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Gurugram News: जेल लोक अदालत से विचाराधीन बंदियों को राहत, चार रिहा
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निरीक्षण के दौरान बंदियों को कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से जिला कारागार भोंडसी में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें चार बंदी रिहा किए गए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह अध्यक्ष वाणी गोपाल शर्मा के मार्गदर्शन में विचाराधीन बंदियों के मामलों की सुनवाई कर त्वरित निपटान की दिशा में कार्य किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश कादियान ने कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जेल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें समय पर न्याय मिल सके। इस प्रक्रिया के तहत चार विचाराधीन बंदियों को रिहा किया गया।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, मुफ्त विधिक सहायता और अधिवक्ता की सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जेल में संचालित लीगल एड क्लिनिक का भी अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों की पारिवारिक मुलाकात, महिला बंदियों की समस्याओं, चिकित्सा सुविधाओं, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन और खान-पान सहित अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
राकेश कादियान ने बताया कि आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 के माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। इस अवसर पर विवेक चौधरी जेल सुप्रीटेंडेट व अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से जिला कारागार भोंडसी में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें चार बंदी रिहा किए गए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह अध्यक्ष वाणी गोपाल शर्मा के मार्गदर्शन में विचाराधीन बंदियों के मामलों की सुनवाई कर त्वरित निपटान की दिशा में कार्य किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश कादियान ने कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जेल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें समय पर न्याय मिल सके। इस प्रक्रिया के तहत चार विचाराधीन बंदियों को रिहा किया गया।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, मुफ्त विधिक सहायता और अधिवक्ता की सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जेल में संचालित लीगल एड क्लिनिक का भी अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों की पारिवारिक मुलाकात, महिला बंदियों की समस्याओं, चिकित्सा सुविधाओं, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन और खान-पान सहित अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
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राकेश कादियान ने बताया कि आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 के माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। इस अवसर पर विवेक चौधरी जेल सुप्रीटेंडेट व अधिवक्ता उपस्थित रहे।