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Delhi NCR News: फैकल्टी भर्ती में अनियमितता के खिलाफ जेएनयू छात्र और शिक्षक संघ ने खोला मोर्चा
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जेएनयू कुलगुरु को पद से हटाने की मांग, राज्यसभा सांसदों ने भी किया समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में फैकल्टी की भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। जेएनयू छात्र संघ और शिक्षक संघ ने जेएनयू कुलगुरु प्रो. शांतिश्री डी पंडित को पद से हटाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। इसको लेकर बृहस्पतिवार को आयोजित हुई प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस वार्ता में राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास, वी. शिवदासन, जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा समेत अन्य शामिल हुए।
जेएनयू शिक्षक संघ ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि हाल ही में कम से कम सात शिक्षकों की नियुक्तियां यूजीसी के नियमों के विपरीत की गई हैं। विषय विशेषज्ञों वाली स्क्रीनिंग समितियों ने कुछ उम्मीदवारों को आवश्यक योग्यताएं पूरी नहीं करने के आधार पर खारिज कर दिया था। इसके बावजूद बाद में विश्वविद्यालय के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) के स्तर पर कुछ नाम अंतिम शॉर्टलिस्ट में शामिल किए गए। इन बदलावों के लिए संबंधित स्क्रीनिंग समितियों की मंजूरी नहीं ली गई। संघ ने फरवरी 2022 से अब तक हुई 200 से अधिक शिक्षक नियुक्तियों का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की है।
भर्ती के लिए नियमों को किया दरकिनार : संजय सिंह
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि पसंद के लोगों की भर्ती के लिए नियमों को दरकिनार किया गया है। इस मामले में केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुलगुरु के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार जेएनयू सहित देश के सारे विश्वविद्यालयों को बर्बाद करना चाहती है। इस कारण हिंदुस्तान का कोई भी विश्वविद्यालय दुनिया के 300 की रैंकिंग में भी नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में फैकल्टी की भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। जेएनयू छात्र संघ और शिक्षक संघ ने जेएनयू कुलगुरु प्रो. शांतिश्री डी पंडित को पद से हटाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। इसको लेकर बृहस्पतिवार को आयोजित हुई प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस वार्ता में राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास, वी. शिवदासन, जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा समेत अन्य शामिल हुए।
जेएनयू शिक्षक संघ ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि हाल ही में कम से कम सात शिक्षकों की नियुक्तियां यूजीसी के नियमों के विपरीत की गई हैं। विषय विशेषज्ञों वाली स्क्रीनिंग समितियों ने कुछ उम्मीदवारों को आवश्यक योग्यताएं पूरी नहीं करने के आधार पर खारिज कर दिया था। इसके बावजूद बाद में विश्वविद्यालय के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) के स्तर पर कुछ नाम अंतिम शॉर्टलिस्ट में शामिल किए गए। इन बदलावों के लिए संबंधित स्क्रीनिंग समितियों की मंजूरी नहीं ली गई। संघ ने फरवरी 2022 से अब तक हुई 200 से अधिक शिक्षक नियुक्तियों का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की है।
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भर्ती के लिए नियमों को किया दरकिनार : संजय सिंह
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि पसंद के लोगों की भर्ती के लिए नियमों को दरकिनार किया गया है। इस मामले में केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुलगुरु के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार जेएनयू सहित देश के सारे विश्वविद्यालयों को बर्बाद करना चाहती है। इस कारण हिंदुस्तान का कोई भी विश्वविद्यालय दुनिया के 300 की रैंकिंग में भी नहीं है।
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