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Delhi NCR News: बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं तो वेतन नहीं
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समाज कल्याण विभाग ने जारी किए सख्त आदेश, संविदा पदों के विस्तार पर भी लग सकती है रोक
गलत हाजिरी रिपोर्ट पर अधिकारी से होगी रिकवरी, व्हाट्सएप से रिपोर्ट भेजने पर पूरी तरह रोक
आदित्य पाण्डेय
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर सख्त व्यवस्था लागू कर दी है। विभाग ने साफ कर दिया है कि अब प्रमाणित बायोमेट्रिक उपस्थिति रिपोर्ट के बिना किसी कर्मचारी का वेतन जारी नहीं होगा। साथ ही बायोमेट्रिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने पर संविदा पदों के विस्तार के प्रस्ताव भी अटक सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ रिकवरी और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने संविदा पदों के विस्तार और नियमितीकरण से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर आपत्ति जताई है। इसके बाद अब प्रत्येक वेतन बिल के साथ बायोमेट्रिक सिस्टम से तैयार उपस्थिति रिपोर्ट संलग्न करना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि ऐसा नहीं होने पर वेतन नहीं दिया जाएगा और पदों के विस्तार की व्यवस्था भी रोकी जाएगी। इसको लेकर समाज कल्याण विभाग की ओर से सर्कुलर जारी किया गया है।
15 तारीख तक वेतन देने की जिम्मेदारी
विभाग ने कैबिनेट के पहले के फैसले का हवाला देते हुए कहा है कि हर महीने की 15 तारीख तक कर्मचारियों का वेतन हर हाल में जारी किया जाएगा। इसके लिए सभी कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि महीने के अंतिम कार्य दिवस के बाद पहले कार्य दिवस पर ही उपस्थिति प्रमाण पत्र तैयार कर ई-ऑफिस के माध्यम से उसे भेज दें। देरी होने पर संबंधित शाखा प्रभारी या कार्यालय अध्यक्ष को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा।
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व्हाट्सएप से रिपोर्ट भेजने पर रोक
दिल्ली सरकार की ई-ऑफिस प्रणाली को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए विभाग ने व्हाट्सएप या किसी अन्य अनौपचारिक माध्यम से उपस्थिति रिपोर्ट भेजने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब सभी दस्तावेज केवल ई-ऑफिस प्रणाली के जरिए ही स्वीकार किए जाएंगे। उपस्थिति प्रमाण पत्र पर केवल अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर मान्य होंगे।
गलत रिपोर्ट पर होगी रिकवरी
वित्त विभाग ने ये भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी अधिकारी की ओर से गलत या फर्जी उपस्थिति रिपोर्ट देकर किसी कर्मचारी को अतिरिक्त वेतन का भुगतान कराया जाता है, तो उसकी वसूली संबंधित अधिकारी से ही की जाएगी। ऐसे मामलों में केवल रिकवरी ही नहीं, बल्कि सेवा आचरण नियमों के तहत विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग का कहना है कि इन निर्देशों का उद्देश्य वेतन भुगतान प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
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गलत हाजिरी रिपोर्ट पर अधिकारी से होगी रिकवरी, व्हाट्सएप से रिपोर्ट भेजने पर पूरी तरह रोक
आदित्य पाण्डेय
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर सख्त व्यवस्था लागू कर दी है। विभाग ने साफ कर दिया है कि अब प्रमाणित बायोमेट्रिक उपस्थिति रिपोर्ट के बिना किसी कर्मचारी का वेतन जारी नहीं होगा। साथ ही बायोमेट्रिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने पर संविदा पदों के विस्तार के प्रस्ताव भी अटक सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ रिकवरी और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने संविदा पदों के विस्तार और नियमितीकरण से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर आपत्ति जताई है। इसके बाद अब प्रत्येक वेतन बिल के साथ बायोमेट्रिक सिस्टम से तैयार उपस्थिति रिपोर्ट संलग्न करना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि ऐसा नहीं होने पर वेतन नहीं दिया जाएगा और पदों के विस्तार की व्यवस्था भी रोकी जाएगी। इसको लेकर समाज कल्याण विभाग की ओर से सर्कुलर जारी किया गया है।
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15 तारीख तक वेतन देने की जिम्मेदारी
विभाग ने कैबिनेट के पहले के फैसले का हवाला देते हुए कहा है कि हर महीने की 15 तारीख तक कर्मचारियों का वेतन हर हाल में जारी किया जाएगा। इसके लिए सभी कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि महीने के अंतिम कार्य दिवस के बाद पहले कार्य दिवस पर ही उपस्थिति प्रमाण पत्र तैयार कर ई-ऑफिस के माध्यम से उसे भेज दें। देरी होने पर संबंधित शाखा प्रभारी या कार्यालय अध्यक्ष को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा।
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व्हाट्सएप से रिपोर्ट भेजने पर रोक
दिल्ली सरकार की ई-ऑफिस प्रणाली को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए विभाग ने व्हाट्सएप या किसी अन्य अनौपचारिक माध्यम से उपस्थिति रिपोर्ट भेजने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब सभी दस्तावेज केवल ई-ऑफिस प्रणाली के जरिए ही स्वीकार किए जाएंगे। उपस्थिति प्रमाण पत्र पर केवल अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर मान्य होंगे।
गलत रिपोर्ट पर होगी रिकवरी
वित्त विभाग ने ये भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी अधिकारी की ओर से गलत या फर्जी उपस्थिति रिपोर्ट देकर किसी कर्मचारी को अतिरिक्त वेतन का भुगतान कराया जाता है, तो उसकी वसूली संबंधित अधिकारी से ही की जाएगी। ऐसे मामलों में केवल रिकवरी ही नहीं, बल्कि सेवा आचरण नियमों के तहत विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग का कहना है कि इन निर्देशों का उद्देश्य वेतन भुगतान प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।