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Gurugram News: औद्योगिक क्षेत्र में ऑटो चालकों की मनमानी से परेशानी
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दोगुना मांग रहे किराया, काम पर समय पर पहुंचने के कारण ज्यादा पैसे देना बना मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। आईएमटी मानेसर में ऑटो चालकों की मनमानी के कारण यहां काम करने वाले कर्मचारियों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। आईएमटी मानेसर एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है, जहां हजारों-लाखों लोग काम करने के लिए आते हैं। ऐसे में लोगों की आवाजाही के लिए ऑटो एक प्रमुख साधन है।
औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले सतीष का कहना है कि कई ऑटो चालक तय किराये से ज्यादा पैसे वसूलते हैं। मानेसर के बास गांव से ढाणा गांव तक जाने के लिए जहां किराया करीब 10 रुपये होना चाहिए, वहीं कई चालक 20 रुपये मांगते हैं। मजबूरी में यात्रियों को ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं।
रात के समय यह समस्या और बढ़ जाती है। देर रात घर लौटने वाले कर्मचारियों से दो किलोमीटर की दूरी के लिए भी 10 की बजाय 20 रुपये से लिए जाते हैं। कई बार यात्री किराये को लेकर सवाल करते हैं तो ऑटो चालक उनसे बहस करने लगते हैं।
कंपनी में काम करने वाले अखील सिंह ने बताया कि इस तरह की मनमानी अब आम हो गई है और इससे उन्हें आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऑटो किराये पर नियंत्रण किया जाए और नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। आईएमटी मानेसर में ऑटो चालकों की मनमानी के कारण यहां काम करने वाले कर्मचारियों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। आईएमटी मानेसर एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है, जहां हजारों-लाखों लोग काम करने के लिए आते हैं। ऐसे में लोगों की आवाजाही के लिए ऑटो एक प्रमुख साधन है।
औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले सतीष का कहना है कि कई ऑटो चालक तय किराये से ज्यादा पैसे वसूलते हैं। मानेसर के बास गांव से ढाणा गांव तक जाने के लिए जहां किराया करीब 10 रुपये होना चाहिए, वहीं कई चालक 20 रुपये मांगते हैं। मजबूरी में यात्रियों को ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं।
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रात के समय यह समस्या और बढ़ जाती है। देर रात घर लौटने वाले कर्मचारियों से दो किलोमीटर की दूरी के लिए भी 10 की बजाय 20 रुपये से लिए जाते हैं। कई बार यात्री किराये को लेकर सवाल करते हैं तो ऑटो चालक उनसे बहस करने लगते हैं।
कंपनी में काम करने वाले अखील सिंह ने बताया कि इस तरह की मनमानी अब आम हो गई है और इससे उन्हें आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऑटो किराये पर नियंत्रण किया जाए और नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाए।