फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Himanshu Bhau would issue a death sentence if extortion money was not paid

हिमांशु भाऊ... सिंस 2020: रंगदारी नहीं देने पर सुनाता था मौत का फरमान, आगे बढ़कर लॉरेंस को देता था टक्कर

Sun, 25 Oct 2026 08:45 AM IST
Akash Dubey पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली Published by: Akash Dubey Updated Sun, 25 Oct 2026 08:45 AM IST
सार

हरियाणा के हिमांशु भाऊ ने 2020 से अपराधी लॉरेंस बिश्नोई को चुनौती दी। उसका गिरोह रंगदारी, अपहरण और हत्या जैसी वारदात में शामिल है। दिल्ली पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।

विज्ञापन
Himanshu Bhau would issue a death sentence if extortion money was not paid
हिमांशु भाऊ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमांशु भाऊ... सिंस 2020। महज दो साल में उसने देश के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को चुनौती दी। ये बातें सामने आईं तो दिल्ली पुलिस समेत देश की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। सुरक्षा एजेंसियों ने जब हिमांशु भाऊ की आपराधिक पृष्ठभूमि खंगाली, तो वे भी हैरान रह गईं कि हरियाणा के रिटौली गांव के एक युवक ने कैसे जुर्म की दुनिया में अपना नेटवर्क खड़ा कर लॉरेंस बिश्नोई को चुनौती दे दी। हिमांशु भाऊ के रंगदारी वसूलने के तरीके ने उसे दूसरे गैंगस्टरों से अलग पहचान दिलाई। बताया जाता है कि रंगदारी नहीं देने पर वह केवल फायरिंग कर डराने के बजाय सीधे हत्या करने का फरमान सुना देता था। वहीं, लॉरेंस बिश्नोई गैंग और दूसरे गिरोहों के बारे में अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि वे फिरौती नहीं मिलने पर फायरिंग कर पीड़ितों में डर पैदा करते हैं।

विज्ञापन


हिमांशु भाऊ गैंग पर लंबे समय से काम कर रहे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक अधिकारी के मुताबिक, हिमांशु जब भी कोई पोस्ट या चिट्ठी जारी करता है, तो उस पर हमेशा हिमांशु भाऊ... सिंस 2020 लिखता है। अधिकारी ने बताया कि बाहरी दिल्ली और नजफगढ़ क्षेत्र के कई पुराने गैंगस्टरों की उम्र बढ़ चुकी है या वे जेल में बंद हैं। ऐसे में हिमांशु ने नीरज बवाना और अन्य गैंगस्टरों से हाथ मिलाया। पुराने गैंगस्टरों की घटती सक्रियता के बीच उसने अपना नेटवर्क मजबूत करना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विरोधी गैंगस्टरों और बदमाशों से भी गठजोड़ किया। शुरुआत में उसने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अपना आधार मजबूत करना शुरू किया।

विज्ञापन
Trending Videos



आरोप है कि हिमांशु भाऊ गैंग दिल्ली में रंगदारी के लिए 12 से 14 वारदातों को अंजाम दे चुका है। कुछ महीनों तक दिल्ली में कई जगहों पर लगातार फायरिंग की घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए थे। हालात ऐसे बने कि दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी दिन-रात गश्त के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा।

विज्ञापन

जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह गैंग वर्ष 2020 से लगातार सक्रिय है। इस पर व्यापारियों, प्रॉपर्टी डीलरों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर रंगदारी, अपहरण और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देने के आरोप हैं। दिल्ली पुलिस ने हिमांशु भाऊ पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है।

विज्ञापन

हिमांशु के इन कारनामों ने दिल्ली पुलिस की उड़ा दी थी नींद
जून 2024: राजौरी गार्डन के बर्गर किंग आउटलेट में हत्या:
जून 2024 में दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट में फायरिंग की घटना हुई थी। आरोप है कि भाऊ गैंग के शूटरों ने विरोधी गुट से जुड़े अमन जून पर सरेआम करीब 40 गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौत हो गई।

दिल्ली के कार शोरूम निशाने पर: दिल्ली के नारायणा और तिलक नगर इलाकों में बड़े कार शोरूमों को निशाना बनाया गया। आरोप है कि हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग कर शोरूम मालिकों से करोड़ों रुपये की फिरौती मांगी।

दिसंबर 2023: द्वारका में कारोबारी पर हमला: दिसंबर 2023 में द्वारका में एक रियल एस्टेट कारोबारी पर 40 से अधिक गोलियां चलाए जाने और उससे एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की घटना सामने आई थी।

जुलाई 2025: पुलिसकर्मी से उगाही की कोशिश: जुलाई 2025 में दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल से भी कथित तौर पर रंगदारी वसूलने की कोशिश की गई। बाद में रोहतक के डीघल में उसकी हत्या कर दी गई थी।

हिमांशु, फरीदपुरिया के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी
दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस भगोड़े गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया के प्रत्यर्पण की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के साथ मिलकर काम कर रही हैं। दोनों को भारत लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका के लास वेगास से हिरासत में लिया गया है। वह कई फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर अमेरिका भाग गया था और वहां से भारत में रंगदारी का रैकेट चला रहा था। वह हांसी में जिम मालिक कपिल की हत्या समेत कई अन्य गंभीर मामलों में लंबे समय से वांछित था।

हिमांशु भाऊ को अमेरिकी अधिकारियों ने हिरासत में लिया
गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, हिमांशु भाऊ को अमेरिकी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है और वह फिलहाल अमेरिका के आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन विभाग (आईसीई) की गिरफ्त में है। अधिकारियों ने बताया कि भारत में हत्या और रंगदारी के कई मामलों में वांछित भाऊ को शुरुआत में गलत जानकारी देने के आरोप में हिरासत में लिया था। हरियाणा पुलिस ने अमेरिकी अधिकारियों को सूचित किया था कि वह पासपोर्ट में फर्जी नाम का इस्तेमाल कर भारत से फरार हुआ था।

हिमांशु को 17 साल की उम्र में हिरासत में लिया गया था
अधिकारियों के मुताबिक, हरियाणा पुलिस का विशेष कार्य बल (एसटीएफ) अमेरिका से उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज करने के लिए भारत में इंटरपोल की नोडल एजेंसी सीबीआई के साथ लगातार संपर्क में है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि भाऊ को 17 साल की उम्र में अपने एक विरोधी की हत्या के प्रयास के आरोप में हिरासत में लिया गया था, लेकिन वह 2020 में हिसार के एक बाल सुधार गृह से फरार हो गया था। इसके बाद से वह संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा और अब वह देश के वांछित अपराधियों में से एक है। 

फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत से पुर्तगाल भागा था
भाऊ शुरुआत में फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत से पुर्तगाल भागा था और तब से विदेश में रहकर अपने आपराधिक गिरोह का संचालन कर रहा था। उसके गिरोह के संबंध लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के विरोधी गुटों से बताए जाते हैं। यह गिरोह सितंबर में उस समय सुर्खियों में आया, जब उसने दक्षिण दिल्ली के आया नगर इलाके में जिम ट्रेनर और मालिक विजय कुमार की दिनदहाड़े हुई हत्या की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर ली। विजय कुमार को 14 सितंबर को बहाने से बाहर बुलाया गया था। 

फर्जी पासपोर्ट से फरार हुए थे दोनों गैंगस्टर 
हिमांशु भाऊ ने हिमांशु सिगरोहा के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाया था, जबकि नीरज फरीदपुरिया ने नीरज कौशिक के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। नीरज 2025 के आखिरी महीनों में पुर्तगाल से अमेरिका चला गया था। अमेरिकी एजेंसी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) ने हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया के संबंध में जानकारी जारी की है। दोनों ने विदेश जाने के लिए फर्जी पासपोर्ट पर अलग-अलग नामों का इस्तेमाल किया था। नीरज फरीदपुरिया को भी अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ रंगदारी, मारपीट, अवैध वसूली और संगठित अपराध समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उसका नाम कांग्रेस नेता विकास चौधरी की हत्या के मामले में भी सामने आया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उसके ठिकानों पर छापेमारी भी कर चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed