{"_id":"69d56499bbcc0cdc5900f93e","slug":"waiting-for-new-books-studies-started-with-old-ones-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-84264-2026-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: नई किताबों का इंतजार, पुरानी से शुरू हुई पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: नई किताबों का इंतजार, पुरानी से शुरू हुई पढ़ाई
विज्ञापन
विज्ञापन
- 15 अप्रैल तक आपूर्ति होने की उम्मीद, 80 हजार छात्र प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन जिले के सरकारी स्कूलों में अब तक नई किताबें नहीं पहुंच पाई हैं। ऐसे में हजारों छात्र पुराने सत्र की किताबों के सहारे ही नई कक्षा की पढ़ाई शुरू करने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि 15 अप्रैल तक नई पुस्तकों की आपूर्ति कर दी जाएगी। जिले के करीब 368 सरकारी स्कूलों में लगभग 80 हजार छात्र इस समस्या से प्रभावित हैं। शुरुआती दिनों में किताबें न मिलने से पढ़ाई की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि स्कूलों में पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए बुक बैंक व्यवस्था का सहारा लिया जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत पुराने छात्रों की किताबें विद्यार्थियों को दी जा रही हैं, ताकि वे पढ़ाई जारी रख सकें।
बता दें कि जिले के प्राथमिक और मिडिल स्कूलों को किताबें निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। जिले के लिए डेढ़ लाख से अधिक किताबों की मांग पहले ही भेजी जा चुकी है, लेकिन सप्लाई में देरी के कारण हर साल की तरह इस बार भी छात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इस स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षकों का कहना है कि सत्र के शुरुआती दिनों में किताबें उपलब्ध न होना पढ़ाई के लिए चुनौती बन जाता है। उन्हें पुरानी किताबों से ही छात्रों को पढ़ाना पड़ रहा है। साथ ही पाठ्यक्रम को समय पर पूरा कराना मुश्किल हो जाता है।
वर्जन
कई कक्षाओं के छात्र फिलहाल पुरानी किताबों से ही पढ़ाई कर रहे हैं, ताकि उनका समय खराब न हो और शिक्षक भी जरूरी विषयों पर फोकस करते हुए कक्षाएं ले रहे हैं। 15 अप्रैल तक नई किताबें उपलब्ध हो जाएंगी। इसके बाद पढ़ाई को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। - अशोक, प्रधानाचार्य, सेक्टर 4/7 पीएम श्री गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल गुरुग्राम
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन जिले के सरकारी स्कूलों में अब तक नई किताबें नहीं पहुंच पाई हैं। ऐसे में हजारों छात्र पुराने सत्र की किताबों के सहारे ही नई कक्षा की पढ़ाई शुरू करने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि 15 अप्रैल तक नई पुस्तकों की आपूर्ति कर दी जाएगी। जिले के करीब 368 सरकारी स्कूलों में लगभग 80 हजार छात्र इस समस्या से प्रभावित हैं। शुरुआती दिनों में किताबें न मिलने से पढ़ाई की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि स्कूलों में पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए बुक बैंक व्यवस्था का सहारा लिया जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत पुराने छात्रों की किताबें विद्यार्थियों को दी जा रही हैं, ताकि वे पढ़ाई जारी रख सकें।
बता दें कि जिले के प्राथमिक और मिडिल स्कूलों को किताबें निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। जिले के लिए डेढ़ लाख से अधिक किताबों की मांग पहले ही भेजी जा चुकी है, लेकिन सप्लाई में देरी के कारण हर साल की तरह इस बार भी छात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इस स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षकों का कहना है कि सत्र के शुरुआती दिनों में किताबें उपलब्ध न होना पढ़ाई के लिए चुनौती बन जाता है। उन्हें पुरानी किताबों से ही छात्रों को पढ़ाना पड़ रहा है। साथ ही पाठ्यक्रम को समय पर पूरा कराना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्जन
कई कक्षाओं के छात्र फिलहाल पुरानी किताबों से ही पढ़ाई कर रहे हैं, ताकि उनका समय खराब न हो और शिक्षक भी जरूरी विषयों पर फोकस करते हुए कक्षाएं ले रहे हैं। 15 अप्रैल तक नई किताबें उपलब्ध हो जाएंगी। इसके बाद पढ़ाई को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। - अशोक, प्रधानाचार्य, सेक्टर 4/7 पीएम श्री गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल गुरुग्राम