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Gurugram News: एसजीटी विश्वविद्यालय में डिजिटल शिक्षा पर कार्यशाला
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-60 से अधिक शिक्षाविदों ने लिया हिस्सा, एमओओसीज की प्रक्रिया समझी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। डिजिटल उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और शिक्षकों को ऑनलाइन शिक्षण की आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए एसजीटी विश्वविद्यालय में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एंड्रागॉजिकल एंड पेडागॉजिकल साइंसेज (सीईएपीएस) ने कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सीईसी) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सहयोग से कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें 60 से अधिक फैकल्टी सदस्यों, कोर्स कोऑर्डिनेटर्स और शिक्षाविदों ने भाग लिया।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को एमओओसीज की योजना बनाने, कोर्स विकास, इंस्ट्रक्शनल डिजाइन, डिजिटल कंटेंट तैयार करने, प्रोडक्शन प्रक्रिया, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और प्रमाणन से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। शिक्षकों को डिजिटल उच्च शिक्षा पहलों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सीईएनटी के निदेशक डॉ. कर्नल पीएस जेम्स के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि एमओओसीज के माध्यम से उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ और लचीला बनाया जा सकता है। शिक्षकों को राष्ट्रीय डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम से जोड़ने और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने की जरूरत है। इंटरैक्टिव सत्र में शिक्षाविदों ने संस्थागत स्वीकृति, पात्रता मानदंड, कोर्स तैयार करने की समयसीमा और परीक्षाओं से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए एमओओसीज विकसित करने की व्यावहारिक प्रक्रिया समझाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। डिजिटल उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और शिक्षकों को ऑनलाइन शिक्षण की आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए एसजीटी विश्वविद्यालय में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एंड्रागॉजिकल एंड पेडागॉजिकल साइंसेज (सीईएपीएस) ने कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सीईसी) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सहयोग से कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें 60 से अधिक फैकल्टी सदस्यों, कोर्स कोऑर्डिनेटर्स और शिक्षाविदों ने भाग लिया।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को एमओओसीज की योजना बनाने, कोर्स विकास, इंस्ट्रक्शनल डिजाइन, डिजिटल कंटेंट तैयार करने, प्रोडक्शन प्रक्रिया, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और प्रमाणन से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। शिक्षकों को डिजिटल उच्च शिक्षा पहलों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सीईएनटी के निदेशक डॉ. कर्नल पीएस जेम्स के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि एमओओसीज के माध्यम से उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ और लचीला बनाया जा सकता है। शिक्षकों को राष्ट्रीय डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम से जोड़ने और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने की जरूरत है। इंटरैक्टिव सत्र में शिक्षाविदों ने संस्थागत स्वीकृति, पात्रता मानदंड, कोर्स तैयार करने की समयसीमा और परीक्षाओं से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए एमओओसीज विकसित करने की व्यावहारिक प्रक्रिया समझाई।
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