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गुरु तेग बहादुर का बलिदान मानवता के लिए प्रेरणा: राज्यपाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि गुरु तेग बहादुर का बलिदान मानव इतिहास में धर्म और अंतरात्मा की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदानों में से एक है। रविवार को बीदर के गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित ‘सिख शहादत परंपरा और गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में उन्होंने गुरु तेग बहादुर को ‘हिंद दी चादर’ बताया। संस्कृति मंत्रालय, साहित्य अकादमी और गुरुद्वारा श्री नानक झीरा साहिब प्रबंधन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी में साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. वरुण गुलाटी ने 350वें शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में ऐसे आयोजनों की जानकारी दी। विद्वानों ने सिख शहादत परंपरा के ऐतिहासिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक पक्षों पर विचार रखे।
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नई दिल्ली। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि गुरु तेग बहादुर का बलिदान मानव इतिहास में धर्म और अंतरात्मा की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदानों में से एक है। रविवार को बीदर के गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित ‘सिख शहादत परंपरा और गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में उन्होंने गुरु तेग बहादुर को ‘हिंद दी चादर’ बताया। संस्कृति मंत्रालय, साहित्य अकादमी और गुरुद्वारा श्री नानक झीरा साहिब प्रबंधन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी में साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. वरुण गुलाटी ने 350वें शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में ऐसे आयोजनों की जानकारी दी। विद्वानों ने सिख शहादत परंपरा के ऐतिहासिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक पक्षों पर विचार रखे।