सहायता भी दी जाती है। हर खेल नर्सरी में 25-25 खिलाड़ी होते हैं। आमतौर पर खिलाड़ियों को उनकी आयु वर्ग के अनुसार करीब 1500 से 2000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति दी जाती है। 8 से 14 वर्ष तक के खिलाड़ियों को 1500 रुपये प्रति माह और 15 से 19 वर्ष तक के खिलाड़ियों को 2000 रुपये प्रति माह दिया जाता है, जिससे वे अपनी खेल संबंधी जरूरतों को पूरा कर सकें और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
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विद्यार्थी बोले- पढ़ाई और खेल के अभ्यास का मिल जाता है समय
स्कूल में खेल नर्सरी खुलने से हम लोगों को काफी फायदा हो रहा है। स्कूल के बाद सीधा खेल की अभ्यास करने को मिल जाता है और हर महीने पैसे भी मिलते हैं। -शिवम, बास्केटबॉल खिलाड़ी
खेल नर्सरी से हमें काफी फायदा मिल रहा है। पहले दूर स्टेडियम जाना पड़ता था लेकिन अब स्कूल में खुलने से समय बच जाता है। -रोहित, हॉकी खिलाड़ी
पहले खेल नर्सरी दाऊ देवी लाल स्टेडियम में थी तो आने-जाने में दिक्कत होती थी लेकिन अब नजदीक स्कूल में खुलने से समय और पैसे दोनों बच रहे हैं। -राधिका अग्रवाल, खो-खो खिलाड़ी
स्कूल में नर्सरी खुलने के कारण पढ़ाई के लिए समय बच जाता है और साथ ही हर महीने डाइट के लिए पैसे भी मिलते हैं। - आयुष, वॉलीबॉल खिलाड़ी
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इस बार खेल नर्सरियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जिससे अधिक से अधिक खिलाड़ियों को अवसर मिल सके। निजी और सरकारी स्कूलों की भागीदारी से खेलों का दायरा बढ़ा है। हमारा प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों तक भी बेहतर प्रशिक्षण पहुंचे और हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को आगे बढ़ने का मंच मिले। -आरती कोहली, जिला खेल अधिकारी
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नंबर गेम - 27 खेल नर्सरी मंजूर की गई स्कूलों में
शिवम राजपूत
गुरुग्राम। जिले में खेलों को बढ़ावा देने के लिए इस बार बड़ा कदम उठाया गया है। खेल विभाग की ओर से वर्ष 2026 के लिए जिले में कुल 59 खेल नर्सरियों का आवंटन किया गया है। इनमें से 27 खेल नर्सरियां निजी और सरकारी स्कूलों में स्थापित की गई हैं। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में विद्यालय इस योजना से जुड़े हैं, जिससे खेल प्रतिभाओं को निखारने का दायरा और व्यापक हुआ है।
इस वर्ष माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों की भागीदारी ने योजना को एक नई दिशा दी है। अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही स्कूल में बेहतर खेल प्रशिक्षण की सुविधा मिल सकेगी। इससे खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को काफी फायदा होगा, जिन्हें अब बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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खेल नर्सरियों के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रारंभिक स्तर पर ही प्रोफेशनल कोचिंग, बेहतर खेल सुविधाएं और अनुशासित प्रशिक्षण दिया जाता है। हरियाणा सरकार की यह योजना खिलाड़ियों को छोटी उम्र से ही तैयार करने पर केंद्रित है, ताकि वे आगे चलकर राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें।
खिलाड़ियों को दी जाती है छात्रवृत्ति
इन खेल नर्सरियों में चयनित खिलाड़ियों को हर महीने आर्थिक सहायता भी दी जाती है। हर खेल नर्सरी में 25-25 खिलाड़ी होते हैं। आमतौर पर खिलाड़ियों को उनकी आयु वर्ग के अनुसार करीब 1500 से 2000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति दी जाती है। 8 से 14 वर्ष तक के खिलाड़ियों को 1500 रुपये प्रति माह और 15 से 19 वर्ष तक के खिलाड़ियों को 2000 रुपये प्रति माह दिया जाता है, जिससे वे अपनी खेल संबंधी जरूरतों को पूरा कर सकें और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
विद्यार्थी बोले- पढ़ाई और खेल के अभ्यास का मिल जाता है समय
स्कूल में खेल नर्सरी खुलने से हम लोगों को काफी फायदा हो रहा है। स्कूल के बाद सीधा खेल की अभ्यास करने को मिल जाता है और हर महीने पैसे भी मिलते हैं। -शिवम, बास्केटबॉल खिलाड़ी
खेल नर्सरी से हमें काफी फायदा मिल रहा है। पहले दूर स्टेडियम जाना पड़ता था लेकिन अब स्कूल में खुलने से समय बच जाता है। -रोहित, हॉकी खिलाड़ी
पहले खेल नर्सरी दाऊ देवी लाल स्टेडियम में थी तो आने-जाने में दिक्कत होती थी लेकिन अब नजदीक स्कूल में खुलने से समय और पैसे दोनों बच रहे हैं। -राधिका अग्रवाल, खो-खो खिलाड़ी
स्कूल में नर्सरी खुलने के कारण पढ़ाई के लिए समय बच जाता है और साथ ही हर महीने डाइट के लिए पैसे भी मिलते हैं। - आयुष, वॉलीबॉल खिलाड़ी
इस बार खेल नर्सरियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जिससे अधिक से अधिक खिलाड़ियों को अवसर मिल सके। निजी और सरकारी स्कूलों की भागीदारी से खेलों का दायरा बढ़ा है। हमारा प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों तक भी बेहतर प्रशिक्षण पहुंचे और हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को आगे बढ़ने का मंच मिले। -आरती कोहली, जिला खेल अधिकारी

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