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Gurugram News: निजी स्कूलों के रिकॉर्ड की होगी विस्तृत जांच
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आरटीई सीटों पर शिक्षा विभाग सख्त, 20 मई तक दस्तावेजों की जांच पूरी करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिले को पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले के कई स्कूलों ने सीट डिक्लेरेशन पोर्टल पर गलत जानकारी अपलोड की है या सीटों की संख्या कम दिखाई है। इसी को लेकर अब निजी स्कूलों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की विस्तृत जांच करवाई जाएगी। शिक्षा विभाग ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि जिले के सभी निजी स्कूलों द्वारा पोर्टल पर अपलोड किए दस्तावेजों का सत्यापन किया जाए।
शिक्षा विभाग ने जांच प्रक्रिया के लिए समय सीमा भी तय दी है। अधिकारियों को 20 मई तक पूरी रिपोर्ट तैयार निदेशालय को भेजनी होगी। विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान किसी स्कूल को सुधार करने का अतिरिक्त मौका नही दिया जाएगा। केवल वही रिकार्ड मान्य होंगे जो निर्धारित समय में पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं।
इसमें स्कूलों के मान्यता प्रमाणपत्र, कक्षा अनुसार सीटों की संख्या, विद्यार्थियों का रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल होंगे। विभाग ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के अनुसार, कुछ स्कूलों द्वारा पोर्टल पर प्राइमरी विंग या कुछ कक्षाओं का गलत स्टेटस दर्शाने की शिकायतें सामने आई थी। इससे आरटीई के तहत उपलब्ध सीटों की संख्या प्रभावित हो रही थी। ऐसे मामले को गंभीरता से लेते हुए अब सभी रिकॉर्ड का दोबारा मिलान कराया जाएगा ताकि बच्चों को उनका अधिकार मिल सके।
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गुरुग्राम। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिले को पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले के कई स्कूलों ने सीट डिक्लेरेशन पोर्टल पर गलत जानकारी अपलोड की है या सीटों की संख्या कम दिखाई है। इसी को लेकर अब निजी स्कूलों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की विस्तृत जांच करवाई जाएगी। शिक्षा विभाग ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि जिले के सभी निजी स्कूलों द्वारा पोर्टल पर अपलोड किए दस्तावेजों का सत्यापन किया जाए।
शिक्षा विभाग ने जांच प्रक्रिया के लिए समय सीमा भी तय दी है। अधिकारियों को 20 मई तक पूरी रिपोर्ट तैयार निदेशालय को भेजनी होगी। विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान किसी स्कूल को सुधार करने का अतिरिक्त मौका नही दिया जाएगा। केवल वही रिकार्ड मान्य होंगे जो निर्धारित समय में पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं।
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इसमें स्कूलों के मान्यता प्रमाणपत्र, कक्षा अनुसार सीटों की संख्या, विद्यार्थियों का रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल होंगे। विभाग ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के अनुसार, कुछ स्कूलों द्वारा पोर्टल पर प्राइमरी विंग या कुछ कक्षाओं का गलत स्टेटस दर्शाने की शिकायतें सामने आई थी। इससे आरटीई के तहत उपलब्ध सीटों की संख्या प्रभावित हो रही थी। ऐसे मामले को गंभीरता से लेते हुए अब सभी रिकॉर्ड का दोबारा मिलान कराया जाएगा ताकि बच्चों को उनका अधिकार मिल सके।