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Gurugram News: हीरो होंडा फ्लाईओवर के क्षतिग्रस्त भाग को तोड़कर नया बनाने की तैयारी
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फ्लाईओवर सुधार के लिए एनएचएआई उठा रहा कदम, मानसून से पहले ठीक कराने की योजना
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) हीरो होंडा फ्लाईओवर के क्षतिग्रस्त भाग के डेक स्लैब (जिस पर वाहन चलते हैं) को फिर से बनाने की योजना है। इस कार्य के लिए टेंडर संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित हीरो होंडा फ्लाईओवर का जयपुर से गुरुग्राम का भाग बीते साल दो जनवरी में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसकी जांच एनएचएआई ने सीआरआरआई से कराई थी। सीआरआरआई की टीम ने पिछले साल ही रिपोर्ट एनएचएआई को सौंप दी थी। रिपोर्ट में फ्लाईओवर के बड़े पैमाने पर मरम्मत की आवश्यकता बताई गई। पिछले महीने जीएमडीए के सीईओ की एनएचएआई के चेयरमैन के साथ बैठक हुई थी। इमसें हीरो होंडा चौक पर सुधार/मरम्मत पर चर्चा हुई थी। इसमें एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि सीआरआरआई की रिपोर्ट में डेक स्लैब को दोबारा बनाने के साथ बेयरिंग/सिस्मिक अरेस्टर बदला जाने की बात कही है।
एनएचएआई की रिपोर्ट के अनुसार, सुधार के लिए टेंडर संबंधी कार्य कराएगा। फ्लाईओवर के ऊपर बना डेक स्लैब (जिस पर वाहन चलते हैं) दोबारा बनाया जाएगा। वहीं, बेयरिंग (जो पुल के हिस्सों को सहारा देते हैं और वजन को पिलरों तक पहुंचाते हैं) व सिस्मिक अरेस्टर (भूकंप या झटकों के समय पुल को हिलने या खिसकने से रोकने वाले उपकरण) बदला जाएगा। एक अनुमान के अनुसार पूरा स्लैब बनाने पर 10-15 करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है। एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसे लेकर मुख्यालय स्तर पर कदम उठाए जा रहे है। इस पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है।
मानसून से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य
हीरो होंडा फ्लाई ओवर के मरम्मत/सुधार के दौरान ट्रैफिक मैनेजमेंट और सड़क डायवर्जन के लिए यातायात पुलिस के साथ बैठक होगी। एनएचएआई का प्रयास होगा कि काम के दौरान ट्रैफिक में कम से कम रुकावट हो। इसके अलावा, कार्यों की टाइमलाइन इस तरह से तय की जाएगी कि मानसून शुरू होने से पहले काम पूरा हो जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) हीरो होंडा फ्लाईओवर के क्षतिग्रस्त भाग के डेक स्लैब (जिस पर वाहन चलते हैं) को फिर से बनाने की योजना है। इस कार्य के लिए टेंडर संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित हीरो होंडा फ्लाईओवर का जयपुर से गुरुग्राम का भाग बीते साल दो जनवरी में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसकी जांच एनएचएआई ने सीआरआरआई से कराई थी। सीआरआरआई की टीम ने पिछले साल ही रिपोर्ट एनएचएआई को सौंप दी थी। रिपोर्ट में फ्लाईओवर के बड़े पैमाने पर मरम्मत की आवश्यकता बताई गई। पिछले महीने जीएमडीए के सीईओ की एनएचएआई के चेयरमैन के साथ बैठक हुई थी। इमसें हीरो होंडा चौक पर सुधार/मरम्मत पर चर्चा हुई थी। इसमें एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि सीआरआरआई की रिपोर्ट में डेक स्लैब को दोबारा बनाने के साथ बेयरिंग/सिस्मिक अरेस्टर बदला जाने की बात कही है।
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एनएचएआई की रिपोर्ट के अनुसार, सुधार के लिए टेंडर संबंधी कार्य कराएगा। फ्लाईओवर के ऊपर बना डेक स्लैब (जिस पर वाहन चलते हैं) दोबारा बनाया जाएगा। वहीं, बेयरिंग (जो पुल के हिस्सों को सहारा देते हैं और वजन को पिलरों तक पहुंचाते हैं) व सिस्मिक अरेस्टर (भूकंप या झटकों के समय पुल को हिलने या खिसकने से रोकने वाले उपकरण) बदला जाएगा। एक अनुमान के अनुसार पूरा स्लैब बनाने पर 10-15 करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है। एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसे लेकर मुख्यालय स्तर पर कदम उठाए जा रहे है। इस पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है।
मानसून से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य
हीरो होंडा फ्लाई ओवर के मरम्मत/सुधार के दौरान ट्रैफिक मैनेजमेंट और सड़क डायवर्जन के लिए यातायात पुलिस के साथ बैठक होगी। एनएचएआई का प्रयास होगा कि काम के दौरान ट्रैफिक में कम से कम रुकावट हो। इसके अलावा, कार्यों की टाइमलाइन इस तरह से तय की जाएगी कि मानसून शुरू होने से पहले काम पूरा हो जाए।