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विश्व पार्किंसंस दिवस : गुरुग्राम में बढ़ रहे पार्किंसंस के मामले, हर माह नए मरीज पहुंच रहे अस्पताल
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- न्यूरो विशेषज्ञों की कमी से उपचार प्रभावित, जागरूकता और समय पर इलाज पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हर साल 11 अप्रैल को विश्व पार्किंसंस दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर और प्रगतिशील बीमारी पार्किंसंस के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह दिन जेम्स पार्किंसन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिन्होंने इस बीमारी का पहली बार विस्तार से वर्णन किया था। बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण इस बीमारी के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।
सेक्टर 10 स्थित नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, यहां हर महीने पार्किंसंस के दो से तीन नए मरीज सामने आते हैं। इस बीमारी में मरीज को हाथ-पैरों में कंपकंपी, शरीर में जकड़न, संतुलन बिगड़ना और धीरे-धीरे चलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल इस बीमारी का पूर्ण इलाज संभव नहीं है, लेकिन दवाओं के माध्यम से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों के लिए आवश्यक दवाएं और ड्रग्स निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी बेहतर उपचार मिल सके। डॉक्टरों ने लोगों से समय रहते लक्षण पहचानकर इलाज शुरू कराने की अपील की है।
पार्किंसंस के लक्षण -
-हाथों/पैरों में कंपन
-मांसपेशियों में अकड़न
-धीमी गति
-संतुलन में कमी
(आमतौर पर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्रभावित करता है और समय के साथ बढ़ता है।)
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न्यूरो विशेषज्ञों की कमी से पार्किंसंस मरीजों का इलाज प्रभावित -
सेक्टर 10 स्थित नागरिक अस्पताल में पार्किंसंस मरीजों के लिए न्यूरो विशेषज्ञ की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से इलाज में दिक्कतें सामने आ रही हैं। इस बीमारी का उपचार मुख्य रूप से न्यूरोलॉजिस्ट की ओर से ही किया जाता है, लेकिन विशेषज्ञ की कमी के कारण मरीजों को अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। वर्तमान में फिजिशियन की तरफ से इलाज करते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल की नई बिल्डिंग बनने के बाद सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत न्यूरो विभाग की स्थापना भी प्रस्तावित है, जिससे पार्किंसंस सहित अन्य मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार मिल सकेगा।
वर्जन
सेक्टर 10 नागरिक अस्पताल में हर महीने पार्किंसंस के दो से तीन मरीज सामने आते हैं। फिलहाल मरीजों का इलाज दवाओं और आवश्यक ड्रग्स के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे उनके लक्षणों को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाता है। - डाॅ. काजल, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हर साल 11 अप्रैल को विश्व पार्किंसंस दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर और प्रगतिशील बीमारी पार्किंसंस के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह दिन जेम्स पार्किंसन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिन्होंने इस बीमारी का पहली बार विस्तार से वर्णन किया था। बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण इस बीमारी के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।
सेक्टर 10 स्थित नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, यहां हर महीने पार्किंसंस के दो से तीन नए मरीज सामने आते हैं। इस बीमारी में मरीज को हाथ-पैरों में कंपकंपी, शरीर में जकड़न, संतुलन बिगड़ना और धीरे-धीरे चलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल इस बीमारी का पूर्ण इलाज संभव नहीं है, लेकिन दवाओं के माध्यम से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों के लिए आवश्यक दवाएं और ड्रग्स निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी बेहतर उपचार मिल सके। डॉक्टरों ने लोगों से समय रहते लक्षण पहचानकर इलाज शुरू कराने की अपील की है।
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पार्किंसंस के लक्षण -
-हाथों/पैरों में कंपन
-मांसपेशियों में अकड़न
-धीमी गति
-संतुलन में कमी
(आमतौर पर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्रभावित करता है और समय के साथ बढ़ता है।)
न्यूरो विशेषज्ञों की कमी से पार्किंसंस मरीजों का इलाज प्रभावित -
सेक्टर 10 स्थित नागरिक अस्पताल में पार्किंसंस मरीजों के लिए न्यूरो विशेषज्ञ की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से इलाज में दिक्कतें सामने आ रही हैं। इस बीमारी का उपचार मुख्य रूप से न्यूरोलॉजिस्ट की ओर से ही किया जाता है, लेकिन विशेषज्ञ की कमी के कारण मरीजों को अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। वर्तमान में फिजिशियन की तरफ से इलाज करते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल की नई बिल्डिंग बनने के बाद सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत न्यूरो विभाग की स्थापना भी प्रस्तावित है, जिससे पार्किंसंस सहित अन्य मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार मिल सकेगा।
वर्जन
सेक्टर 10 नागरिक अस्पताल में हर महीने पार्किंसंस के दो से तीन मरीज सामने आते हैं। फिलहाल मरीजों का इलाज दवाओं और आवश्यक ड्रग्स के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे उनके लक्षणों को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाता है। - डाॅ. काजल, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल