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Delhi NCR News: जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड के दोषी पुलिस वालों से तुरंत वापस लें वीरता पदक
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दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने भगवंत मान सरकार पर बनाया दबाव, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों का दिया हवाला, कहा- दोषी अधिकारियों को वीरता पदक रखने का अधिकार नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म सतलुज के रिलीज होने के बाद उग्रवाद के दौर में हुई कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। इसी बीच दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने खालड़ा अपहरण और हत्या मामले में दोषी ठहराए गए पुलिस अधिकारियों से वीरता पदक वापस लेने के लिए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।
कमेटी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों का तत्काल पालन करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर पंजाब सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। कमेटी अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि गृह मंत्रालय ने कई बार पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि अदालत से दोषी ठहराए गए पुलिस अधिकारियों से वीरता पदक वापस लिए जाएं। उनका आरोप है कि इसके बावजूद अब तक किसी भी सरकार ने इस पर अमल नहीं किया।
आप-अकाली-कांग्रेस...तीन सरकारें घेरे में
कमेटी नेताओं ने कहा कि इस मामले में केवल मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार ही नहीं, बल्कि अकाली दल और कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारें भी जिम्मेदार हैं। उनका कहना है कि पंजाब पुलिस की वेबसाइट पर आज भी दोषी अधिकारियों को मिले वीरता पदकों का उल्लेख है, जबकि अदालत उन्हें इस मामले में दोषी ठहरा चुकी है। कालका और काहलों ने कहा कि दोषी व्यक्तियों को वीरता पदक अपने पास रखने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भगवंत मान सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पंजाब सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों का दिया हवाला, कहा- दोषी अधिकारियों को वीरता पदक रखने का अधिकार नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म सतलुज के रिलीज होने के बाद उग्रवाद के दौर में हुई कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। इसी बीच दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने खालड़ा अपहरण और हत्या मामले में दोषी ठहराए गए पुलिस अधिकारियों से वीरता पदक वापस लेने के लिए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।
कमेटी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों का तत्काल पालन करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर पंजाब सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। कमेटी अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि गृह मंत्रालय ने कई बार पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि अदालत से दोषी ठहराए गए पुलिस अधिकारियों से वीरता पदक वापस लिए जाएं। उनका आरोप है कि इसके बावजूद अब तक किसी भी सरकार ने इस पर अमल नहीं किया।
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आप-अकाली-कांग्रेस...तीन सरकारें घेरे में
कमेटी नेताओं ने कहा कि इस मामले में केवल मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार ही नहीं, बल्कि अकाली दल और कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारें भी जिम्मेदार हैं। उनका कहना है कि पंजाब पुलिस की वेबसाइट पर आज भी दोषी अधिकारियों को मिले वीरता पदकों का उल्लेख है, जबकि अदालत उन्हें इस मामले में दोषी ठहरा चुकी है। कालका और काहलों ने कहा कि दोषी व्यक्तियों को वीरता पदक अपने पास रखने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भगवंत मान सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पंजाब सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।
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