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Delhi NCR News: किसानका का राजधानी में लॉन्च, बिना बिजली पानी शुद्ध करने वाली बूंद तकनीक का प्रसारण
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। कृषि-स्थिरता और ग्रामीण नवाचार से जुड़ी पहल कोे आगे बढ़ाते हुए, किसानका ने बृहस्पतिवार को राजधानी में अपना लॉन्च कार्यक्रम किया। आयोजन राजा आईटीओ स्थित राममोहन राय हॉल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कृषि, जलवायु परिवर्तन, नीति-निर्माण, नवाचार और जमीनी स्तर पर काम करने वाले संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। शुरुआत प्रकृति-प्रेरित जागरूकता नृत्य से हुई, जिसने मिट्टी, जल, किसान और खाद्य सुरक्षा के आपसी संबंध को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत किया। यह प्रस्तुति में प्रकृति और मानव जीवन के संतुलन को केंद्रीय स्थान दिया गया है। वहीं, इस लॉन्च कार्यक्रम को सतत कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में सहयोगात्मक प्रयासों को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर किसानका ने अपनी प्रमुख पहलों पर आधारित ई-बुक्स की श्रृंखला का भी लोकार्पण किया।
-बिना बिजली के पानी को फिल्टर करने में सक्षम है बूंद
लॉन्च कार्यक्रम का सबसे अहम क्षण रहा बूंद तकनीक का लाइव डेमो। किसानका की यह पेटेंट प्राप्त नवाचार तकनीक बिना बिजली या सोलर ऊर्जा के, अपशिष्ट जल को पीने योग्य पानी में बदलने में सक्षम है। खासतौर पर जल-संकटग्रस्त और ग्रामीण इलाकों के लिए डिजाइन की गई यह प्रणाली मानव-संचालित, किफायती और टिकाऊ समाधान के रूप में सामने आई है।
किसानका की शुरुआत किसी कारोबारी विचार से नहीं, बल्कि किसानों की जमीनी चुनौतियों को समझने से हुई। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों और नवाचार, परंपरा और तकनीक, तथा शिक्षा और क्रियान्वयन के बीच की खाई को पाटने का प्रयास है।
-श्रेष्ठा गांगुली, निवेशक और सह-स्वामिनी, किसानका
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नई दिल्ली। कृषि-स्थिरता और ग्रामीण नवाचार से जुड़ी पहल कोे आगे बढ़ाते हुए, किसानका ने बृहस्पतिवार को राजधानी में अपना लॉन्च कार्यक्रम किया। आयोजन राजा आईटीओ स्थित राममोहन राय हॉल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कृषि, जलवायु परिवर्तन, नीति-निर्माण, नवाचार और जमीनी स्तर पर काम करने वाले संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। शुरुआत प्रकृति-प्रेरित जागरूकता नृत्य से हुई, जिसने मिट्टी, जल, किसान और खाद्य सुरक्षा के आपसी संबंध को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत किया। यह प्रस्तुति में प्रकृति और मानव जीवन के संतुलन को केंद्रीय स्थान दिया गया है। वहीं, इस लॉन्च कार्यक्रम को सतत कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में सहयोगात्मक प्रयासों को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर किसानका ने अपनी प्रमुख पहलों पर आधारित ई-बुक्स की श्रृंखला का भी लोकार्पण किया।
-बिना बिजली के पानी को फिल्टर करने में सक्षम है बूंद
लॉन्च कार्यक्रम का सबसे अहम क्षण रहा बूंद तकनीक का लाइव डेमो। किसानका की यह पेटेंट प्राप्त नवाचार तकनीक बिना बिजली या सोलर ऊर्जा के, अपशिष्ट जल को पीने योग्य पानी में बदलने में सक्षम है। खासतौर पर जल-संकटग्रस्त और ग्रामीण इलाकों के लिए डिजाइन की गई यह प्रणाली मानव-संचालित, किफायती और टिकाऊ समाधान के रूप में सामने आई है।
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किसानका की शुरुआत किसी कारोबारी विचार से नहीं, बल्कि किसानों की जमीनी चुनौतियों को समझने से हुई। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों और नवाचार, परंपरा और तकनीक, तथा शिक्षा और क्रियान्वयन के बीच की खाई को पाटने का प्रयास है।
-श्रेष्ठा गांगुली, निवेशक और सह-स्वामिनी, किसानका